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प्रदेश के आदिवासी अंचल में मचेगी भगोरिया की धूम, दिखेगी प्राचीन परंपरा की झलक, इस बार लोकसभा चुनावों के बीच भगोरिया हाट

  भागोरिया  एक ऐसा उत्सव है जो उमंगों के रंग और गुलाल को खुद में समेटे हुए है। ये एक ऐसा उत्सव है जो आदिवासियों के जीवन में उत्साह ले कर आता है, प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में भगोरिया की धूम तो है। जगह-जगह पर भगोरिया मेला भी लगता है लेकिन, इस उत्सव का कनेक्शन सिर्फ मध्यप्रदेश से ही नहीं देश के कई इलाकों से भी है।  खरगोन (ऋतेश दुबे) -  आदिवासी इलाकों को आज से भगोरिया पर्व का उल्लास छाने वाला है। ये आदिवासियों के सबसे प्रमुख उत्सवों में से एक है। जिसका उल्लास खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिले में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। यहां नगर ग्राम और कस्बे के हाट बाजारों में मेले का आयोजन किया जाता है। इन मेलों में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे आदिवासी ढोल मांदल की थाप और बांसुरी की धुन पर जमकर थिरकते हैं। होली के एक हफ्ते पहले से आदिवासी अंचलों में भगोरिया मेले की शुरुआत हो जाती है। यहां पर प्राचीन आदिवासी संस्कृति के दर्शन होते है। भगोरिया मेले में आदिवासी लोकसंस्कृति के रंग चरम पर नजर आते हैं। पर्व की तारीखों की घोषणा के साथ ही जगह-जगह पर भगोरिया हाट को...

भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त, जांच में जुटी पुलिस

  अलीराजपुर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में अवैध गतिविधियों पर अकुंश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में अलीराजपुर जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध रूप से शराब परिवहन करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में शराब जब्त किया है। दरअसल, जिले के बोरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पिकअप से अवैध तरीके से शराब परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस कार्रवाई करते हुए ग्राम पाटबयडी में एक पिकअप को रोका। तलाशी लेने पर उसमें शराब की पेटियां मिली। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर को धर दबोचा और वाहन को जब्त कर थाने लाया गया। जहां शराब पेटियों की गिनती की गई। पुलिस के अनुसार, 165 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 4 लाख से अधिक आंकी गई है। फिलहाल, पुलिस आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर पूछताछ कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाया गया और इसकी सप्लाई कहां करनी थी।

एमपी सरकार ले आई महुआ से बनी 'विरासत' शराब, सरकार की अन्य राज्यों में बेचने की योजना

 भोपाल (ब्यूरो) -   एमपी में आदिवासियों की आबादी बड़ी है। आदिवासी बाहुल इलाकों में महुआ शराब का निर्माण खूब होता है। यह चोरी चुपके होता था। अब सरकार इसके लिए नीति लाकर उनके लिए रोजगार के नए अवसर खोल रही है। बार और वाइन शॉप में महुआ शराब की मांग के बाद आदिवासी बहुल इलाकों में इससे जुड़े काम बढ़ेंगे। अभी सरकार ने इसे लेकर प्रयोग शुरू किया है। राज्य सरकार की तरफ से प्रस्ताव को खारिज किए जाने के ठीक एक साल बाद मध्यप्रदेश में महुआ की 'विरासत' शराब अब अलमारियों में है। सरकार की योजना इसे अन्य राज्यों में बेचने की है। 180 मिलीलीटर और 750 मिलीलीटर की बोतलों में 'मोंड' ब्रांडेड महुआ वाइन पेश की गई है, जिसकी कीमत सरकार ने 200 रुपए और 800 रुपए रखी है इसकी आपूर्ति शुक्रवार को राज्य पर्यटन निगम के बारों में की गई थी। इसे वाइन शॉप पर भी बेचा जाएगा लेकिन शराब की दुकानों पर नहीं। बार में इसके पैग की कीमत सरकार नियंत्रित नहीं करेगी। इस साल जनवरी में, सरकार ने एमपी 'हेरिटेज शराब' नियमों को अधिसूचित किया। फीडबैक लेने के लिए एमपी टूरिज्म कॉरपोरेशन (एम. पी. टी. सी.) में बार में महुआ...