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Showing posts with the label विधानसभा चुनाव

हुंकार रैली में कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े, इस बात को लेकर हुआ विवाद, दोनों पक्ष पहुंचे थाने

 भोपाल (निप्र) - मध्यप्रदेश में कांग्रेस में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। समय समय पर पार्टी के भीतर की गुटबाजी सड़क पर आ जाती है। ताजा मामला भी गुटबाजी को लेकर कार्यकर्ताओं का आपस में भिड़ने का है। जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल के मध्य विधान सभा क्षेत्र में हुंकार रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पोस्टर को लेकर आपस में भिड़ गए। बताया जाता है कि विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के कार्यकर्ताओं ने हुंकार रैली निकाली थी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद फैंस क्लब के कार्यकर्ताओं पोस्टर को लेकर दूसरे गुट से भिड़ गए। मामला हबीबगंज थाना इलाके का है। विवाद के बाद दोनों पक्ष के लोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। समाचार के लिखे जाने तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की इसकी जानकारी नहीं मिल पाई थी।

बगावती तेवर : बीजेपी प्रत्याशी की घोषणा के बाद 39 कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस का थामा दामन

खरगोन (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 39 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए है। जिसके बाद कई सीटों से बीजेपी कार्यकर्ताओं के बगावती तेवर भी सामने आ रहे है। ऐसी ही एक सीट खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा सीट है, जहां पूर्व विधायक आत्माराम पटेल का नाम आते ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। यहां बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कसरावद विधानसभा क्षेत्र 184 में बीजेपी के उम्मीदवार आत्माराम पटेल का नाम घोषित करने के बाद से ही बगावती तेवर दिखने लगे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के पूर्व कृषि मंत्री व कसरावद विधायक सचिन यादव के ग्रह ग्राम बोरावां पहुंच कर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।  उल्लेखनीय है कि यहां से बीजेपी के दावेदारों की एक लंबी लिस्ट है। ऐसे अनेक भारतीय जनता पार्टी के नेता है जो अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे थे। लेकिन उनका टिकट काटकर पूर्व विधायक आत्माराम पटेल को  जो दो बार हारने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दे दिया गया। जिससे क...

भाजपा से पीछे नहीं कांग्रेस, जल्द ही हो सकती है 66 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा

  भोपाल (स्टेट ब्यूरो - सागर मेहता) - उम्मीदवारों की घोषणा में भले ही भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली हो, लेकिन कांग्रेस में भी 230 में से 66 सीटों पर नाम तय हो चुके हैं। उन्हें उम्मीदवार बनाया जा रहा है। खुद कमलनाथ इन नेताओं को संकेत दे चुके हैं। इनकी अधिकृत घोषणा भी जल्दी होने वाली है। मालवा-निमाड़ की 66 में से 30 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर कोई टकराहट नहीं है। अन्य सीटों पर दो या तीन नाम के पैनल हैं। पार्टी ने अपने ज्यादातर विधायकों को फिर से मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस माह के अंत तक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेसी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर देगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक पहले यह सूची सितंबर के पहले पखवाड़े में जारी होना थी। बदली परिस्थितियों में अब 25 अगस्त के बाद कभी भी यह सूची जारी हो सकती है। इन सीटों पर है परिदृश्य है स्पष्ट इंदौर  इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक एकः संजय शुक्ला इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दोः चिंटू चौकसे राऊः जीतू पटवारी देपालपुरः विशाल पटेल धार कुक्षीः...

10 दिन के अंदर भाजपा जारी कर सकती है प्रत्याशियों की दूसरी सूची

  भोपाल (स्टेट ब्यूरो - सागर मेहता) - मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने 39 प्रत्याशियों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. अब 10 दिन के अंदर बीजेपी प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर सकती है. केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी जारी होगी. सूत्र बताते हैं कि बीजेपी चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव ने विधानसभा प्रत्याशी के नाम पर समीक्षा की है. 10 दिन के अंदर बीजेपी प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर सकती है. दूसरी सूची में बीजेपी के करीब 15 आकांक्षी विधानसभा हो सकती है. मालवा और ग्वालियर चंबल संभाग की सीटों पर प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी होगी. समीक्षा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी जाएगी. दरअसल एमपी बीजेपी के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव भोपाल पहुंचे हुए हैं. आज होने वाले दूसरे राज्यों के प्रशिक्षण और प्रवास की तैयारियों की जानकारी लेंगे. आज आयोजित प्रशिक्षण में भी शामिल होंगे. प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कल बैठक भी हुई है. इस बैठक में मंत्री भूपेंद्र सिंह, हितानन्द शर्म, सुमेर सिंह सोंलकी, महेंद्र सिंह सिसौदिया और इमारती देवी भी शा...

चुनावी ऐलान से पहले भाजपा की लिस्ट जारी, हारे पर भी दांव

भोपाल (स्टेट ब्यूरो - सागर मेहता) - मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को चौंकाने वाला खबर सामने आई है। भले ही प्रदेश में चुनावों की आधिकारिक तारीखें सामने नहीं आई हैं, पर भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। मप्र और छग के लिए लिस्ट जारी की गई है। मध्यप्रदेश में 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के लिए 21 नामों की घोषणा कर दी गई है। बुधवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश के सीएम सहित कई नेताओं ने शिरकत की थी। आपसी सहमति के बाद समिति ने प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नामों की सूची जारी की है। हालांकि भाजपा ने इतने पहले सूची जारी कर सभी को चौंकाया है। ऐसा प्रयोग पहली बार हो रहा है। जारी सूची में मालवा-निमाड़ इलाके की 11 सीटों पर नाम जारी किए गए हैं। बता दें कि इस बार मालवा-निमाड़ पर दोनो ही प्रमुख पार्टियों का फोकस ज्यादा है। हारे पर भी दांव  बीजेपी की पहली सूची में 2018 में चुनाव हारे 14 चेहरों को फिर से मौका दिया है। इनमें चार पूर्व मंत्री ललिता यादव, ला...

मध्य प्रदेश के इन विधायकों की खतरे में है उम्मीदवारी, बीजेपी का 'टिकट प्लान' हो गया है तैयार

 मध्यप्रदेश में इसी साल अक्टूबर और नवंबर में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। चुनाव से पहले बीजेपी एक्टिव हो गई है। माना जा रहा है कि सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी मध्यप्रदेश में भी गुजरात वाला फॉर्म्यूला लागू कर सकती है। कहा जा रहा है कि तीन बार के विधायकों का टिकट भी काटा जा सकता है। भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं, क्योंकि जमीनी फीडबैक उसके पक्ष में नहीं आ रहा है। यही कारण है कि पार्टी गुजरात फार्मूले को राज्य में सख्ती से लागू करने वाली है। इसके चलते तीन बार या उससे ज्यादा बार के विधायकों की उम्मीदवारी तो खतरे में पड़ ही सकती है, साथ में दिग्गज नेता चुनाव न लड़ने का ऐलान तक कर सकते हैं। राज्य में वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को डेढ़ दशक बाद सत्ता से बाहर होना पड़ा था, मगर इस बार परिस्थितियां पार्टी को पिछले चुनाव से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण नजर आ रही हैं। जमीनी स्तर से जो फीडबैक आ रहा है, वह पार्टी के लिए संदेश दे रहा है कि जमीनी हालात भाजपा के पक्ष ...

रामराजा की नगरी ओरछा से चुनाव का शंखनाद करेंगे शिवराज, सीएम योगी भी हो सकते हैं शामिल

फाइल चित्र   भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव का शंखनाद भाजपा रामराजा की नगरी ओरछा से करने जा रही है। 23 जनवरी को यहाँ बड़ी सभा होगी, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहान के साथ केन्द्रीय मन्त्री नितिन गडकरी शामिल होंगे। सभा की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बीच कुछ साझी सड़कों व पुल का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। एनएचएआइ छतरपुर ने झाँसी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मेहमानों की सूची माँगी है। हालाँकि अब तक योगी आदित्यनाथ के आगमन का पुष्ट कार्यक्रम नहीं आया है। ओरछा में 23 जनवरी को आयोजित होगी सभा   मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव होने है। इसलिए सरकार अब मिशन-24 में जुट गई है। इसके लिए योजनाओं की सौगात देने की तैयारी की गई है। मध्य प्रदेश के चुनाव की शुरूआत भाजपा रामराजा की नगरी ओरछा से करने जा रही है। यहाँ 23 जनवरी को विशाल जनसभा की जाएगी। सभा में मध्य प्रदेश के मुख्यमन्त्...

जनजाति नेतृत्व को लेकर सियासत, आखिर कौन साधेगा? बीजेपी या कांग्रेस

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने समीकरण बिठाना शुरू कर दिए हैं. इसके साथ ही जातिगत आधार पर भी वर्गों को साधने की कोशिश लगातार जारी है. सूबे में सबसे महत्वपूर्ण है आदिवासी वर्ग इतिहास गवाह है कि आदिवासी वोट बैंक जिस पार्टी के साथ जुड़ा उसी ने मध्य प्रदेश में सत्ता पाई है. 2018 में जिस तरीके से बीजेपी को आदिवासी बाहुल्य इलाकों में हार का सामना करना पड़ा था उसके बाद से वह इस बार बेहद सचेत नजर आ रही है. 2018 की हार के बाद से ही बीजेपी ने आदिवासी बाहुल्य इलाकों में पैठ बनाने को लेकर प्रयास शुरू कर दिए थे. यही कारण है कि जब मध्य प्रदेश में बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई तो आदिवासियों के बड़े चेहरे विजय शाह, मीना सिंह और विसाहू लाल साहू को मंत्रिमंडल में जगह दी गई. इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने भी मध्यप्रदेश के आदिवासियों को साधने के लिए फग्गन सिंह कुलस्ते को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान दिया. बीजेपी ने सुमेर सिंह सोलंकी को राज्यसभा में भेजा वहीं 2020 में जब राज्य सभा चुनाव हुए तो बीजेपी ने सुमेर सिं...

चुनाव से पहले, मध्यप्रदेश में जोरों पर है भावी सीएम की चर्चा, बीजेपी और कांग्रेस में ये हैं दावेदार?

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - प्रदेश में अभी तक राजनीति में जो नहीं हुआ है, वह अब देखने को मिल रहा है. जिस प्रदेश में पहले भावी सरकार की बात की जाती थी अब वहां भावी मुख्यमंत्री की बात की जाने लगी है. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में कई ऐसे नेता हैं जो खुद को भावी मुख्यमंत्री के रूप में देखते हैं. हालांकि, अभी बीजेपी और कांग्रेस दोनों में मुख्यमंत्री पद की डगर आसान नहीं है. विधानसभा चुनाव 2023 में किसकी सरकार बनेगी? यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है, लेकिन जिसकी भी सरकार बनेगी उसका मुख्यमंत्री पहले से ही तय हो गया है. कांग्रेस जहां दावा कर रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव होगा. वहीं मुख्यमंत्री पद की कुर्सी भी कमलनाथ ही संभालेंगे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थक उन्हें भी भावी मुख्यमंत्री के रूप में देखते हैं. दूसरी तरफ यदि भारतीय जनता पार्टी की बात की जाए तो यहां पर भी चेहरों की कमी नहीं है. विधानसभा चुनाव भले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लड़ा जाए, लेकिन सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके शिवराज सिंह चौहान के लिए आगे क...

मिशन 2023 के लिए एक्टिव हुई पार्टियां: सर्वे में बीजेपी के 40 विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव, कमलनाथ करेंगे संगठन में बदलाव

मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस चुनावी मोड में बीजेपी के सर्वे में 40 विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव कांग्रेस में कमलनाथ ने संभाली पूरी बागडोर चुनाव से पहले प्रदेश संगठन में बदलाव करेंगे कमलनाथ भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से कम का वक्त बचा है। यही कारण है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं। दोनों ही दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं। अभी हाल में हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी इसकी झलक देखने को मिली। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस को उम्मीदों के पर लगे हैं। इसकी वजह वर्ष 2018 में हुए विधानसभा के चुनाव हैं। यह ऐसा चुनाव था जिसमें कांग्रेस को डेढ़ दशक बाद न केवल बढ़त मिली थी बल्कि सत्ता भी हासिल हुई थी, वहीं भाजपा डेढ़ दशक तक सत्ता में रहने के बाद बहुत कम अंतर से कांग्रेस से पीछे रह गई थी। यह बात अलग है कि महज 15 माह बाद कांग्रेस में टूट हुई और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए, जिसके चलते भाजपा फिर सत्ता में लौट आई। ...