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150 से 300 यूनिट मासिक बिजली खपत पर 19 पैसे प्रति यूनिट बढ़ी बिजली दर

 जबलपुर (ब्यूरो) - बिजली कंपनियां प्रदेश के मध्यम वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है। बिजली कंपनी ने बिजली के दाम बढ़ाने का जो प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को दिया है उसमें 150 से 300 यूनिट के भीतर मासिक खपत वालों के दाम बढ़ाए हैं। सीधे तौर पर 19 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा नियत प्रभार के नाम पर एक रुपये और बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। यदि इस प्रस्ताव को अमल में लिया गया तो प्रदेश के इस श्रेणी में आने वाले 10 लाख उपभोक्ता सीधे तौर पर इससे प्रभावित होने का अनुमान है। क्यों पड़ रहा असर बिजली कंपनी ने इस साल 150 से ऊपर का स्लैब खत्म कर दिया है। वर्तमान में 151 से 300 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं को 6.55 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली के दाम देने पड़ रहे हैं। नई याचिका में बिजली कंपनी ने 151 यूनिट के ऊपर एक दाम तय किया है। बिजली कंपनी ने इससे ऊपर खपत करने वाले उपभोक्ता से 6.74 रुपये दाम लेने का प्रस्ताव दिया है। इस वजह से जहां 300 यूनिट से ज्यादा मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को इसका कोई खास असर नहीं होगा लेकिन 151 से 300 की खपत करने वाले उपभोक्ताओं...

बिजली कंपनियां फिर काटेंगी हमारी जेब, तीन फीसदी महंगी हो सकती है घरेलू बिजली

  भोपाल (स्टेट ब्यूरो) -   मध्यप्रदेश में महज छह महीने बात एक बार फिर बिजली महंगी हो सकती है. बिजली कंपनियों ने घाटे का हवाला देते हुए घरेलू बिजली के दामों में तीन फीसदी के इजाफे की सिफारिश की है. यही नहीं, पहली बार मेट्रो ट्रेन के लिए बिजली की नई टैरिफ का भी प्रस्ताव है. प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों ने मप्र विद्युत  विनियामक आयोग को बिजली की दरें (टैरिफ) बढ़ाने की याचिका दायर की है. इसी याचिका में मेट्रो ट्रेन के लिए नया टैरिफ निर्धारित किए जाने का प्रस्ताव दिया है.मप्र में अभी घरेलू, गैर घरेलू, रेलवे सहित अन्य को मिलाकर 9 प्रकार के टैरिफ का निर्धारण द्वारा किया जाता है. गौरतलब है कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है. संभावना जताई जा रही है कि साल 2023-24 तक भोपाल और जबलपुर में मेट्रो चालू हो जाएगी. इसी को देखते हुए बिजली कंपनियों ने अभी से मेट्रो के लिए दी जाने वाली बिजली के लिए टैरिफ निर्धारित का प्रस्ताव याचिका में रखा है. आयोग में सुनवाई के बाद नई दरें लागू करने की मंजूरी मिलेगी.  कंपनियों ने बताया करीब 1500 करोड़ का घाटा  कंपनियों ने करीब...

प्रदेश में बिजली का झटका, 12 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी, फिक्स चार्ज भी बढ़ा; 8 अप्रैल से नई दरें लागू

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - प्रदेश में 8 अप्रैल से बिजली महंगी हो जाएगी। मप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इसका प्रस्ताव भेजा था। बिजली की दरों में 2.64% प्रतिशत की वृद्धि होगी। आयोग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 45,971 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। वर्तमान विद्युत-दर (टैरिफ) में राजस्व अंतर की राशि रुपए 1181 करोड़ रुपए के अंतर की भरपाई के लिए ये वृद्धि की है। घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे अधिक मार पड़ेगी। उनकी 8 पैसे से लेकर 12 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई है। फिक्स चार्ज 5 रुपए से लेकर 12 रुपए तक बढ़े हैं। सबसे अधिक मिडिल क्लास पर भार पड़े। जो वर्ग 50 से लेकर 150 यूनिट खर्च करता है। उसका सबसे अधिक बढ़ा है।

कल से 11 फीसदी तक महंगी हो जाएंगी 376 बीमारियों की जरूरी दवाइयां

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - पेट्रोल-डीजल और खाद्य तेलों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के बाद अब महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है. 1 अप्रैल से सामान्य सर्दी, जुखाम, बुखार जैसी बीमारियों की दवाइयां महंगी होने जा रही हैं. इन दवाओं के रेट करीब 11 फीसदी तक बढ़ने वाले हैं, जो आने वाले दिनों में लोगों की मुसीबत और बढ़ाएंगे. महंगाई के बोझ तले दबी जनता को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है. एक अप्रैल से सामान्य सर्दी, बुखार, बीपी, शुगर, टीबी और माइग्रेन समेत 376 बीमारियों की दवाएं महंगी होने जा रही हैं. जीवन में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली जीवन रक्षक दवाओं की कीमतें बढ़ने से लोगों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी. कच्चे माल की कीमत में बढ़ोतरी और नए बजट के प्रावधानों के कारण दवाओं के रेट बढ़ रहे हैं. 11 फीसदी तक बढ़ेंगे रेट दवाओं के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले बेसिक ड्रग डीलर एसोसिएशन के महासचिव जेपी मूलचंदानी का कहना है कच्चे माल की कीमतों में 15 से 150 फ़ीसदी तक वृद्धि हो चुकी है. दवाओं की पैकिंग में लगने वाले मटेरियल के रेट में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हो गया है. ऐसे में दवाओं की कीमतें बढ़ाना मजबूर...

प्रदेश में नए साल में 16 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई बिजली

जबलपुर (ब्यूरो) -   नए साल से प्रदेश में बिजली महंगी हो गई है। हर यूनिट पर 14 पैसे फ्यूल कास्ट एडजस्टमेंट (एफसीए) व दो पैसे प्रति यूनिट विद्युत उपकरण बढ़ा दिया गया है। विद्युत नियामक आयोग ने दरों को बढ़ाने की मंजूरी दी है। पहले एफसीए ऋृणात्मक सात पैसे था यानी अब हर यूनिट पर 14 पैसे एफसीए लिया जाएगा। एफसीए बढ़ने का असर यह होगा कि इस पर लगने वाला बिजली उपकर भी उपभोक्ता को देना होगा। यह उपकरण एफसीए पर 12 फीसद लिया जाता है। बिल में अब बिजली उपकर भी दो पैसे प्रति यूनिट अलग से देय होगा। कुल मिलाकर 300 यूनिट खपत वाले उपभोक्ता को अब हर महीने 47 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। शुक्रवार को मप्र विद्युत नियामक आयोग ने फ्यूल कास्ट एडजस्टमेंट को बढ़ाने की मंजूरी दी है। अब ऋृणात्मक एफसीए होने का फायदा उपभोक्ता को नहीं मिलेगा। पावर मैनेजमेंट कंपनी हर तीन माह में एफसीए तय करने का प्रस्ताव आयोग को भेजती है। पावर प्लांट में तेल और कोयले पर खर्च होने वाली राशि के आधार पर एफसीए तय किया जाता है। आय व्यय के मुताबिक ​यह राशि तय कर आयोग के पास प्रस्ताव भेजा जाता है जहां से आयोग परीक्षण करने के...

37 जिलों में डीजल भी 100 पार, सबसे महंगा रीवा में

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्यप्रदेश के 37 जिलों में डीजल भी 100 के पार पहुंच गया है। भोपाल-इंदौर और जबलपुर में एक-दो दिन में डीजल शतक लगा सकता है। मध्यप्रदेश के 4 बड़े शहरों में से ग्वालियर में पहले ही डीजल के भाव 100 रुपए से ज्यादा हो चुके हैं। राजधानी भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 110.88 रुपए पहुंच गई है। 9 दिन के भीतर 1.25 रुपए बढ़े हैं। वहीं, डीजल के रेट 100 के करीब पहुंच चुके हैं। सोमवार को डीजल के भाव 99.73 रुपए प्रति लीटर है। मध्यप्रदेश के रीवा में पेट्रोल-डीजल सबसे महंगा है। अनूपपुर, शहडोल, बालाघाट और उमरिया में भी रेट काफी बढ़े हुए हैं। प्रदेश में 26 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच 8 बार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े हैं। भले ही कीमत 15 पैसे से 49 पैसे तक बढ़ी हो, लेकिन 9 दिन में सवा से डेढ़ रुपए तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। धीरे-धीरे रेट बढ़ने का असर आमजन की जेब पर पड़ रहा है। भोपाल में रिकॉर्ड 111 रुपए के पार पहुंचा, गिरावट होने से फिर कम हुआ भोपाल में पेट्रोल और डीजल दोनों के ही रेट रिकॉर्ड पर पहुंच गए। 3 अक्टूबर को पेट्रोल 111.07 रुपए तक पहुंच गया था। वहीं, 1 लीटर डीजल के रेट 99.90 रुपए हो गए थ...