प्रदेश के आदिवासी अंचल में मचेगी भगोरिया की धूम, दिखेगी प्राचीन परंपरा की झलक, इस बार लोकसभा चुनावों के बीच भगोरिया हाट
भागोरिया एक ऐसा उत्सव है जो उमंगों के रंग और गुलाल को खुद में समेटे हुए है। ये एक ऐसा उत्सव है जो आदिवासियों के जीवन में उत्साह ले कर आता है, प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में भगोरिया की धूम तो है। जगह-जगह पर भगोरिया मेला भी लगता है लेकिन, इस उत्सव का कनेक्शन सिर्फ मध्यप्रदेश से ही नहीं देश के कई इलाकों से भी है। खरगोन (ऋतेश दुबे) - आदिवासी इलाकों को आज से भगोरिया पर्व का उल्लास छाने वाला है। ये आदिवासियों के सबसे प्रमुख उत्सवों में से एक है। जिसका उल्लास खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिले में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। यहां नगर ग्राम और कस्बे के हाट बाजारों में मेले का आयोजन किया जाता है। इन मेलों में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे आदिवासी ढोल मांदल की थाप और बांसुरी की धुन पर जमकर थिरकते हैं। होली के एक हफ्ते पहले से आदिवासी अंचलों में भगोरिया मेले की शुरुआत हो जाती है। यहां पर प्राचीन आदिवासी संस्कृति के दर्शन होते है। भगोरिया मेले में आदिवासी लोकसंस्कृति के रंग चरम पर नजर आते हैं। पर्व की तारीखों की घोषणा के साथ ही जगह-जगह पर भगोरिया हाट को...