खरगोन (निप्र) - जिला अस्पताल सहित जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 700 संविदाकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी है। शनिवार को हड़ताल के दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने सुंदरकांड का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस हड़ताल में जिला अस्पताल के 72 संविदा कर्मी भी है। इसके चलते 300 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही है। ऐसे ही हालात जिले के अन्य सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी रही। हड़तालरत कर्मचारी मुख्यालय स्थित CMHO कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन के सामने तंबू लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रुपेश गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक विभाग में संविदा कर्मचारी 15-20 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके बाद भी अल्पवेतन देकर कर्मचारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। शोषण की इस व्यवस्था सहित नियमितीकरण और अपनी अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत है। लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। नतीजतन उन्हें हड़ताल का रुख अपनाना पड़ा है।
कोरोना काल में दी सेवाएं, बावजूद मांगों ध्यान नहीं
धरने पर बैठे धीरज गुप्ता ने कहा कि आंदोलन के तहत संविदा शोषण व्यवस्था समाप्त करने के मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा कर हमें नियमित करने के लिए ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना महामारी में संविदा कर्मचारियों ने जान की बाजी लगाकर जनहित में सेवाएं दी। कई कर्मचारी संक्रमित हुए। जान भी गवां चुके हैं। शासन-प्रशासन को कई बार मांगों के संबंध में अवगत कराया। कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठना पड़ा है।
12 विभागों की व्यवस्था पर पड़ेगा असर
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग के 12 विभाग प्रभावित होंगे। हड़ताल में सीएचओ, एएनएम, स्टॉफ नर्स, आरबीएसके, चिकित्सक, लेब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, बीपीएम, डाटा इंट्री, डीपीएम, बीपीएम, अकाउटेंड, टीवी वर्कर शामिल हैं। इनकी काम से दूरी मरीजों के लिए फजीयत बनेगी। कार्यालयीन कामकाज भी प्रभावित होंगे।
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