शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदस्थापना और तबादले की जो नीति अपनाई है वह अव्यहवारिक है। इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही बरती गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 अक्टूबर को तबादला आदेश जारी किया था। बता दें कि नई तबादला नीति के तहत 43 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया था। भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति बबाल बन कर सामने आ रही है। इस नीति में 24 हजार शिक्षकों को उनके मनपसंद स्थान पर तबादला किया गया था। अब यह तबादला उनके लिए आफत बन गया है। भोपाल आए 300 से अधिक शिक्षकों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। यही हालत अन्य कई जगह तबादला पाए शिक्षकों का है। अब इन शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हो गए हैं कि होम लोन, बीमा की किस्त, बच्चों की कोचिंग फीस के लिए शिक्षकों को घर-घर जाना पड़ रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदस्थापना और तबादले की जो नीति अपनाई है वह अव्यहवारिक है। इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही बरती गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 अक्टूबर को तबादला आदेश जारी किया था। बता दें कि नई तबादला नीति के तहत 43 हजार शिक्ष...