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नगर पंचायत दिवालिया , छब्बीस दैनिक वेतन भोगी को सात माह से वेतन नहीं

स्थायी कर्मचारीयों को दो माह से वेतन के लाले, ठेकेदारों के भुगतान से कर्मचारी के वेतन का टोटा साप्ताहिक चलता चक्र की रिपोर्ट कन्नौद (डेस्क) - स्थानीय नगर पंचायत में करीब छः माह से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को अपनी मेहनत का वेतन नहीं मिला वहीं स्थाय कर्मचारी को दो माह में एक बार वेतन दिया जा रहा है। मिली जानकारी अनुसार विगत छः माह से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपने परिवार के भरण पोषण के लिए सेठ साहूकारों से दस रूपये सैकड़ा तक का व्याज देने को मजबूर हैं इतना ही नहीं दैनिक लगने वाला सामान भी दो गुना भाव में खरीदने को मजबूर हैं पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं अगर अपने हक की लड़ाई लड़ना चाहते तो उनको वाहर कर देने की धमकी दी जाती है जिससे अपने हक की मेहनत कि रूपया भी  नहीं मांग सकते वही स्थाय कर्मचारी भी दो दो माह में एक बार वह भी महीने की आखिर तारीख तक वेतन डर रहा है । जानकारी जुटाने पर बताया जाता है चूंगईकर सरकार ने नहीं डाला तो वेतन कहां से दे।जबकि ठेकेदारों का भुगतान रूकता नहीं है तो यह रूपया कहा से आ रहा है ।दवी जवान से कहते हैं स्थानांतरण का सीजन चल रहा है इस कारण कमीशन के चक्कर में उनका भु...

विज्ञान मेले में पहुंची गोवा की फेनी, शराब का क्या काम, फिर भी हो गई डिस्प्ले, अफसरों को पता तक नहीं

भोपाल के मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) में आठवां इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल आयोजित हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर केंद्रीय मंत्री तक पहुंचे। इस बीच वहां गोवा की फैनी यानी शराब भी स्टॉल पर प्रदर्शित की जाती रही।  भोपाल (स्टेट ब्यूरो) -    मध्यप्रदेश में आबकारी नीति को लेकर सियासी घमासान मचा है। इस बीच, मैनिट में आठवें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्ट में शराब प्रदर्शित की गई। वह भी गोवा की फेनी। न आबकारी विभाग को भनक लगी, न ही आयोजकों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। मध्यप्रदेश की आबकारी नीति कहती है कि शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का प्रदर्शन या विज्ञापन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद इतने बड़े आयोजन में गोवा की फेनी (शराब) बिकना सवाल खड़े कर रहे हैं। साइंस एक्सपो डोम में गोवा से आई एक संस्था ने हर्बल मिर्च, नेचरल तरीके से पकाए केलों के साथ ही काजू और नारियल से बनी फैनी भी प्रदर्शित की। इनमें 40 से 43 प्रतिशत अल्कोहल था, जो इसके डिस्प्ले पर भी है। अब साइंस फेस्टिवल में प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्यप्रदेश आबकारी एक्ट 1915 के अनुसार ...