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बिजली की डिमांड का रिकॉर्ड टूटा, कई जिलों में अघोषित कटौती कर रही परेशान

 भीषण गर्मी के बीच बिजली की डिमांड अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में अघोषित कटौती ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस पर सरकार का दावा है कि बिजली की मांग बढ़ी है लेकिन हम उसके अनुसार अप्लाई कर रहे हैं।  भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में चढ़ते पारे के साथ बिजली की आंख-मिचौली ने जीना मुश्किल कर दिया है। पंखों ने तो पहले ही हाथ खड़े कर दिए थे। अब कूलर भी राहत देने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में एयरकंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बिजली की डिमांड पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, ज्यादातर जिलों में अघोषित कटौती ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। सरकार का दावा है कि कटौती नहीं हो रही है। जितनी बिजली चाहिए, उतनी उपलब्ध है। भोपाल के बैरागढ़ में बिजली कटौती से तंग आकर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जिलों से भी बिजली कटौती के विरोध की खबरें सामने आ रही है। इस बीच ऊर्जा विभाग का कहना है कि 23 मई को बिजली की अधिकतम मांग 13 हजार 955 मेगावाट दर्ज की गई। यानी 30.74 करोड़ यूनिट सप्लाई की गई। यह पिछले साल गर्मी में दर्ज पीक डिमांड से अध...

साल 2019 में दो हजार करोड़ के नुकसान को 2022 में बिजली के दाम बढ़ाकर वसूली की तैयारी

जबलपुर (ब्यूरो) - राज्य में साल में तीन बार यू ही दाम नहीं बढ़ रहे है। लगातार बढ़ रहे घाटे की भरपाई के लिए कंपनी की तरफ से विद्युत नियामक आयोग में दाम बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। हाल ही में मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बिजली दर निर्धारण की याचिका दी है। इसमें 3915 करोड़ रुपये का अंतर दिखाया गया है। इस अंतर की राशि में साल 2019 में हुए घाटे को भी जोड़ा गया है जो करीब दो हजार करोड़ रुपये है। इसी वजह से कंपनी ने इतने बड़े अंतर को खत्म करने के लिए 8.71 फीसद बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है। ज्ञात हो कि बिजली कंपनी ने 2022-23 के लिए 48 हजार 874 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है। इसमें आय में करीब 3915 करोड़ रुपये की कमी बनी हुई है जिसकी भरपाई के लिए कंपनी ने बिजली की दर को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के राजस्व लक्ष्य में कंपनी को करीब दो हजार करोड़ रुपये की कम आय हुई थी। जिसे कंपनी इस साल उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी में है। यदि इस राशि को अलग कर दिया जाए तो कंपनी का आय में अंतर 1900 करोड़ के आसपास पहुंच जाएंगा। जि...