मप्र विद्युत् नियामक आयोग की जनसुनवाई में उठे सवाल जबलपुर (ब्यूरो) - बिजली चोरी रोकने का हवाला देते हुए पूर्व क्षेत्र कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर अमल किया है। इस संबंध में कंपनी ने मप्र विद्युत नियामक आयोग से मंजूरी मांगी थी। जिस पर मंगलवार को जनसुनवाई हुई। आपत्तिकर्ताओं ने आयोग के सामने सवाल उठाया कि आखिर स्मार्ट मीटर लगने से कैसे बिजली चोरी रोकी जाएगी। इस सवाल पर कोई वाजिब जवाब भी नहीं मिला। कंपनी की तरफ से अपत्तिकर्ता को लिखित जवाब में बताया गया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह खरीदी की जा रही है। जबलपुर के राजेंद्र अग्रवाल के अलावा भोपाल और टीकमगढ़ समेत तीन आपत्तिकर्ताओं ने मामले पर अपनी बात रखी। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि 9466 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को यदि मंजूरी मिल जाए तो वह अपने नुकसान को 15 प्रतिशत तक कर सकती है। इस काम के लिए चार साल का वक्त मांगा गया है। पूर्व क्षेत्र कंपनी ने पूंजीगत निवेश योजना के तहत मप्र विद्युत नियामक आयोग में याचिका लगाई है। जिसके लिए आम लोगों से आपत्ति मांगी गई थी। इस संबंध में एडवोकेट और पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ...