भीषण गर्मी के बीच बिजली की डिमांड अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में अघोषित कटौती ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस पर सरकार का दावा है कि बिजली की मांग बढ़ी है लेकिन हम उसके अनुसार अप्लाई कर रहे हैं। भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में चढ़ते पारे के साथ बिजली की आंख-मिचौली ने जीना मुश्किल कर दिया है। पंखों ने तो पहले ही हाथ खड़े कर दिए थे। अब कूलर भी राहत देने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में एयरकंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बिजली की डिमांड पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, ज्यादातर जिलों में अघोषित कटौती ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। सरकार का दावा है कि कटौती नहीं हो रही है। जितनी बिजली चाहिए, उतनी उपलब्ध है। भोपाल के बैरागढ़ में बिजली कटौती से तंग आकर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जिलों से भी बिजली कटौती के विरोध की खबरें सामने आ रही है। इस बीच ऊर्जा विभाग का कहना है कि 23 मई को बिजली की अधिकतम मांग 13 हजार 955 मेगावाट दर्ज की गई। यानी 30.74 करोड़ यूनिट सप्लाई की गई। यह पिछले साल गर्मी में दर्ज पीक डिमांड से अध...