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यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई का जीवाजी विश्वविद्यालय पर जंगी प्रदर्शन, पुलिस से झूमाझटकी, गिरफ्तार के जेल भेजे

  ग्वालियर (ब्यूरो) -  जीवाजी यूनिवर्सिटी पर गुरुवार यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया, कांग्रेस नेता जीवाजी विश्व विद्यालय मैनेजमेंट पर आरोप लगा रहे थे, नेताओं का कहना है कि हम सीटें बढ़ाने की मांग का रहे है जो वाइस चांसलर के हाथ में है लेकिन उन्हें छात्रों की फ़िक्र ही नहीं है, छात्रों ने यूनिवर्सिटी के गेट पर जमकर हंगामा किया ,बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और जेल भेज दिया। जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबद्धता पाने वाले B.Ed कॉलेजों में हुए फर्जीवाड़े और BBA, B.COM सहित अन्य संकायों में छात्रों के लिए सीटें बढ़ाये जाने की मांग सहित, अन्य मुद्दों को लेकर युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह और NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में आज जीवाजी यूनिवर्सिटी पर जंगी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाते हुए यूनिवर्सिटी में धारा 52 लगाने की मांग की, प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था और...

11 लाख सरकारी कर्मचारी हुए लामबंद, मांगों को लेकर दी चेतावनी

कांग्रेस ने किया समर्थन, चढ़ा सियासी पारा भोपाल (ब्यूरो) - लोकसभा चुनाव के नजदीकी समय में प्रदेश के शासकीय कर्मचारी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। प्रदेश के 32 से ज्यादा राज्य कर्मचारी संगठनों संयुक्त रूप से सरकार को घेरने के काम करेंगे। उधर, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने भी आंदोलन पर सहमति जताई है। संगठनों ने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार और बीजेपी को खुली चेतावनी भी जारी की है। कर्मचारियों की बेरुखी को लेकर प्रदेश में सियासत भी शुरू हो गई है। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव में नई सरकार से उन्हें कई उम्मीद थीं। लेकिन, सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले और नई सरकार के गठन के बाद भी उनकी मांगों पर विचार नहीं किया। लिहाजा ऐसे में अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है। मध्यप्रदेश के कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि नई सरकार को मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चार बार पत्र मांगों को लेकर लिखे। सरकार ने न तो मांगों को लेकर कर्मचारी संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया न ही पत्रों का जवाब दिया। कर्मचारी संगठनों ने यह निर्णय लिया है कि पहले राजधानी समेत ...

प्रतिनिधित्व को लेकर गुर्जर समाज की चेतावनी, हमें नेतृत्व मिलना चाहिए: विजय बैंसला गुर्जर

रतलाम (ब्यूरो) - गुर्जर समाज ने इस बार चुनाव में राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश की ओर रुख कर दिया है और रतलाम में गुर्जर सम्मेलन में शामिल होने आये गुर्जर आरक्षण समिति अध्यक्ष विजय बैंसला (गुर्जर) ने बयान दिया है कि इस बार मध्यप्रदेश में भी बीजेपी और कांग्रेस ने एमबीसी के व्यक्तियों को गुर्जर बाहुल्य विधान सभा और लोक सभा से टिकट नहीं दिया तो जल्द ही गुर्जर समाज एक जुट होकर बड़ी मीटिंग करेगा और गंगा जल लेकर दोनों राजनीतिक दलों के लिए कड़ा निर्णय लेगा. बता दें कि गुर्जर आरक्षण समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने रतलाम में मीडिया से चर्चा में कहा कि आरक्षण और अन्य मांगे विधानसभा से ही पारित हुई है तो हम कब तक पटरियों पर बैठेंगे. राजस्थान में 75 विधानसभा एमबीसी बाहुल्य है तो इन जगहों पर हमें नेतृत्व मिलना चाहिए. अगर हमारा कोई व्यक्ति नेतृत्व में नहीं होगा चाहे सरकार में या विपक्ष किसी में भी नहीं तो हम जाएंगे कहा. मध्यप्रदेश में देवनारायण योजना हमने अपनी लड़ाई लड़कर लागू कार्रवाई, लेकिन आज तक बजट ही नहीं दिया तो योजना चालू नहीं हुई.  बड़ी रणनीति बन रही है गुर्जर आरक्षण समिति अध्यक्ष विजय बैंसला न...

संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, प्रभावित हो रही विभागीय सेवाएं

 खरगोन (निप्र) - जिला अस्पताल सहित जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 700 संविदाकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी है। शनिवार को हड़ताल के दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने सुंदरकांड का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस हड़ताल में जिला अस्पताल के 72 संविदा कर्मी भी है। इसके चलते 300 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही है। ऐसे ही हालात जिले के अन्य सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी रही। हड़तालरत कर्मचारी मुख्यालय स्थित CMHO कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन के सामने तंबू लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रुपेश गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक विभाग में संविदा कर्मचारी 15-20 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके बाद भी अल्पवेतन देकर कर्मचारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। शोषण की इस व्यवस्था सहित नियमितीकरण और अपनी अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत है। लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। नतीजतन उन्हें हड़ताल का रुख अपनाना पड...