इंदौर (ब्यूरो) - नगर निगम ने शहर के विकास के लिए आठ हजार करोड़ बजट पेश किया। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया, इस कारण बजट पर चर्चा नहीं हो पा रही थी। हंगामे के कारण नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे को एक दिन के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया। इससे नाराज कांग्रेस पार्षदों ने बजट का बहिष्कार कर दिया और सदन से बाहर चले गए। इसके बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बजट भाषण पढ़ा। नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए इंदौर में एक आवासीय स्कीम लागू करने की घोषणा की। इसके अलावा कुछ एरिया में बहुमंजिला भवन भी बनाए जाएंगे। जलकर के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत 50 परसेंट की छूट दी। 29 गांव की नजूल की भूमियों पर भी निगम पीपीपी मॉडल के तहत प्रोजेक्ट लाएगा। इस बार के बजट में जलकर और संपत्तिकर में इजाफा किया गया। जलकर में 100 रुपये बढ़ाए गए और जबकि संपत्तिकर में आवासीय में अधिकतम तीन और कमर्शियल में सात रुपए अधिकतम प्रतिवर्ग फीट वृद्धि की गई। डोर टू डोर कचरा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई। काम काजी महिला को सिटी बस में 75 और विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत छूट दी गई। क...