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पचमढ़ी में लगने वाले नागद्वारी मेले की तैयारियां हुई तेज, बारिश में अफसरों ने नागद्वारी यात्रा मार्ग का पैदल भ्रमण किया

पंचमढ़ी (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश अपने हिल स्टेशनों के लिए बेहद प्रसिद्द है। दरअसल एमपी का सबसे चर्चित हिल स्टेशन पचमढ़ी अक्सर पर्यटकों का ध्यान अपनी और खींचता हुआ दिखाई देता है। वहीं हर वर्ष पचमढ़ी में नागद्वारी मेले का आयोजन किया जाता है। जानकारी दे दें की इस वर्ष यह मेले की शुरुआत 1 अगस्त से हो जाएगी। दरअसल इस मेले को लेकर मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से भी के कई श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। वहीं मेले की मान्यताओं को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने भी इसके लिए जोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी है। जानकारी दे दें कि हर साल सावन के महीने में नागद्वारी मेला आयोजित किया जाता है। दरअसल श्रद्धालु नागद्वारी आस्था के इस समागम में नागराज के दर्शन करने के लिए पहुचंते हैं। इसके साथ ही मान्यता है कि नागराज के दर्शन को बाबा अमरनाथ के दर्शन के समान रूप ही माना जाता है। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि नागद्वारी मेले में दर्शन करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। बता दें कि यह रास्ता नागद्वार मेले के लिए साल में बस एक ही बार खुलता है। दरअसल पचमढ़ी में कई गुफाएं हैं, और इन गुफाओं मे...

इक्छु रस से आहार करा कर मनाई गयी अक्षय तृतीया

सनावद (निप्र) - जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें ऋषभनाथ भी कहा जाता है। उन्हें जन्म से ही सम्पूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था। वे समस्त कलाओं के ज्ञाता और सरस्वती के स्वामी थे। सन्मति जैन काका ने बताया की अक्षय तृतीया के पावन अवशर पर प्रातः दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, आदिनाथ छोटा मंदिर,णमोकार धाम मंदिर एवम पोदनपुरम में सभी धर्मावलंबियों के द्वारा पंचामृत व जलाभिषेक किया गया ततपश्चात सामूहिक पूजन किया गया।इसी अवसर  पर सुपार्श्वनाथ मंदिर जी मे सामूहिक रूप से भगवान आदिनाथ मंडल विधान संगीता बाकलीवाल,मंजुला भूच, रेखा जैन, रानी भुच चेतना गोधा,सोनाली पाटोदी, कमलेश भूच, राकेश जैन नरेश पाटनी सहित सभी समाजनों के द्वारा कराया गया।तथा पोदनपुरम में तीर्थंकर आदिनाथ को पड़गाहन कर सर्वप्रथम इक्छु रस से आहार वारिश जैन, वैभव सराफ , राजा जैन, अभिजीत जैन, संजय जैन, स्वाति जैन,मीना जैन, अंशुमा जैन, रेणु जैन के द्वारा आहार दान देकर पुण्य अर्जित किया।रात्री में भक्ति व पंडित अचिन्त्य जैन के द्वारा प्रवचन किये गये। जैसे की सभी को ज्ञात है की वैशाख...

जयकारों से गूंजा मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा का दरबार, लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

  देवास (ब्यूरो) - चैत्र नवरात्र को लेकर विश्व प्रसिद्ध माता टेकरी का दरबार सज कर तैयार हो गया है। अल सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है। ऐसे में टेकरी स्थित मां तुलजा और मां चामुंडा देवी के दर्शन के लिए देवास आने वाले दर्शनार्थियों का मालवांचल में प्रमुख केंद्र बन जाता है। लाखों संख्या में श्रद्धालु मां के दर पर मत्था टेकने आते हैं। बताया जाता है कि दो देवियों के वास से ही शहर का नाम देवास  हुआ है। मान्यता यह भी है कि माता अपने भक्तों को तीनों रूपों में दर्शन देती है। माता का यह मंदिर सिद्ध क्षेत्र है ,जहां पर कई वर्षों तक ऋषि मुनियों ने तपस्या भी की है। इसलिए तपो भूमि और टेकरी स्थित दो देवियों के वास से ही शहर को देवास कहा जाने लगा और आज विकसित देवास की पहचान भी है। माता के दर पर आने वाले हर भक्त की मनोकामना भी पूरी होती है और मन्नत पूरी होने पर भक्त नंगे पांव तो, कोई घुटनों के बल चलकर मां के दर पर पहुंचते है। चैत्र नवरात्र के पर्व को लेकर प्रशासन द्वार माता टेकरी को आकर्षक विद्युत लाइटिंग से सजाया गया है वहीं यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गर्मी को ध्यान में रखक...

शिव ज्योति अर्पणं : 5 लाख 51 हजार दीपकों से जगमगाए शिप्रा नदी के घाट, सपरिवार पहुंचे सीएम मोहन यादव

  उज्जैन (निप्र) - मध्यप्रदेश के उज्जैन में गुड़ी पड़वा पर्व पर यानि 9 अप्रैल को उज्जैन नगर का गौरव दिवस मनाया गया. साथ ही विक्रम संवत 2081 का आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया. इस दौरान यहां शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम के तहत 5 लाख 51 हजार दीपकों की रोशनी से शिप्रा के घाट रोशन हुए. कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रमुख गायक जुबिन नौटियाल सहित लाखों की संख्या में लोग मौजूद थे. 9 अप्रैल को बाबा महाकाल की नगरी लाखों दीपकों से जगमगा उठी. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव सपरिवार शामिल हुए थे. फिर दत्त अखाड़ा घाट पर सीएम ने दीप प्रज्वलित किया और नाव में सवार होकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया. इस दौरान प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने शानदार प्रस्तुति दी. वहीं जुबिन को सुनने व दीप प्रज्वलित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग शिप्रा के घाटों पर पहुंचे थे. जुबिन नौटियाल के गानों की आवाज सुनते ही वहां पर मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया. जुबिन के गानों की धुन पर घाटों में मौजूद लोग थिरकने को विवश हो रहे थे. इस कार्यक्रम में मौजूद उज्जैन नगर न...

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या महापर्व पर एक लाख, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

 चौदस की रात देव बाबाओ की बैठकों का दौर चलता रहा देवास (निप्र) - जिले के नेमावर में  सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या महापर्व पर मालवा अंचल सहित अन्य जिलों से 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जीवनदायिनी मां नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी लगाकर पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की है सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर्व को लेकर  एक दिन पूर्व से हजारों श्रद्धालुओं का मां नर्मदा के तट पर पहुंचने का दौर प्रारंभ हो गया है आपको बता दे सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के मेले में वह लोग भी सम्मिलित होते हैं जो की बाहरी बाधा एवं असाध्य रोगों से  पीड़ित हैं मां नर्मदा के तट रात भर देव बाबाओ की बैठकों का दौर चलता है एवं पीड़ित एवं असाध्य रोगो से पीड़ित लोगों पर दान-बन का असर दिखाते नजर आते हैं इसी कारण से सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर लगता है भूतों का मेला इसीलिए इसे भूतड़ी अमावस्या  भी कहा जाता है पर्व स्नान को लेकर एडिशनल एसपी आकाश भूरिया एसडीम प्रिया चंद्रावत एवं एसडीम खातेगांव के निर्देशन में पुलिस एवं प्रशासन ने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजार किए हुए हैं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं क...

सोमवती अमावस्या: नर्मदा घाट पर 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

बडवाह/ओंकारेश्वर (चक्र टीम) - चैत्र माह की अमावस्या के अवसर पर मां नर्मदा के घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। इस वर्ष वैदिक वर्ष की अंतिम अमावस्या सोमवती होने से इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। तंत्र-मंत्र एवं सिद्धि क्रिया के लिए यह दिन प्रमुख माना जाता है।यही वजह है कि जब-जब भूतड़ी अमावस्या का योग होता है,तब-तब हजारो लोग यहा आकर स्नान करते है। क्षेत्र में तीनो नर्मदा तटो खेड़ीघाट, नावघाट खेड़ी और तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में रविवार रात्रि से ही श्रद्धालुओ का आना शुरू हो गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्राफिक व्यवस्था सँभालने में पुलिस को खासी मशक्कत सामना करना पड़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है, कि 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं। दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नर्मदा के घाटों पर होमगार्ड तथा गोताखोरों की टीम तैनात की है। तो वहीं मंदिर परिसर में अलग-अलग पॉइंट बनाकर सुरक्षाकर्मी लगाए हुए हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टी...

भूतों का मेला: बुरी आत्मा से छुटकारा पाने दूर-दूर से पहुंचे लोग, कुंड में लगाई डुबकी

   उज्जैन (ब्यूरो) - आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की आखिरी अमावस्या है। इस अमावस्‍या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। भूतड़ी अमावस्या पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में भूतों का मेला लगा है। जहां बावन कुंड पर बुरी आत्मा से छुटकारा पाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते है। इधर, शिप्रा नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सोमवार को भूतड़ी अमावस्या पर उज्जैन से 14 किलोमीटर दूर कालियादेह महल पर भूतों का प्रसिद्ध मेला लगा। दरअसल, मान्यता है कि इस दिन यहां बने बावन कुंड में डुबकी लगाने से बुरी आत्माओं से निजात मिल जाती है। इसके चलते आज सुबह से ही यहां लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बावन कुंड में स्नान करने और भैरव महाराज के पूजन के लिए पहुंचे। स्थानीय लोग मानते हैं कि भूतड़ी अमावस्या पर इस कुंड में स्नान करने से रुके हुए काम भी बिना विघ्न के संपन्न हो जाते हैं। यह तिथि अगर सोमवार को पड़े तो इसे सोमवती अमावस्या भी कहा जाता है।

महिलाओं ने दशा माता का व्रत रख सुनी कथा, अलसुबह से मंदिरों में रही भीड़

बडवाह (निप्र) - नगर सहित ग्रामीण अंचल में गुरुवार को महिलाओं ने दशा माता का व्रत रख पूजन अर्चन किया । इस पूजा के दौरान महिलाओ में परिवार की दशा सुधारने के उद्देश्य से पीपल के वृक्ष की परिक्रमा लगाई और सुहाग की सुरक्षा के लिए कच्चे सूत को वृक्ष पर लपेटकर बांधा। वही महिलाओं ने घर और मंदिरों में एकत्र होकर दशा माता की कथा भी सुनी। शहर के तिलक मार्ग स्थित माता चौक,सत्ती घाटा, तिलभांडेश्वर मार्ग स्थित शिव मंदिर , पुखराज कालोनी, कवर कालोनी,बस स्टैंड मार्ग,आदर्श नगर कालोनी, तिलक मार्ग, नागेश्वर मार्ग, दशहरा मैदान, हाऊसिंग बोर्ड कालोनी, तारा नगर सहित अन्य कालोनी और मोहल्लों में महिलाओ ने दशा माता की विधि विधान से पूजा की। पूजन करने आई महिलाओ ने बताया की पूजन के बाद सभी महिलाए सूत के धागे की दस तार की माला बनाएगी। जिसमे दस गठानें बांधकर उसे दस दिनों तक अपने गले मे पहनेंगी। इसके पीछे यह मान्यता है की इससे लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं एवं सदा घर में निवास करती हैं। पूजन के पश्चात महिलाओं ने व्रत कथा का श्रवण भी किया। इस दौरान दीपिका पवार, चेतना कुचेकर,रजनी शर्मा ने बताया की लाभ कामना के लिए इस...

17 अप्रैल को हर्षोल्लास से मनेगी श्री रामनवमी, नागेश्वर मंदिर से निकलेगा प्रभु श्रीराम का चल समारोह

बड़वाह (निप्र) - प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्रीराम जन्मोत्सव समिति बड़वाह शहर में 17अप्रैल को श्री रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाएगी। शहर में श्रीरामनवमीं पर पालकी यात्रा निकालने के साथ ही प्रभु श्रीरामजी की महाआरती भी की जाएगी। इस आयोजन को लेकर शहर के गायत्री शक्ति पीठ परिसर में गुरुवार को बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा यात्रा संयोजक व व्यवस्था प्रमुखो को दायित्व सौंपा गया। श्रीराम जन्मोत्सव समिति की बैठक मे यह निर्णय लिया गया की इस वर्ष भी मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम जी की भव्य शोभायात्रा नगर के अति प्राचीन मंदिर गोपाल मंदिर के महंत श्री हनुमान दास जी महाराज के सानिध्य में 17अप्रैल गुरुवार को निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान श्रीराम पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। बग्गी में महंत श्री हनुमानदास महाराज विराजमान रहेगे। सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी। यात्रा में रंगारंग चलित झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा निकलने के दौरान सुरक्षा को लेकर ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी, फोटोग्राफी की जायेगी। वही यात्रा में साउंड सिस्टम, बे...

आदिवासियों की अनोखी गुड़ तोड़ परंपरा, महिलाओं की मार से बचते हुए खंभे से उतारनी होती है पोटली

 खरगोन (ब्यूरो) - जिले में आदिवासी भिलाला समाज द्वारा गुड़ तोड़ परंपरा का आयोजन किया गया। जिसे देखने के लिए आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचे। परंपरा के तहत एक खंभे पर सात बार गुड़ की पोटली को टांगा गया, जिसे महिलाओं की मार से बचते हुए आदिवासी युवकों ने सात बार उतारा। इस दौरान महिलाओं और युवतियों ने गुड़ की पोटली उतारने वाले युवकों को जमकर सोटे मारे। खरगोन जिले के धूलकोट स्थित बाजार चौक में गुड़ तोड़ परंपरा का आयोजन आदिवासी भिलाला समाज द्वारा होली के बाद आने वाली सप्तमी (बुधवार) को किया गया। जिसमें जिले समेत आसपास के क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। बता दें कि यह परंपरा हर दो साल के अंतराल में होती है। जिसमें दरबार भिलाला समाजजनों द्वारा सात बार गुड़ की पोटली को टांगा और उतारा जाता है। इस कार्यक्रम में आदिवासी भिलाला समाज धूलकोट के ही भाग लेते हैं। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर समेत खंडवा जिले के आसपास के क्षेत्रों से इसे देखने पहुंचते है।  दरबार समाज के अनुसार पूजन के बाद गड्ढा खोदकर 12 फीट का खंभा गाड़ दिया जाता है, जिस पर एक लाल कपड़े में गुड़ और चने की पोटली बां...

दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में सिद्ध चक्र मंडल विधान किया गया

सनावद (निप्र) - फाल्गुन माह की अष्टानिका की पूर्णिमा पर श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में बड़े भक्ति भाव एवम हर्सोलास से सिद्ध चक्र मंडल विधान मनाया गया सन्मति काका ने बताया की इस अवसर पर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक सामूहिक पूजन कर सभी समाजजनों के द्वारा रजतमय माड़ने पर आचार्य श्री 108 विप्रणत सागर जी द्वारा रचित सिद्धचक्र मंडल विधान के 120 अर्घ्य समर्पित किए गए । अचिंत्य भईया बताया  की सिद्धचक्र महामंडल विधान के आयोजन में सिद्धों की आराधना करने व सिद्ध भगवान के गुण अनुभाव का अवसर हमें प्राप्त हुआ है। सिद्ध भगवान तीनों कर्म मलों से रहित हो गए हैं। देह से रहित अनंत काल तक आनंद में विराजते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने दैनिक जीवन में मन से, वचन से,काय से, गलत काम करना, कराना एवं करने वाले की अनुमोदना करना, क्रोध के कारण, मान के कारण, माया के कारण, लोभ के कारण, किसी गलत कार्य को करने का विचार करना, गलत कार्य करने के साधन जुटाना एवं कार्य को प्रारंभ करना इस प्रकार से कुल 108 प्रकार के पापों का आश्रव करते रहते हैं। इसी कड़ी में रात्री में मंदिर जी सामूहिक भक्ति आरती भी की गई। इस अवशर पर ...

ध्वजाधारी ऊतंग शिखरों पर फहराई गई केसरीया ध्वजा, सिद्धवरकूट में मनाई गई आध्यात्मिक रंगों की होली

  नवीन आहार कक्ष एवं नवीन कमरों का हुआ लोकार्पण  सिद्धवरकूट/सनावद (निप्र) -   साढ़े तीन करोड़ मुनियों की मोक्ष स्थली सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट में 2 दिवसीय भव्य धार्मिक मेले का सम्मापन सोमवार को हूआ। जिसमें  ध्जारोहण के साथ आचार्य छत्तीसी मंडल विधान, शान्ति नाथ मंडल विधान के साथ विमानोत्सव, घट यात्रा निकाली गई एवम भगवान बाहुबली स्वामी का महामस्तकाभिषेक किया गया। सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट के सदस्य सन्मति जैन काका ने बताया कि 7 दशकों से अनवरत प्रतिवर्ष लगने वाले इस धार्मिक मेले के प्रारंभ में णमोकार मंडल विधान श्रीमति चिन्ता बाई सूरजमलजी के सुपुत्र अशोक जैन डॉ. राज जैन व AVS परिवार बड़वाह के द्वारा 24 मार्च से शुरू होवा। 25 मार्च को नित्य नियम पूजन, शान्तिनाथ मंडल का मंडल विधान किया गया एवम शाम को आरती भक्तों के द्वारा की गई। सन्मति जैन काका ने बताया की दोपहर 2 बजे संतो के आहार के लिये स्व श्री विमल चंद जी काला की स्मृति में ऊनके के परिवार द्वारा निर्मित नवीन आहार कक्ष का  लोकार्पण विजय काला परिवार सहित सभी ट्रस्टीगण एवम ट्रस्ट मंडल के सभी सदस्यों के द्वारा  फीता...

खुदाई के दौरान अचानक बंद हो गईं जेसीबी मशीनें, फिर दिखे श्रीराम और ॐ नाम के लिखे पत्थर

  चित्रकूट/सतना (ब्यूरो) - मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन कर्मस्थली पवित्र नगरी चित्रकूट धाम के कण कण में भगवान श्रीराम का वास है। वेद, पुराण, रामायण, श्री राम चरित मानस इत्यादि में लिखी प्रभु श्री राम की महिमा आज एक बार पुनः उस समय प्रमाणित हो गई, जिस समय सिविल लाइन डालने के लिए जेसीबी मशीनों से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। गौरतलब है कि, चित्रकूट एमपी क्षेत्र के स्थलों व बस्तीयों में सिविल लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की विशेष निधि से चल रहें इस निमार्ण का काम जनक एंड पांचाल एंड जॉय बिल्डर कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। इसी काम में बीते दिवस जब कंपनी की मशीनें चित्रकूट जानकी कुंड स्थित जानकी चरण चिन्ह मंदिर के पास खुदाई का कार्य कर रही थी, तभी अचानक मशीनें बंद हो गई।  स्थानीय लोगों का कहना है कि, उक्त मशीनों में काम कर रहे आपरेटरों को वहां खुदाई के दौरान कंपन भी महसूस हुई। तो वहीं मशीनें बार-बार बंद हो रही थी। जिसके बाद लोगों द्वारा खुदाई के मलवें में नजर डाली तो वहां कुछ विचित्र लिखावट के पत्थर नजर आए। जिन्हें पास के ही फलाहारी आश्रम के ...

भव्य और दिव्य रूप में मना माँ नर्मदा का प्रकटोत्सव, मत्स्य भंडारा नवाचार इस वर्ष से आरंभ

बडवाह (ऋतेश दुबे) - प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सप्त दिवसीय माँ नर्मदा प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया गया. 10 फरवरी को ज्योत प्रज्वलन से आरंभ हुए इस महोत्सव में प्रतिदिन महाआरती, आतिशबाज़ी, एवं भजन संध्या के पारंपरिक आयोजन हुए. अंतिम दिवस अर्थात माँ नर्मदा के प्राकट्य दिवस याने नर्मदा जयंती के अवसर पर प्रातः काल से ही श्रद्धालुओ का आगमन आरंभ हो गया. स्नान दान पूजन कर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने कढ़ाई प्रसाद (हलुआ) का भोग लगाकर माँ नर्मदा का आशीष प्राप्त किया. उल्लेखनीय है की नर्मदा तटीय क्षेत्रों में यह परम्परा सदियों से चली आ रही है. नर्मदा जयंती के दिन ग्रामीण कढ़ाई प्रसाद नर्मदा तट पर ही स्नान दान पूजन के पश्चात बनाते है और रात्रि में दीपदान कर धर्म लाभ लेते है. बहरहाल आयोजन की बागडोर संभाले माँ मेकल सेवा संस्थान, माँ नर्मदा प्राणी सेवा समिति एवं स्थानिय प्रशासन ने आयोजन में बेहतरीन व्यवस्था सञ्चालन कर सफल आयोजन लाभ पाया. प्रातः काल माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, सह्स्त्रोपचार पूजन और 108 दीपकों से महाआरती की गई, इसके पश्चात परम्परानुसार विमान द्वारा पुष्पवर्षा की गई. आरती के पश्चात् रेवा मंद...

अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राधा वल्लभ मंदिर में 17 जनवरी से 22 जनवरी तक विशेष आयोजन

 साप्ताहिक चलता चक्र की रिपोर्ट कन्नोद/देवास (निप्र) - स्थानीय गणेश चौक स्थित श्री राधाबल्लभ मंदिर में अयोध्या में श्री राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में 17 जनवरी से 22 जनवरी तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं! माहेश्वरी समाज के सचिव श्री बृजेश धुत ने बताया कि समाज के अध्यक्ष श्री संतोष गोरानी के नेतृत्व में विगत 15 दिनों से प्रतिदिन शाम को भजन महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है! 17 जनवरी से 22 जनवरी तक विशेष साज सज्जा के साथ मनाया जाएगा एवं प्रसाद वितरण होगा वही 22 जनवरी को नगर में शोभा यात्रा निकाली जाएगी बैंड बाजे और  श्री राम दरबार बग्गी में विराजमान होकर नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए जेल वाले हनुमान जी तक जाएंगे उसके बाद वापस लौटकर महा आरती एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा! इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री ब्रजमोहन जी धुत,श्री ओम नारायण जी भूतड़ा एवं श्री रामनिवास जी गोरानी ने समस्त समाजजन तथा नागरिकों से अपील किया कि 17 जनवरी से 22 जनवरी तक गूगल समाज के द्वारा हो रहे कार्यक्रम को अधिक से अधिक संख्या में एकत्रित होकर सफल बनाएं!

महामृत्युंजय शिव रथ खींचकर भक्तों ने लिया पुण्य लाभ, 5100 बातियों और घंटे-घड़ियाल के साथ हुई महाआरती

महेश्वर (निप्र) - स्वाध्याय भवन के पास स्थित शिवमंदिर के आसपास रविवार दोपहर पूरा महेश्वर उमड़ पड़ा। अवसर था बहुप्रतीक्षित महामृत्युंजय शिव रथयात्रा का। करीब सवा तीन बजे मंदिर में दुग्धाभिषेक के बाद शिवलिंग को फूलों से सजे रथ में विराजित करते ही वातावरण भोलेनाथ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। इसी के साथ रथ पर सवार भगवान शिव नगर भ्रमण पर निकल पड़े। नाव घाट पर रात 8 बजे महाआरती के साथ महामृत्युंजय शिव रथयात्रा का समापन हुआ। सुंदर और सुगंधित पुष्पों से सजी-धजी महामृत्युंजय रथयात्रा के साथ महामृत्युंजय शैक्षणिक एवं पारमार्थिक न्यास के प्रमुख डॉ. मनस्वी और उपाध्यक्ष भगवानदास भलिका सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त भी उपस्थित थे। रथयात्रा के आगे बैंड और भलिका परिवार की भजन मंडली ने भोले के भजनों से वातावरण को भक्ति रस में डुबो दिया। महामृत्युंजय भगवान की जय और जय-जय बाबा महामृत्युंजय के जयकारे लगाते भक्तों के साथ सबसे पहले रथयात्रा नगर परिषद चौराहे पर पहुंची। वहां नपा अध्यक्ष अलका गजराज यादव उपाध्यक्ष सचिन शर्मा ने रथयात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और भगवान से नगर के कल्याण की कामना की।  रथयात...

रामोत्सव : पितृरेश्वर हनुमान मंदिर पर 11 हजार दीपों से महाआरती, हनुमान चालीसा के 11 हजार पाठ, महाआरती में जुटे दस हजार लोग

 इंदौर (निप्र) - संस्था सृजन द्वारा रविवार को पितृ पर्वत पर रामोत्सव मनाया गया। इसकी भव्यता देख हर कोई चकित रह गया। 11 हजार दीपों से महाआरती हुई। ग्यारह हजार से अधिक भक्तों ने 11 हजार हनुमान चालीसा का पाठ किया। देश की सबसे बड़ी समरसता टिफिन पार्टी आयोजित की गई। इसमें 235 समाजों के 10 हजार समाजजनों ने सम्मिलित होकर टिफिन पार्टी का आनंद लिया। इसमें रात में पितृरेश्वर हनुमान जी का लेजर शो भी हुआ। बचपन से ही दें संस्कार - साध्वी ऋतुंभरा इंदौर में आयोजित श्री रामोत्सव सबके राम सब में राम कार्यक्रम में साध्वी ऋतुंभरा देवी सम्मिलित हुई। हजारों समाज जन सम्मिलित हुए। इसमें बच्चों ने अनेक प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर साध्वी ऋतुंभरा ने कहा कि संस्कार ही वह सीख है जो बच्चों को जीवनभर मजबूत बनाकर रखती है। लोग अपने बच्चों को संस्कार देने में कभी कमी न रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही धर्म की जानकारी दें ताकि वे धर्म का महत्व समझें और उसे जीवन में उतार सकें। 

मप्र के लिए ये ऐतिहासिक क्षण, एकात्मता के लोकव्यापीकरण की वैश्विक प्रेरणा बनेगा - मुख्यमंत्री शिवराज

अनावरण पर होगा संत समागम, सिद्धवरकूट में जुटेंगे देशभर के संत  भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली होने से यहां ओंकार पर्वत पर उनकी 108 फीट ऊंची बहुधातु की एकात्मता की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका लोकार्पण 18 सितंबर को करेंगे। प्रतिमा के निर्माण को लेकर सीएम शिवराज सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ट्वीट किया। ट्वीट में उन्होंने निर्माण की कुछ तस्वीरें शेयर कर लिखा है कि मध्यप्रदेश के लिए ये ऐतिहासिक क्षण हैं। आदि शंकराचार्य जी की अलौकिक प्रतिमा अपने भव्य स्वरूप में प्रकट होने जा रही है। सीएम शिवराज सिंह ने लिखा कि ‘शंकरावतरण’ सनातन संस्कृति के सतत् जागरण का प्रतीक है। ओंकारेश्वर में ‘एकात्म धाम’ विश्व बंधुत्व एवं एकात्मता के लोकव्यापीकरण की वैश्विक प्रेरणा बनेगा। बता दें कि निर्माण कार्य लगभग पूरा होने होने पर है। प्रतिमा का कार्य पूरा करने की समय सीमा पहले 31 अगस्त तय की गई थी। वही इसे बढ़ाकर पांच सितंबर तय किया, पर अभी फिनिशन कार्य बाकी होने से समय सीमा को लेकर अनिश्चि...

नागपंचमी विशेष : कई रहस्यों को समेटे है नागोताल, लोगों का दावा यहां मिलते थे मणि वाले सांप

 उमरिया (डेस्क) - जिले के नौरोजाबाद में नागोताल नाम का एक गांव है, जहां एक शिव मंदिर है। इस मंदिर में नाग देवता और शिवजी विराजित हैं। यहां स्थित नाग देवता के बारे में जानकारों का कहना है वे स्वयंभू हैं। जो कि जमीन के अंदर से खुद प्रकट हुए हैं। पहले यह जमीन के अंदर दबे हुए थे, जिसे बाद में खोदकर निकाला गया है और यहां  स्थापित किया गया है। इतना ही नहीं लोगों का माना है कि यहां नाग लोक का भी प्रमाण है। नागपंचमी के दिन यहां नाग देवता की पूजा की जाती है। जहां इस दिन को यहां के लोग बड़े ही धूमधाम के साथ लोग मनाते हैं। साथ ही यह कोशिश करते हैं कि नागदेव के दर्शन हो जाएं। यहां एक ऐसी प्राचीन जगह भी है जहां अति प्राचीन सांपों को बसेरा है। यहां कभी भी, कहीं भी तरह-तरह के नाग देवता के दर्शन हो जाते हैं। इस जगह को नागोताल के नाम से जाना जाता है। साथ ही ऐसा माना जाता है कि यहां पर कभी मणि वाले सर्प भी मिला करते थे। जजा ऋषि मुनि यहां साधना किया करते थे, आज भी ये जगह कई अद्भुत रहस्य अपने आप में समेटे हुए है। यहां प्रकृति का अद्भुत रहस्य देखना हो या अद्भुत नजारा देखना हो, चमत्कार देखना हो और...

नाग पंचमी पर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए मध्य रात्रि में खुले पट: विधि विधान से की पूजा

  उज्जैन (वरुण पिंडावाला) - आज सावन का सातवां सोमवार और नागपंचमी का संयोग हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल की भस्मारती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के धाम में शिखर के तीसरे खण्ड में प्रतिमा रूप में विराजमान नागचंद्रेश्वर के पट रात 12:00 बजे खोले गए। मंदिर के पट खुलने के बाद सर्वप्रथम पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरी महाराज ने विधि-विधान से नागचंद्रेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया। श्री नाग चंद्रेश्वर की प्रतिमा के पूजन के पश्चात श्री नागचंद्रेश्वर के शिवलिंग का पूजन और अभिषेक किया गया। पूजन अर्चन के बाद भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। साल में एक बार खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए 20 अगस्त की शाम से ही कतार में लगकर श्रद्धालु पट खुलने का इंतजार कर रहे। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह, प्रशासक संदीप कुमार सोनी, समिति सदस्य राजेंद्र शर्मा ‘गुरु ‘और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अध...