बडवाह/ओंकारेश्वर (चक्र टीम) - चैत्र माह की अमावस्या के अवसर पर मां नर्मदा के घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। इस वर्ष वैदिक वर्ष की अंतिम अमावस्या सोमवती होने से इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। तंत्र-मंत्र एवं सिद्धि क्रिया के लिए यह दिन प्रमुख माना जाता है।यही वजह है कि जब-जब भूतड़ी अमावस्या का योग होता है,तब-तब हजारो लोग यहा आकर स्नान करते है। क्षेत्र में तीनो नर्मदा तटो खेड़ीघाट, नावघाट खेड़ी और तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में रविवार रात्रि से ही श्रद्धालुओ का आना शुरू हो गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्राफिक व्यवस्था सँभालने में पुलिस को खासी मशक्कत सामना करना पड़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है, कि 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं। दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नर्मदा के घाटों पर होमगार्ड तथा गोताखोरों की टीम तैनात की है। तो वहीं मंदिर परिसर में अलग-अलग पॉइंट बनाकर सुरक्षाकर्मी लगाए हुए हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीम भी तैनात है।
इंदौर खंडवा मार्ग जाम
निकटस्थ अंचल से भारी तादाद में श्रद्धालुओ के जत्थे ट्रेक्टर, लोडिंग टेम्पो, रिक्शा, आयशर और चार पहिया वाहनों से विशेष स्नान-पूजन के लिए ओंकारेश्वर पहुचे। वाहनों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने वाहनों को ओंकारेश्वर पहुचने से पहले ही रोक लिया। समाचार लिखे जाने तक 1.50 लाख श्रद्धालुओ ने माँ नर्मदा में स्नान कर भगवान् ओंकारेश्वर के दर्शन कर लिए थे। बड़ी संख्या में विशेष पूजा के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ नर्मदा तट पर जमी हुई थी। बढती भीड़ को देखते हुए पुलिस को कई मार्गो को परिवर्तित भी करना पड़ा। अमावस्या पर्व पर मोरटक्का-खेड़ी घाट व ओंकारेश्वर दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में इंदौर-खंडवा मार्ग का उपयोग करते है। अमावस्या पर यातयात का दबाव सामान्य से अधिक रहता है। मोरटक्का नर्मदा पुल पर कल रात से अभी तक लंबा जाम लगा हुआ है। मांधाता एसडीएम शिवम प्रजापत, मांधाता थाना प्रभारी अनूप सिंह, सीएमओ संजय गीते, मोरटक्का चौकी प्रभारी शिवराम जाट, बडवाह एसडीओपी, थाना प्रभारी पुरे पुलिस बल के साथ सड़कों पर तैनात रहे। मुख्य समस्या भारी वाहनों के कारण उत्पन्न हुई लारी व भारी वाहनों के कारण वाहन रेंग रेंग कर निकल रहे थे।
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