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चोइथराम नेत्रालय कैंप में हुए ऑपरेशन के बाद आठ मरीजों के आंखों की रोशनी प्रभावित, ओटी सील

इंदौर (ब्यूरो) - चोइथराम नेत्रालय में आयोजित कैम्प में हुए 79 मरीजों के ऑपरेशन में से आठ मरीजों ने आंखों की रोशनी प्रभावित होने की शिकायत की है। आंखों में इंफेक्शन के कारण कम दिखाई देने की आशंका जताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है। उधर अंधत्व निवारण प्रभारी ने उस ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है। जहां ऑपरेशन आयोजित किए जा रहे हैं। जिन मरीजों ने आंखों से कम दिखाई देने की शिकायत की है। उनकी आंखों का परीक्षण भी नेत्र चिकित्सकों द्वारा कराया जा रहा है। बता दें कि चोइथराम नेत्रालय में कुछ दिनों पहले ऑपरेशन के लिए कैम्प आयोजित किया गया था। इसमें 79 मरीजों की आंखों के ऑपरेशन डॉक्टरों की टीम ने किए। सर्जरी के दो-तीन दिन बाद आठ मरीजों ने आंखों से कम दिखाई देने का जिक्र डॉक्टरों से किया। इसके बाद उनकी आंखों की फिर से जांच की गई और उनका फिर से इलाज शुरू किया गया। उधर मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसमें नेत्र चिकित्सक शामिल हैं ,जो रोशनी कम होने के कारणों का पता लगाएगे। आपको बता दें कि इंदौर में आठ साल पहले भी एक अ...

सीएम शिवराज से चर्चा के बाद शासकीय चिकित्‍सकों की प्रदेशव्‍यापी हड़ताल स्‍थगित

 भोपाल (स्टेट ब्यूरो) -  मप्र चिकित्सक महासंघ के बैनर तले स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के डाक्टरों द्वारा की जा रही हड़ताल स्‍थगित हो गई। चिकित्‍सा महासंघ के पदाधिकारियों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से चर्चा के बाद सुबह करीब साढ़े ग्‍यारह बजे हड़ताल स्‍थगित करने का ऐलान किया। इससे पहले चिकित्‍सा महासंघ के पदाधिकारियों की चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री विश्‍वास सारंग के साथ भी आज सुबह बैठक हुई। इस बैठक में चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री ने महासंघ की मांगों को लेकर हाईपावर कमेटी बनाने पर सहमति जताई। साथ ही यह भी कहा कि ये कमेटी समय सीमा में विचार कर रिपोर्ट देगी। अस्‍पतालों में सुबह पसरा रहा सन्‍नाटा, मरीज हुए परेशान इससे पहले आज सुबह डाक्‍टरो की हड़ताल की वजह से शासकीय अस्‍पतालों में सन्‍नाटा पसरा नजर आया। सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होती है, लेकिन अस्‍पतालों में डाक्‍टरों के चेंबर खाली नजर आए। राजधानी के जेपी अस्‍पताल में सुबह जब मरीज पहुंचे तो उनके इलाज के लिए चिकित्‍सा इंटर्सं को ड्यूटी पर लगाया गया। जेपी अस्पताल में अभी आयुष और प्रशिक्षु डाक्‍टरों ने संभाला काम। वहीं हमीदिया अस्‍पताल में ...

पहले सांसद फिर नपा उपाध्यक्ष के प्रयासों के बाद अब अस्पताल में चढ़ेंगे प्लास्टर

शासकीय डॉक्टर निजी क्लीनिक छोड़ अस्पताल में दे सेवा,  समझाइश के बाद भी नहीं समझे,तो फिर उन पर नियम अनुसार होगी कार्यवाही - कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम  बडवाह (निप्र) - शासकीय चिकित्सालय का शुभारम्भ हुए भले ही अरसा बीत गया हो परन्तु चिकित्सकीय सुविधाओ के लिए यह अस्पताल अब भी तरस रहा है. कभी दवाइयां, कभी चिकित्सकीय उपकरण  तो कभी चिकित्सकों की कमी झेलता यह 100 बिस्तरीय अस्पताल अब भी शासकीय कृपा के लिए राह तकता नजर आ रहा है. बीते कई दिनों से चर्चा में रहे अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ ठाकुर संसाधनों की कमी के कारण अस्पताल में प्लास्टर चढाने में असमर्थता जता रहे थे. वे अपने निजी चिकित्सालय में यह कार्य करते आ रहे थे. जिसकी शिकायतें विभिन्न ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सांसद से की थी. अपने प्रवास पर बडवाह आये सांसद श्री पाटिल ने तीखे स्वरों में डॉ ठाकुर से इस असुविधा को दूर करने के लिए आदेशित किया था. जिसके बावजूद भी डॉ ठाकुर संसाधनों की कमी के चलते यह सेवा शुरू नहीं कर पाए. बुधवार जिला कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने अपने दौरे पर अस्पताल की व्यवस्थाएं जांची. इस दौरान नपा उपाध्यक...

32 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को मिला 1.20 लाख नियमित का साथ, 21 से हड़ताल की दी चेतावनी

  भोपाल (ब्यूरो) -  21 दिसंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के तमाम सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो सकता है. गौरतलब है कि प्रदेश के 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर है, अब इसी बीच 1.20 लाख नियमित और आउट सोर्स कर्मचारियों ने भी दो दिन बाद यानी 21 दिसंबर से काम बंद कर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. अगर ऐसा होता है तो सरकारी अस्पताल में मरीजों इलाज मिलना ही बंद हो जाएगा साथ ही एक साथ सभी की परेशान भी बड़ सकती है. 41 सूत्री मांग को लेकर आंदोलन   बता दें कि स्वास्थ्य विभाग समेत चिकित्सा शिक्षा औऱ आयुष की तीन विधाओं को अलग-अलग संस्थाओं को सेवाएं देने वाले तमाम कर्मचारी संगठनों ने स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ बनाकर 41 सूत्रीय मांग रखी है. इसकी सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जा रहा है. महासंघ ने साफ तौर पर कहा है कि अगर हमारी मांग नहीं मानी तो फिर 21 दिसंबर से लाखों स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल करेंगे. - संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित किया जाए. - विभागों में सीधी भर्ती पदपूर्ति की जाए. - पुरानी पेंशन बहाल किए जाए - नर्सिंग ऑफिसर को...