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पानी की किल्लतः 2-2 किमी से पुरुष बैलगाड़ियों में और महिलाएं सिर पर पानी लाने मजबूर

  नेपानगर/बुरहानपुर (ब्युरो) -   भीषण गर्मी के चलते धुलकोट क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में धीरे धीरे अब जलसंकट गहराने लगा है जिससे आदिवासियों को राहत मिलने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र में जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। आदिवासी क्षेत्र धुलकोट की ग्राम पंचायत बोरी, जलान्द्रा में स्थिति ज्यादा बिगड़ने लगी है। जलान्द्रा के बोरदड़ गांव और ग्राम पंचायत बोरी बुजर्ग के चिखलिया गांव में पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत देखी जा रही है। ग्राम पंचायत जलान्द्रा के बोलदड़ फालिया में लगभग एक वर्ष से नलों में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को एक किमी दूर तपती धूप में ऊंची चढ़ाई कर पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर पंचायत कोई ध्यान नहीं दे रही है। तपती धूप में पानी लाना पड़ रहा है। लू लगने से महिलाएं बीमार हो रही है। दूसरी ओर ग्राम पंचायत बोरी बुजर्ग के अंतर्गत आने वाले चिखलिया गांव में भी जलसंकट की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण सुबह शाम दो से तीन किमी दूर से बैलगाड़ियों से पानी ला...

पानी का टैंकर नहीं मिलने से नाराज पार्षद पति ने कीचड़ में बैठकर जताया विरोध, भाजपा पर लगाए आरोप

     खंडवा (ब्यूरो) - भीषण गर्मी के बीच खंडवा में पेयजल संकट छाया हुआ है। नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन फूट जानें के कारण शहर में चार दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। इसी बीच पानी का टैंकर नहीं मिलने से नाराज पार्षद पति ने कीचड़ में बैठकर विरोध किया है। दरअसल, खंडवा के सरोजिनी नायडू वार्ड में पानी के टैंकर नहीं मिलने से नाराज पार्षद पति असलम गौरी ने लाल चौकी स्थित फिल्टर प्लांट पर जमकर हंगामा किया। पार्षद पति का आरोप है कि भाजपा के वार्डों में टैंकर दिए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के जिन वार्डों में पार्षद हैं वहां टैंकर के लिए रोज परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा टैंकर नहीं मिल रहे हैं। नगर निगम आयुक्त ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है, ऐसे में हम कहां जाए। जब तक मेरे वार्ड में पानी का टैंकर नहीं मिलेगा में कीचड़ से नहीं उठेंगे। बता दें कि गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल है। इसी बीच 120 करोड़ रुपए से बनी नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन आए दिन फूट रही है। जिसके कारण शहर में जल संकट से लोग परेशान हो रहे हैं।

शहर सरकार के विरोध में उन्ही के पार्षदों ने किया प्रदर्शन, निगम कर्मियों पर टैंकर बेचने का आरोप

  इंदौर (निप्र) - मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के कुछ वार्डों में पानी की किल्लत हो गई है। निगम द्वारा पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से बीजेपी सरकार के निगम में बीजेपी पार्षदों को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने निगम के कर्मचारियों पर टैंकर बेचने का भी आरोप लगाया है। दरअसल इंदौर के स्नेह नगर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 65 के पार्षद पानी की टंकी के नीचे अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए। पिछले लंबे समय से पार्षद क्षेत्र में पानी की परेशानी को लेकर लगातार निगम अधिकारियों से पानी की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हीं से लगे कुछ वार्डों में पानी ठीक से सप्लाई हो रही है लेकिन वार्ड 65 में पानी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में पार्षद द्वारा महापौर पुष्यमित्र भार्गव को शिकायत करने के बाद कुछ दिन तक सप्लाई ठीक होती है लेकिन उसके बाद फिर पानी की किल्लत हो जाती है।   वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कलर के मुताबिक क्षेत्र की जनता के लिए पानी की मांग कर रहा हूं। हमारी सरकार केंद्र में भी और प्रदेश में है। नगर निगम में महापौर बीजेपी का है लेकिन इसके बाद अर्धनग्न होकर...

भीषण गर्मी से खंडवा में जल संकट, 120 करोड़ की योजना के घोटाले की जांच ED-CBI से कराने की मांग

खंडवा (ब्यूरो) - जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के साथ ही कृत्रिम जल संकट पनप रहा है। नगर में बिछी नर्मदा जल की पाइप लाइन के फूट जाने से पिछले चार दिनों से नलो में पानी नहीं आ पाया है, जिसके चलते अब शहरवासी आंदोलन तक पर उतर आए हैं। बता दें कि 120 करोड़ की नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन आए दिन फूट जाती है, जिससे खंडवा में कृत्रिम जल संकट उत्पन्न हो जाता है। शहर में पिछले चार दिनों से पानी नहीं आने से अब शहर भीषण जल संकट की चपेट में आ गया है। हालांकि जल संकट से निपटने के लिए निगम वार्डो में टेंकरो की मदद से पानी की सप्लाई कर रहा है। लेकिन इस सप्लाई में भी जिसकी लाठी उसी की भैंस वाली बात देखने को मिल रही है। नगर में पनपे इस जल संकट के बाद यहां के कांग्रेस नेता और निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौड़ लोगों के साथ फिल्टर प्लांट पर पहुंच गए, और मटके फोड़ कर विरोध दर्ज कराने लगे। इस दौरान कांग्रेस नेता ने महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि भाजपा के पार्षद ओर नेता अपने वार्डो में पानी के टैंकर ले जा रहे हैं। जबकि अन्य वार्ड वासियों को पानी नहीं मिल रहा।         ...

भू-जल लेवल गिरने से इंदौर समेत मध्य प्रदेश के 86 ब्लॉक में पेयजल संकट का अलर्ट

  इंदौर में भूजल का स्तर 2012 में 150 मीटर था, जो 2023 में 160 मीटर से अधिक हो गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भूजल दोहन इसी गति से जारी रहा तो 2030 तक भूजल स्तर 200 मीटर से अधिक गहरा हो सकता है. भूजल स्तर में गिरावट के कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं. भोपाल (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश के इंदौर के शहरी क्षेत्र, धार के तिरला, राजगढ़ के नरसिंहगढ़, सीहोर के आष्टा और छिंदवाड़ा ब्लॉक का भूजल स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है. इसका खुलासा केंद्रीय भूमिजल आयोग के वर्ष 2023 की रिपोर्ट में हुआ है. इसमें बताया गया है कि प्रदेश में 60 ब्लॉक ऐसे हैं, जो अभी सेमी क्रिटिकल श्रेणी में हैं. यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो यहां के हालात भयावह होंगे. वहीं 26 ब्लॉक ऐसे में हैं, जहां भूजल का अत्याधिक दोहन किया जा रहा है. हालांकि अभी भी प्रदेश के 226 ब्लॉक में भूजल का स्तर ठीक है. केंद्रीय भूमिजल आयोग के अनुसार मध्यप्रदेश में भूजल का 90 प्रतिशत पुनर्भरण वर्षा के जल से होता है. यदि वर्ष 2023 की बात करें तो मानसून के बाद जितना भूजल बढ़ा, उसमें से 58.75 प्रतिशत भूजल का दोहन कर लिया गया. इसमें 90 प्रतिशत भूजल का...

यहां गलियों के ऊपर से गुजरते हैं पानी के पाइप, जुगाड़ से प्यास बुझा रहे लोग

  राजगढ़ (ब्यूरो) - जिले के  सारंगपुर क्षेत्र का एक गांव लगभग 5 वर्ष से अधिक समय से शहरी क्षेत्र से नजदीक होने के कारण ग्राम पंचायत से हटाकर नगरपालिका में शामिल किया गया है। लेकिन, गांव में सिर्फ ग्राम पंचायत की जगह नगरपालिका का नाम ही बदला है। इसके हालात जस के तस है। गांव के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खिया बटोर रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने कुएं में पानी की सैकड़ों मोटर उतारकर स्वयं की नल जल योजना शुरू की है, जिससे वे अपने मकानों तक पानी पहुंचा रहे है। दरअसल, यह पूरा मामला लगभग 700 से ज्यादा आबादी वाले सारंगपुर के राधा नगर इलाके का है, जहां सरकार की नल जल योजना का फायदा ग्रामीणों को अभी तक नहीं मिला है। यह सारंगपुर नगर के वार्ड क्रमांक 18 में कई साल से शामिल हैं। पहले ये हिस्सा स्वतंत्र गांव के रूप में आबाद था, लेकिन 2015 में इसे सारंगपुर नगर पालिका में शामिल कर लिया गया था। 2015 के पहले ग्रामीण क्षेत्र होने से यहां के हर घर में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजना उपलब्ध करवाई जानी थी, लेकिन नगरीय सीमा में शामिल होने के बाद मिशन ने इस गांव को कार्ययोजना...

इंदौर जल अभाव क्षेत्र घोषित, बिगड़ते हालात देख प्रशासन ने जिले में नलकूप खनन पर लगाई रोक

    इंदौर (ब्यूरो) - पिछले वर्षों में इंदौर शहर में भूजल के स्तर के भले ही सुधार हुआ है, लेकिन देपालपुर व सांवेर जैसे इलाकों में कृषि कार्य के लिए अत्यधिक भूजल दोहन हो रहा है। दिसंबर 2023 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इंदौर जिले में 119.3 प्रतिशत भूजल दोहन का आकलन किया गया है। यानि प्राकृतिक रूप से जितना जल पुर्नभरण हो रहा है, उसके मुकाबले हम 19.3 प्रतिशत अधिक भूजल उपयोग कर रहे हैं। इसी कारण जिला प्रशासन ने अब इंदौर जिले को जल अभाव क्षेत्र घोषित कर नए नलकूप खनन पर रोक लगा दी है। कलेक्टर आशीष सिंह ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। कलेक्टर ने मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 (अधिनियम) में विहित प्रविधानों के अनुरूप जिले के शहरी एवं ग्रामीण संपूर्ण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर 18 मार्च से 30 जून 2024 तक प्रतिबंध लगाया गया है। अवैध रूप से नलकूप खनन करने वालों पर संबंधित राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारी संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफआइआर दर्ज ...