खरगोन (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश के खरगोन की एक अदालत ने नाबालिग के दुष्कर्म के मामले में मां बेटे को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। खरगोन जिले में शायद यह पहला मामला है, जिसमें रेपिस्ट के साथ उसे सहयोग करने वाली मां को भी सजा दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला लड़कियों के खरीद फरोख्त के मामले में भी लिप्त है। विशेष लोक अभियोजक खरगोन सरिता चौहान ने बताया कि खरगोन के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जीसी मिश्रा ने नाबालिग छात्रा के के साथ दुष्कर्म के मामले में सूरज नामक व्यक्ति को 20 साल की सजा सुनाई है। इस मामले में संरक्षण देने वाली उसकी मां रेखा बाई को भी 20 वर्ष की सजा दी गई है। खरगोन जिले में यह पहला मामला है, जिसमें दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उसकी मां को भी इतनी बड़ी सजा दी गई है। रेखा बाई ने भी 15 दिनों तक पीड़िता को साथ में रहने के लिए मजबूर किया। वह दोनों नाबालिग लड़कियों से मजदूरी भी कराने लगी। सूरज ने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया। उधर दूसरे नाबालिग आरोपी ने भी अन्य नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। यह मामला बा...