मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के साथ जो कुछ भी हुआ वह अप्रत्याशित है। विधानसभा चुनाव से पहले वेतन में वृद्धि, 1 साल का अनुबंध, नियमित शिक्षक भर्ती में 50% आरक्षण, नियमितीकरण के लिए विशेष पात्रता परीक्षा जैसी घोषणाएं की गई और लोकसभा चुनाव के दौरान सरकार ने वेतन तक नहीं दिया। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को दूर की बात पार्टी के किसी पदाधिकारी ने आश्वासन के दो शब्द तक नहीं बोले। भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि अतिथि शिक्षकों का अनुबंध पूरे 1 साल के लिए होगा। इसके बावजूद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री डीएस कुशवाह ने मध्य प्रदेश के लगभग 70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। इतना ही नहीं, हजारों अतिथि शिक्षकों को उनके काम के बदले वेतन तक नहीं दिया। हर साल अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति हेतु विधिवत आदेश जारी किए जाते थे। इसमें स्कूलों के प्राचार्य को पत्र जारी करके निर्देशित किया जाता था कि अतिथि शिक्षकों को सेवा समाप्ति की सूचना दें एवं यदि 30 अप्रैल के बाद किसी भी अतिथि शिक्षक से ...