अपने खास गुणों के कारण नर्मदा में ही पाई जाती है महाशीर मछली नर्मदा की धार टूटने और पानी प्रदूषित होने से विलुप्त हुई महाशीर मछली चक्र डेस्क - आप मानें या ना मानें, इस पवित्र, जीवनदायिनी नर्मदा नदी का अस्तित्व खतरे में है। इसका संकेत किसी और ने नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की स्टेट फिश महाशीर ने ही दिया है। महाशीर टाइगर ऑफ वॉटर के नाम से मशहूर है। हमारी लापरवाही से महाशीर मछली नर्मदा से खत्म हो गई है। अब भी यदि हम नहीं रुके तो वो दिन दूर नहीं जब नर्मदा नदी सिर्फ इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाएगी। महाशीर मछली की खासियत ये है कि यह फ्रेश वॉटर यानी ताजे पानी में ही रहती है। यह विपरीत धारा में 20.25 नॉटिकल मील (1 नॉटिकल मील=1.85 किमी) की रफ्तार से तैर सकती है। मतलब यह बहते पानी में ही रहती है। अब सवाल यह उठता है कि इससे नर्मदा के खत्म होने का कैसे पता चलता है। दरअसल, महाशीर मछली अपने खास गुणों के कारण ही मध्य प्रदेश में सिर्फ नर्मदा नदी में ही पाई जाती है पर अब ये विलुप्त होने की कगार पर है। वजह ये कि प्रदूषण बढ़ने से नर्मदा का पानी फ्रेश वॉटर नहीं रहा, जिसके कारण महाशीर सर्वाइव न...