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खुदाई के दौरान निकले परमार कालीन अवशेष, लगभग हजार वर्ष पुरानी 9 मूर्तियों को देखने उमड़ी भीड़

   खरगोन (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बेड़िया क्षेत्र में भगवान विष्णु से जुड़ी एक के बाद एक नौ मूर्तियां निकली है। पुरातत्व विशेषज्ञों के मुताबिक ये 12वीं सदी की परमार कालीन मूर्तियां है। बेड़िया से 15 किलोमीटर दूर गांव कानापुर में एक मांगलिक भवन की नींव की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान भगवान विष्णु से जुड़ी एक के बाद एक नौ मूर्तियां मिलीं। जैसे ही यह समाचार क्षेत्र में फैला सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। सूचना मिलने पर पुलिस व राजस्व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार गांव में रेवा गुर्जर मांगलिक भवन के पास निर्माण कार्य किया जा रहा है। शनिवार की सुबह कालम खड़े करने के लिए जेसीबी की सहायता से गड्डों की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान अचानक से प्राचीन प्रतिमा दिखाई दी। इसे बाहर निकाला गया। थोड़ी खुदाई के बाद एक-एक कर 9 प्रतिमाएं निकली। इनमें भगवान विष्णु की आकृतियां बनी हुई थी। ग्रामीणों ने सभी मूर्तियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रख पुलिस थाने पर सूचना दी। मौके पर पहुंचे बेड़िया के थाना प्रभारी कैलाश चौहान व नायब तहसीलदार दिलीप गंगरा...

कुआं की खुदाई के दौरान निकलीं प्राचीन प्रतिमाएं, शिवलिंग की पूजा करने उमड़े लोग

  खंडवा (ब्यूरो) - जिले की ग्राम पंचायत बरार में कुआं खुदाई के दौरान ग्रामीणों को शिवलिंग और कुछ प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि पानी की कमी के चलते ग्रामीण कुआं खोद रहे थे, इसी दौरान उन्हें एक शिवलिंग और अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं मिली हैं। शिवलिंग और अन्य प्रतिमाओं को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राम पंचायत सचिव ने कलेक्टर को इसकी सूचना दी है। मूर्तियां कितनी पुरानी है फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। जल्द ही पुरातत्व विभाग मूर्तियों के काल की गणना करेगा।

ऐतिहासिक असीरगढ़ के किले की दीवार का एक हिस्सा ढहा,

 बुरहानपुर (निप्र) -  नेपानगर के समीप इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग के किनारे सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक असीरगढ़ के किले की एक दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। दीवार गिरने के चलते किले तक जाने वाले पैदल मार्ग को आम लोगों के लिए बंद करना पड़ा। पुरातत्व विभाग के अनुसार बुधवार देर रात को असीरगढ़ के किले तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग पर दूसरे दरवाजे के ऊपर का हिस्सा भरभराकर गिर गया। घटना देर रात में होने के चलते वहां कोई नहीं था। जिसके कारण कोई जनहानि नही हुई, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से आम लोगों के लिए किला बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर गुरुवार को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर मरम्मत का काम शुरू करवाया। पुरातत्व विभाग के अनुसार क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते कमजोर हिस्सा गिर पड़ा। जिसे जल्द से जल्द ठीक कर आम जनता के लिए फिर से खोला जाएगा। बारिश में पत्थर भी दरकते हैं गौरतलब है कि सैंकड़ों वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक किले का सही ढंग से रखरखाव नहीं होने के चलते अब इस प्राचीन इमारत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। असीरगढ़ के ...