कन्नौद (चक्र डेस्क) - चुनाव कई हो गया वामण परिवार का लोग अपना अराध्य देव भगवान परशुरामजी की जयंति ही मनाना भूली गया। जी हां! हम बात कर रहे है कन्नौद की जो बाम्हण वाहुल्य नगर है और इस क्षैत्र का प्रतिनिधित्व भी वामण पुत्र कर रहा है अगर लोकसभा के चुनाव दस तारीख बाद होते तो भगवान परशुराम सिर चढकर बोलते इनसे तो मुठ्ठी भर अन्य समाज के लोग है जो अपने इष्ट की जयंति पर धूमधाम बैंड-बाजे के साथ नगर मे जलसा निकालकर मनाते है। बात चाहे अग्रसेन महराज हो या सेन महाराज की जयंति या फिर वालमिकी जयंति जो चुनाव से पहले आई थी और यह नेता वहां जाकर लच्छेदार भाषण देते हमारी आंखो ने देखा था। क्या इनको अपने ईष्ट परशुरामजी की याद नही आइ? आज म्हारा कन्नौद का हर नागरिक इनसे यह सबाल पूछ रहा है हम बात एक तरफ नही कर रहे है यही सबाल विपक्ष के भी कर रहे है जो अपनी जाति का चुनाव के समय नीचे से ऊपर तक करते रहे है। क्या इन नेताओ के पास हमारे सबालो का उत्तर है तो सार्वजनिक रूप से हमको दे। अगर यह आचार संहिता की काट चलते है तो दीगर समाजो का आचार संहिता चलते सडको प...