बडवाह (निप्र) - स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार प्रतिवर्ष करोड़ो खर्च करने सहित विज्ञापन, पुरस्कार आदि तमाम प्रयास कर रही है। जिसका कई, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो में व्यापक असर भी देखने को मिलता है। लगातार पांचवी बार स्वच्छता में नम्बर एक की पोजिशन पर काबिज होने वाली देश की आर्थिक राजधानी इंदौर जिसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। लेकिन इसके विपरीत यहाँ नगर के प्रमुख मार्गों पर इस प्रकार के दृश्य आम बात है। ऐसा नही है कि स्थानीय नगर पालिका स्वच्छता के लिए कोई प्रयास नही कर रही। लेकिन उसमें रहवासियो की सहभागिता भी महत्त्वपूर्ण होना चाहिए जो कि बडवाह में बिलकुल ना के बराबर रहती है ? यह नजारा बडवाह का हृदय स्थल कहे जाने वाले नगर के मध्य स्थित श्री राधाकृष्ण मन्दिर सत्ती घाटा के सामने का है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि धार्मिक स्थलों के सामने यह हाल है तो अन्य स्थानों की हालत क्या होगी ? विचारणीय तथ्य यह है कि आखिर किस प्रकार इस स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। क्या सुबह-शाम दो टाइम झाड़ू लगवाने, दो बार कचरा वाहन घूमने,महीने में एक बार नाली साफ करवाने तथा स्वच्छता सर्वेक...