भोपाल (राज्य ब्यूरो) - बांस, शहद, महुआ और अन्य उत्पादनों और चंदन की खेती से वनवासियों की आय बढ़ाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय हर्बल मेले में कही। मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मेले का शुभारंभ किया। मेला 26 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वनोपज के विक्रय के काम का विकेंद्रीकरण किया जाएगा। प्रयोग के तौर पर वनवासियों और वन समितियों द्वारा 'उत्पाद बनाओ और बेचो को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। लघु वनोपजों के प्रसंस्करण पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन-धन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनकी उत्पादित सामग्रियों की पुख्ता खरीद व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि चंदन की खेती, बांस उत्पादन, औषधियों के निर्माण में उपयोगी वनोपज के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। पर्यावरण के लिए वनों को बचाना भी आवश्यक है और वनों से वनवासियों को आय भी हो, इसके प्रयास होंगे। मेले में बायर-सेलर मीट के आयोजन प्रशंसनीय हैं। इसके अधिकाधिक आयोजन हों, ताकि वनवासियों को वनोपज का दाम मिल सके। मुख्यमंत्री ने मेले में ...