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सैकड़ों किसानों ने बिजली कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन, दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

  हरदा (निप्र) - बिजली की समस्या को लेकर 5 गावों के सैकड़ों किसानो ने बिजली कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया । इतना ही नहीं मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी। अधिकारी ने मीडिया को कवरेज करने से रोका, बोले मेरे चैबर मे बिना अनुमति के वीडियो नहीं बना सकते। अधिकारी कुर्सी पर बैठे रहे किसानों को जमीन पर बैठा कर सुनी बात। बिजली पानी की समस्या को लेकर जिले के सैकड़ों किसान कई दिनों से परेशान हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात पर अमल नहीं करता सिर्फ उन्हें आश्वासन देकर लौटा देता है। आज फिर करीब 15 गावों के सैकड़ों किसानों ने बिजली कार्यालय मे धरना प्रदर्शन कर चुनाव बहिस्कार करने की बात कही है। ग्राम रन्हाई कला, रेलवा, ऐडाबेडा और झाडपा फीडर के सैकड़ों किसान पर्याप्त बिजली ना मिलने की समस्या को लेकर बिजली कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान ज़ब अधिकारी किसानों से चैंबर में बात कर रहे थे तो मीडिया को कवरेज करने से रोक दिया गया। मीडिया के दखल के बाद अधिकारी किसानों से बात करने बाहर आए और कुर्सी पर बैठ गए और किसानों को नीचे ही बैठा रखा। किसानो ने कह...

3400 करोड़ रुपये के स्मार्ट मीटर लगाकर कैसे रुकेगी बिजली चोरी?

 मप्र विद्युत् नियामक आयोग की जनसुनवाई में उठे सवाल जबलपुर (ब्यूरो) - बिजली चोरी रोकने का हवाला देते हुए पूर्व क्षेत्र कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर अमल किया है। इस संबंध में कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग से मंजूरी मांगी थी। जिस पर मंगलवार को जनसुनवाई हुई। आपत्तिकर्ताओं ने आयोग के सामने सवाल उठाया कि आखिर स्मार्ट मीटर लगने से कैसे बिजली चोरी रोकी जाएगी। इस सवाल पर कोई वाजिब जवाब भी नहीं मिला। कंपनी की तरफ से अपत्तिकर्ता को लिखित जवाब में बताया गया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह खरीदी की जा रही है। जबलपुर के राजेंद्र अग्रवाल के अलावा भोपाल और टीकमगढ़ समेत तीन आपत्तिकर्ताओं ने मामले पर अपनी बात रखी। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि 9466 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को यदि मंजूरी मिल जाए तो वह अपने नुकसान को 15 प्रतिशत तक कर सकती है। इस काम के लिए चार साल का वक्त मांगा गया है। पूर्व क्षेत्र कंपनी ने पूंजीगत निवेश योजना के तहत मप्र विद्युत नियामक आयोग में याचिका लगाई है। जिसके लिए आम लोगों से आपत्ति मांगी गई थी। इस संबंध में एडवोकेट और पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ...

बिजली कंपनियां फिर काटेंगी हमारी जेब, तीन फीसदी महंगी हो सकती है घरेलू बिजली

  भोपाल (स्टेट ब्यूरो) -   मध्यप्रदेश में महज छह महीने बात एक बार फिर बिजली महंगी हो सकती है. बिजली कंपनियों ने घाटे का हवाला देते हुए घरेलू बिजली के दामों में तीन फीसदी के इजाफे की सिफारिश की है. यही नहीं, पहली बार मेट्रो ट्रेन के लिए बिजली की नई टैरिफ का भी प्रस्ताव है. प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों ने मप्र विद्युत  विनियामक आयोग को बिजली की दरें (टैरिफ) बढ़ाने की याचिका दायर की है. इसी याचिका में मेट्रो ट्रेन के लिए नया टैरिफ निर्धारित किए जाने का प्रस्ताव दिया है.मप्र में अभी घरेलू, गैर घरेलू, रेलवे सहित अन्य को मिलाकर 9 प्रकार के टैरिफ का निर्धारण द्वारा किया जाता है. गौरतलब है कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है. संभावना जताई जा रही है कि साल 2023-24 तक भोपाल और जबलपुर में मेट्रो चालू हो जाएगी. इसी को देखते हुए बिजली कंपनियों ने अभी से मेट्रो के लिए दी जाने वाली बिजली के लिए टैरिफ निर्धारित का प्रस्ताव याचिका में रखा है. आयोग में सुनवाई के बाद नई दरें लागू करने की मंजूरी मिलेगी.  कंपनियों ने बताया करीब 1500 करोड़ का घाटा  कंपनियों ने करीब...