भोपाल (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार के बड़े बड़े दावों की पोल एमपी बोर्ड के परीक्षा परिणामों में खोल कर रख दी है, हायर सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम इस साल उत्तर प्रदेश और बिहार बोर्ड से भी करीब 22 प्रतिशत कम है यानि मप्र में ऐसे छात्रों की एक बड़ी संख्या निकलकर आई है जो 12 पास करने के बाद होने वाली प्रतियोगी परीक्षा में इस साल शामिल नही हो पाएंगे क्योंकि वे फेल हो गए हैं, अब इस बात पर बहस छिड़ गई है कि आखिर इतना ख़राब परीक्षा परिणाम क्यों आया? इसकी एक बड़ी वजह शिक्षकों की कमी निकलकर सामने आ रही है? इस साल हायर सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम 64.49 प्रतिशत रहा है जबकि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में ये आंकड़ा 82.60 प्रतिशत और बिहार बोर्ड परीक्षा में 87.21 प्रतिशत रहा है, यानि बिहार जैसा राज्य जो बहुत सी बुनियादी सुविधाओं में मप्र से पीछे है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में आगे निकल गया, सरकार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अफसरों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना होगा। परीक्षा परिणाम जब सामने आया तो शिक्षा विभाग के अफसर अब इसका जवाब तलाश रहे हैं, ...