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आदिवासियों की अनोखी गुड़ तोड़ परंपरा, महिलाओं की मार से बचते हुए खंभे से उतारनी होती है पोटली

 खरगोन (ब्यूरो) - जिले में आदिवासी भिलाला समाज द्वारा गुड़ तोड़ परंपरा का आयोजन किया गया। जिसे देखने के लिए आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचे। परंपरा के तहत एक खंभे पर सात बार गुड़ की पोटली को टांगा गया, जिसे महिलाओं की मार से बचते हुए आदिवासी युवकों ने सात बार उतारा। इस दौरान महिलाओं और युवतियों ने गुड़ की पोटली उतारने वाले युवकों को जमकर सोटे मारे। खरगोन जिले के धूलकोट स्थित बाजार चौक में गुड़ तोड़ परंपरा का आयोजन आदिवासी भिलाला समाज द्वारा होली के बाद आने वाली सप्तमी (बुधवार) को किया गया। जिसमें जिले समेत आसपास के क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। बता दें कि यह परंपरा हर दो साल के अंतराल में होती है। जिसमें दरबार भिलाला समाजजनों द्वारा सात बार गुड़ की पोटली को टांगा और उतारा जाता है। इस कार्यक्रम में आदिवासी भिलाला समाज धूलकोट के ही भाग लेते हैं। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर समेत खंडवा जिले के आसपास के क्षेत्रों से इसे देखने पहुंचते है।  दरबार समाज के अनुसार पूजन के बाद गड्ढा खोदकर 12 फीट का खंभा गाड़ दिया जाता है, जिस पर एक लाल कपड़े में गुड़ और चने की पोटली बां...

महाराज रिचर्ड होलकर ने किया होलिका दहन, देवी अहिल्या के समय की परंपरा जारी

     इंदौर (ब्यूरो) - होली के पर्व से पहले मनाए जाने वाले होलिका दहन को लेकर आज देशभर में धूम रही। देश भर में लोगों ने होलिका दहन के साथ बुराई की आहुति दी। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में भी यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया जहां इंदौर के राजपरिवार ने होलिका दहन कर सालों पुरानी परंपरा जारी रखी। इंदौर महाराज रिचर्ड होलकर ने पूरे विधि विधान के साथ होलिका दहन किया। होलिका दहन के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ापर होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पहले इंदौर महाराज रिचर्ड होलकर ने विधि विधान से पूजन किया। होलकर राजघराने की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पहुंचे महाराज रिचर्ड होलकर ने बताया कि पूर्वजों के समय से होलिका दहन का कार्यक्रम किया जाता रहा है, इसे हमने जारी रखा है और आने वाली पीढ़ियां भी इसे जारी रखेगी। ऐतिहासिक होलिका दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में इंदौर की जनता पहुंची। महाराज के साथ उनके कई सेवादार भी मौजूद रहे। बता दें कि देवी अहिल्या के समय से यहां होलिका दहन किया जा रहा है। इंदौर महाराज ने सभी को होलिका दहन और होली की शुभकामनाएं भी दी।