उज्जैन (ब्यूरो) - जिले की जनपद पंचायत तराना उज्जैन संभाग की अजब-गजब जनपद है, जहां नित-नए किस्से सामने आते हैं। कुछ दिन पहले फर्जी बीपीएल कार्ड का मामला सामने आया था। अब यहां ग्राम कोटवार को समग्र आईडी में पिछले एक साल से मृत घोषित कर रखा है। इस वजह से ग्राम कोटवार को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकारी कागजातों में मृत होने के बाद भी इस ग्राम कोटवार ने एक साल तक नौकरी की। सरकार से ही वेतन भी लिया। फिर भी वह सरकारी कागजातों में जिंदा नहीं हो सका। अब सरकारी कार्यालयों में अपने जिंदा होने के सबूत लेकर चक्कर लगा रहा है। उज्जैन जिले की तराना तहसील के ग्राम पंचायत काथड़ी के ग्राम कोटवार अंबाराम अमजोरिया के साथ यह सब कुछ हुआ है। अंबाराम का कहना है कि जनपद पंचायत तराना ने मेरी समग्र आईडी में मुझे 2019 में मृत घोषित कर दिया। मैंने अगस्त 2022 तक ग्राम कोटवार का कार्य किया है। इसकी मुझे तनख्वाह भी मिली है। जनपद पंचायत तराना ने ही अपने ग्राम कोटवार को मृत घोषित कर रखा है। ग्राम कोटवार अंबाराम अमजोरिया जनपद पंचायत का बनाया अपना मृत्यु प्रमाण पत्र भी जिंदा होने के बाद साथ ले...