Skip to main content

Posts

Showing posts with the label आंदोलन

यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बढ़ी मुश्किल, मध्‍य प्रदेश में एफआईआर

ग्वालियर (ब्यूरो) - ‘रामचरितमानस विवाद’ मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. यूपी के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गुरुवार को मध्य प्रदेश में भी पहली एफआईआर दर्ज हुई है. हिंदू महासभा ने ग्वालियर के क्राइम ब्रांच थाने में मौर्य के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज कराया है. क्राइम ब्रांच पुलिस ने यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य सहित नौ लोगों के खिलाफ नामजद केस रजिस्टर्ड किया है. संगठन की शिकायत पर क्राइम ब्रांच थाने में धारा 153 ए के तहत धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज किया गया. ग्वालियर हिन्दू महासभा ने उत्तर प्रदेश में रामचरितमानस के अपमान को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को अपने खून से खत भी लिखा. इसके बाद महासभा ने एक रैली निकालकर एसपी को ज्ञापन दिया और स्वामी प्रसाद मौर्य को गिरफ्तार करने की मांग की. जल्द कार्रवाई नहीं होने की सूरत में हिंदू महासभा ने बड़े आंदोलन करने की चेतावनी दी. हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा...

उमा भारती ने ओरछा कस्बे में गायों को शराब की दुकान के सामने बांधा, दूध पीने का किया आह्वान

  निवाड़ी (डेस्क) - भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के ओरछा कस्बे में एक शराब की दुकान के सामने गायों को बांधकर उन्हें घास खिलायी और लोगों से शराब त्याग कर गाय का दूध पीने का आह्वान किया। भाजपा शासित मध्य प्रदेश में शराब की खपत के खिलाफ अभियान की अगुवाई कर रही पूर्व मुख्यमंत्री भारती ने कहा कि सरकार क़ो लोगों की शराब पीने की लत का फायदा नहीं उठाना चाहिए, यह सरकार का धर्म नहीं है। निवाड़ी जिले के ओरछा में शराब की दुकान के सामने गायों को बांधने के बाद भारती ने वहां मौजूद चंद लोगों से कहा कि उन्हें शराब के बजाय दूध पीना चाहिए। उन्होंने वहां गाय को चारा खिलाते हुए फोटो खिंचवाई और बाद में वहां से चली गयीं। भाजपा नेत्री ने पिछले साल जून में इसी शराब की दुकान पर गाय का गोबर फेंका था। मार्च 2022 में उन्होंने भोपाल में एक शराब की दुकान पर पत्थर फेंका था। ओरछा में शराब की दुकान के एक सेल्समैन ने वर्ष 2022 की घटना की पुनरावृत्ति के डर से भारती के यहां आने के बाद दुकान के शटर गिरा दिए। पूर्ण शराबबंदी पर दिया जोर भाजपा नेता ने पहले मध्य प्रदेश में प...

जातिगत जनगणना की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन

  ग्वालियर (ब्यूरो) - जातिगत जनगणना की मांग अब मध्यप्रदेश में भी जोर पकड़ने लगी है, यदुवंशी समाज संगठन के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश यादव के साथ रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट का घेराव किया, कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक लिया। दरअसल बिहार में जातिगत जनगणना की मांग पूरी होने के बाद विभिन्न जातिवादी संगठन 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी मांगों को मनवाने के लिए लामबंद हो रहे हैं। यदुवंशी‌ संगठन के नेता अपने हाथ में बाबा साहब अम्बेडकर की फोटो लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए नजर आए, अपनी 17 सूत्रीय मांगों में जातिगत जनगणना,सेना में अहीर रेजिमेंट का गठन, पिछले दिनों विवाद में घिरी गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर लगे टीनशैड को‌ हटाने, 27 प्रतिशत एससीएसटी आरक्षण को लागू करने, ग्वालियर में बने एक हजार बिस्तर के  हॉस्पिटल का नाम अम्बेडकर के नाम पर करने, नगर निगम पंचायत की भांति विधानसभा और लोकसभा में भी आरक्षण लागू करने, अम्बेडकर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने पर देशद्रोह का केस द...

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर चिकित्सक संपर्क यात्रा कल से, 32 जिलों के डॉ. शामिल होंगे

ग्वालियर (ब्यूरो) - प्रदेश में अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर चिकित्सक संपर्क यात्रा शुक्रवार से शुरू होगी। ग्वालियर से शुरू होने वाली यात्रा 32 जिलों से होकर 7 फरवरी को भोपाल पहुंचेगी। मध्य प्रदेश शासकीय/ स्वशासी चिकित्सक महासंघ के बैनर तले आयोजित यात्रा की मांगों का समाधान नहीं होने पर डॉक्टरों ने फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में कामबंद आंदोलन की चेतावनी दी हैं। महासंघ के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश में चिकित्सा का स्तर देश की सूची में लगातार निचले पायदान में जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर वार्ता करने 7 जनवरी से सरकार को निदान के लिए एक माह का समय दिया था। अब तक सरकार की तरफ से कोई वार्ता नहीं की गई। अब हम 27 जनवरी से चिकित्सक संपर्क यात्रा निकाल रहे है। जिसका समापन भोपान में होगा। इस बीच कोई सफल वार्ता नहीं होती है तो हम काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इन मुद्दों पर डॉक्टर चाहते है वार्ता चिकित्सकों का शासकीय चिकित्सालयों/ मेडिकल कॉलेज की नौकरी छोड़ना, हर स्तर (ब्लॉक, तहसील, जिला, मेडिकल कॉलेज) पर विषय विशे...

नहर योजना के कर्मचारियों को मिला विधायक बिरला का साथ, कर्मचारियों का धरना जारी

बड़वाह (निप्र) - बगैर कोई नोटिस देकर केवल मौखिक सुचना पर हटाए नर्मदा मालवा गम्भीर लिंक परियोजना संघ के करीब 40 कर्मचारीयो की अनिश्चितकालीन हड़ताल नववे दिन भी जारी रही| शनिवार को विधायक सचिन बिरला धरना स्थल पर पहुंचे| जहा उन्होंने करीब एक घंटे तक कर्मचारियों से चर्चा करने के बाद पम्पिंग स्टेशन का अवलोकन भी किया| इस दौरान विधायक को पता चला कि पूरी परियोजना में करीब 200 कर्मचारी होना चाहिए, लेकिन कम्पनी द्वारा मात्र 40-45 कर्मचारियों से ही कार्य करवाया जा रहा है| विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तुरंत ही एनवीडीए के ज़िम्मेदार से चर्चा की तो उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में 40-45 कर्मचारी है, साथ ही उन्होंने कहा कि हम पावर लिंक कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी कर चुके है| विधायक ने कहा कि विषय केवल कम्पनी एवं एनवीडीए का है, लेकिन इस परियोजना में 70 मजदूर जो कार्य कर रहे थे, उसमे से बडवाह के करीब 40 से अधिक मजदूर आसपास के क्षेत्र के ही है| यहा के स्थाई लोगो को हटा कर उनका रोजगार छिन लिया है| यह वह लोग है जिनकी जमीन गई है, जिनके खेत के पास से परियोजना निकली है, वही परिवा...

मंत्री को घेरा तो रस्सी से बांधकर ले गई पुलिस, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को भेजा जेल

 भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - भोपाल में हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को अपराधियों की तरह रस्सी से बांधकर गिरफ्तार करने के मामले में अब राजनीति तेज हो गई है. गौरतलब है कि जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी को घेराव इन संविदा कर्मचारियों ने किया था. इसे घेराव को लेकर बदले की गिरफ्तारी की गई है. वहीं  संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने नाराजगी जताई है. दर्जन भर कर्मचारी हुए गिरफ्तार  बताया जा रहा है कि जेपी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी के घेराव के बाद पुलिस जेपी हॉस्पिटल पहुंची और 10 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अपराधियों की तरह रस्सी से बांधकर ले गई. गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में तीन महिलाएं भी शामिल है. अरुण यादव ने किया ट्वीट पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट कर लिखा कि अपनी उचित मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जब स्वास्थ्य मंत्री से मिलने गए तो उनकी बात सुनने की जगह उन्हें गिरफ्तार कर आदतन अपराधियों की तरह रस्सी से...

साधु संतों ने निकाली त्राहिमाम यात्रा, देश भर के मंदिरों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग

 उज्जैन (निप्र) - बाबा महाकाल की नगरी में बुधवार को मां शिप्रा के राम घाट से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक साधु संतों व पुजारी पुरोहितों ने एकमत होकर त्राहिमाम यात्रा निकाली. यात्रा को देश भर के पुजारी पुरोहितों के करीब  21 संगठनों ने समर्थन दिया है. यात्रा में शामिल पुजारी पुरोहितों व साधु-संतों की मांग है कि देश भर के मंदिरों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए. अगर समाधान नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में भोपाल में उग्र आंदोलन किया जाएगा. साधु-संतों पुजारी पुरोहितों की कुल चार बड़ी मुख्य मांगे है. दरअसल मध्यप्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए गोपाल पुजारी ने कहा कि पुजारियों के घर और मंदिरों को तोड़ा जा रहा है. मंदिरों से बेदखल किया जा रहा है. हमारी प्रमुख मांग है कि मंदिरों को सरकारी तंत्र से मुक्त किया जाए, मठ मंदिरों का सरकारीकरण बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि त्राहीमाम यात्रा में करीब 800 से अधिक लोग शामिल हुए हैं, मांग नहीं मानने पर भोपाल में जो आंदोलन होगा, उसकी संख्या अनगिनत होगी. वहीं आने वाले चुनाव में भी सरकार को ताकत दिखाने की बात कही है. जानिए साधुओं की मुख्य मांगे...

'अभी करो अर्जेंट करो हमको परमानेंट करो ' हड़ताली महिला स्वास्थ्यकर्मीओं ने सीएम शिवराज को खून से लिखा पत्र

  राजगढ़ (ब्यूरो) - जिले में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल 6 दिनों से जारी है. शासन से अपनी दो मांगों को मनवाने के लिए जिले के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखे. कई महिला स्वास्थ्यकर्मी अपने बच्चों के साथ हड़ताल पर बैठी हैं तो कई महिलाएं अपने बच्चों को घर छोड़कर. सभी हड़ताली कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि हर बार आश्वासन दिया जाता है लेकिन हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं. हम लोगों की सेवा करने में जी जान लगा देते हैं बावजूद इसके हमारी कोई सुनवाई नहीं होती. शासन द्वारा हमारा शोषण किया जा रहा है. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सिर्फ 2 मांगे हैं. पहली सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए. दूसरी जिन संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया है, उन्हें वापस नौकरी पर रखा जाए. महिलाओं ने खून से मुख्यमंत्री को क्या लिखा? स्वास्थ्य कर्मी महिलाओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने खून से पत्र लिखा और सभी ने अलग-अ...

32 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को मिला 1.20 लाख नियमित का साथ, 21 से हड़ताल की दी चेतावनी

  भोपाल (ब्यूरो) -  21 दिसंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के तमाम सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो सकता है. गौरतलब है कि प्रदेश के 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर है, अब इसी बीच 1.20 लाख नियमित और आउट सोर्स कर्मचारियों ने भी दो दिन बाद यानी 21 दिसंबर से काम बंद कर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. अगर ऐसा होता है तो सरकारी अस्पताल में मरीजों इलाज मिलना ही बंद हो जाएगा साथ ही एक साथ सभी की परेशान भी बड़ सकती है. 41 सूत्री मांग को लेकर आंदोलन   बता दें कि स्वास्थ्य विभाग समेत चिकित्सा शिक्षा औऱ आयुष की तीन विधाओं को अलग-अलग संस्थाओं को सेवाएं देने वाले तमाम कर्मचारी संगठनों ने स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ बनाकर 41 सूत्रीय मांग रखी है. इसकी सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जा रहा है. महासंघ ने साफ तौर पर कहा है कि अगर हमारी मांग नहीं मानी तो फिर 21 दिसंबर से लाखों स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल करेंगे. - संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित किया जाए. - विभागों में सीधी भर्ती पदपूर्ति की जाए. - पुरानी पेंशन बहाल किए जाए - नर्सिंग ऑफिसर को...