घड़ियाली आंसू लेकर चले ,भाजपाई संत के पवित्र स्मारक पर पाप धोने, नहीं पहुंचे दीपक जोशी अपने पिता के स्मारक स्थल
देवास (डेस्क) - राजनीतिक और सामाजिक जीवन में देवास जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख देने वाले राजनीति के गुरु स्व श्री कैलाश जोशी को स्वत: हर नागरिक ने संत की उपाधि से नवाजा हर दिल के स्नेही चाहे वह विपक्षी हो या हमसफ़र सभी के लिए सम्मानित रहे ।अपने राजनीतिक जीवन में अनेक दौर इस तरह भी आये जब संत की उपेक्षा की पर कभी भी अपनी जवान पर विरोधी स्वर नहीं आये आज उन्हीं के स्मारक पर भाजपाई जाकर घड़ियाली श्रध्दांजली देने जा रहे हैं। भाजपा की कथनी और करनी दो राहे पर खड़ी रही है ।एक तरफ जूता मारते हैं तो दुसरी तरफ झूठा पछतावा करते देखे जा सकते हैं। हाल ही एक आदिवासी युवक पर पेशाब की जाती है तो दुसरी तरफ पाक साफ बनने के लिए मुख्यमंत्री आदिवासी के थाली में पांव रखकर धोना आंखों से लगाना और चरणामृत पीना जैसे बहरूपिया रूप दिखाकर जनमानस की दाद बटोरने का काम करते हैं। इतना ही नहीं इस तरह के एक नहीं सैकड़ों उदाहरण है जिसमें मुख्यमंत्री का मुखौटा देखने को मिला है। जातिगत समीकरण साधने में झूठ बोलकर समाजों को धोखा देना इनकी आदत में है या यह भी कहा जा सकता है "मुंह में राम बगल में छूरी'" का...