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पर्यटकों का लाडला बना "लाडपुरा", UNWTO की ओर से मिला बेस्ट टूरिज्म विलेज अवॉर्ड

  भोपाल (ब्यूरो) - विश्व पर्यटन दिवस पर मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले का लाडपुरा गांव सबसे खूबसूरत गांव में शुमार हुआ है. सबसे खूबसूरत होने के साथ ही पर्यटकों की पहली पसंद बनने के चलते मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले की लाडपुरा गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार का तमगा हासिल हुआ है. विश्व पर्यटन दिवस पर ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज अवॉर्ड’ के लिए मध्य प्रदेश के अलावा दो और राज्यों के गांवों को नॉमिनेट किया गया था. एमपी के लाडपुरा गांव के साथ मेघालय का कांति कांगतोंग गांव और तेलंगाना के पंचम्पेली गांव को पछाड़कर यह पुरस्कार हासिल किया है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने प्रदेश के पहले पर्यटन ग्राम के रूप में लाड़पुरा गांव को विकसित किया है. इस गांव की सबसे खास बात यह है कि 1100 लोगों की जनसंख्या वाले गांव में 80 फ़ीसदी से ज़्यादा लोग शिक्षित हैं. लाडपुरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होम स्टे तैयार किए गए हैं. होम स्टे के जरिये पर्यटक ग्रामीण परिवेश से रूबरू होने के साथ बुंदेलखंड की संस्कृति हमारी परंपराओ को नजदीक से जानने का मौका मिल ...

चमत्कारी रहस्यों के बीच पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है हिंडोलनाथ बाबा मंदिर

  150 सीढ़ियों से चढ़कर रमणीय द्श्य व मोर की मनमोहक छटा भी   हरदा (निखिल रुनवाल) - हरदा जिले में हँड़िया के पास पहाड़ी पर स्तिथि हिंडोलनाथ मंदिर जहा जमी से करीब 150 सीढ़िया चढ़कर आध्यत्मिक व मऋषि मुनियों की तपस्या का सिद्ध केंद्र रहा है जहाँ वर्तमान में करीब सवा क्विंटल का विशाल त्रिशूल भी भक्तों द्वारा चढ़ाया गया है पर हाल ही में ये स्थल पर्यटकों के लिए भी आस्था का केंद्र सावन के महीने में बना हुआ है जहाँ रोजाना सैकड़ो लोग पहाड़ी के ऊपर स्तिथ भगवान शिव का सुंदर मंदिर बना है जहाँ मंगलनाथ   भगवान भी विराजित है और भक्त मंगलवार भात पूजन यही करवाते है अऋणी व मनोकामना सिद्धि के लिए चुकी इस पावन भूमि का इतिहास पुराणिक काल से चमत्कारी किदवंतियो में माना जाता है कि पांडव भी इसी स्थान पर गुप्त रूप से अज्ञातवाश काट रहे थे और तपस्या कर रहे थे जिले का यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि शांतमय और ध्यान योग साधना का भी केंद्र बन सकता है जहाँ पहाड़ी पर चारो तरफ हरियाली और मोर जैसे पक्षी भी अपनी अदाओं व स्वरों से स्थान को रमणीय बना रहे है वही आसमान से माँ नर्मदा का द्श्य दर्शन करने को मजबूर करत...