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Showing posts with the label शिक्षा जगत

भोपाल की बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी का गजब फरमान - कुलपति से मिलना है तो पहले थाने होकर आएं

  भोपाल (ब्यूरो) - राजधानी भोपाल की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी प्रबंधन का एक आदेश सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसकी शहर में तेजी चर्चा हो रही है. दरअसल बीयू प्रबंधन ने छात्रों के लिए एक आदेश निकाला है. जिसके तहत यदि दो से अधिक छात्रों को एक साथ कुलपति से मिलना है, तो इसके लिए स्थानीय थाने के प्रभारी से अनुमति लेनी पड़ेगी. ऐसे छात्रों को यदि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के मुद्दे पर कोई अहम चर्चा करना है या किसी अनियमितता के लिए ज्ञापन देना है तो बिना थाना प्रभारी के अनुमति के कुलपति छात्रों से नहीं मिल सकते. आदेश में लिखा है कि ''विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति से अपनी समस्या को लेकर 2 छात्र ही मिल सकते हैं. यदि दो से अधिक संख्या में मिलना चाहते हैं, तो कृपया थाना प्रभारी बागसेवनिया से अनुमति लेकर ही प्रवेश करें.'' BHOPAL BU VICE CHANCELLOR NOTICE TO STUDENTS " बीते छह माह पहले जारी हुआ था आदेश बीयू यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बताया कि यह आदेश 6 महीने पुराना है. जब भी हम लोग कुलपति से एक साथ मिलने जाते हैं, तो हमें बाहर ही रोक दिया जाता है. इसके लिए हम लोगों ने अलग से ...

सिर्फ अतिथि शिक्षकों पर हीं कार्रवाई का आदेश क्यों??

अगर खराब रिजल्ट पर सरकार सख्त है, तो परमानेंट शिक्षक पर कार्रवाई का आदेश क्यों नहीं?? क्या मुख्यमंत्री का जोर इन लाचार ओर मजबूर बेबस अतिथि शिक्षकों पर हीं चलता है?? क्या किसी परमानेंट मास्टर का रिजल्ट 30% से कम रहा तो इनपर कार्रवाई का आदेश क्यों नहीं?? - विचारणीय प्रश्न चक्र डेस्क  - हाल हीं मे मुख्यमंत्री के 30% से कम परीक्षा परिणाम वाले अतिथि शिक्षकों को नहीं रखने के आदेश के बाद यह फरमान को अतिथि संघ गलत ठहरा रहा है। अगर देखा जाएं तो जिन परमानेंट मास्टरों को लाखो रूपये महीने तनख्वाह मिलती है, अगर उनका रिजल्ट 30% से कम निकला तो इनपर कार्रवाई बनती है या नहीं,  की सिर्फ अतिथियों पर हीं कार्रवाई होंगी। अगर देखा जाएं तो लाखो की तनख्वाह पाने के साथ साथ साल भर मे कई तरह के प्रशिक्षण भी इनको दिए जाते है, इन परमानेंट मास्टरों को प्रशिक्षण के देने के नाम पर लाखो करोडो रूपये सरकार खर्च कर के प्रशिक्षण आयोजित करवाती है, ओर बच्चो को कैसे पढ़ाया जाएं जिससे बच्चो का परीक्षा परिणाम अच्छा रहें इस पर इनको ट्रेंड कोयन जाता है, उसके बाद भी इन परमानेंट मास्टरों का के विषय मे 30% से कम परीक्षा परि...

शिक्षा माफिया पर बड़ा एक्शन, 14 अशासकीय विद्यालयों पर 28 लाख का लगा जुर्माना

शहडोल (ब्यूरो) - शहडोल जिला प्रशासन ने संचालित निजी स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 14 निजी स्कूल के खिलाफ 28 लाख का जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि संबंधित स्कूल संचालक अभिभावकों को बढ़ी हुई राशि तत्काल वापस करें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों की ओर से छात्रों के अभिभावकों से नियमों के विरुद्ध वसूली की गई थी। शासन ने अतिरिक्त राशि को वापस करने के निर्देश निजी स्कूल के संचालकों को दिए हैं। आगामी शैक्षणिक सत्रों में स्कूल फीस में वृद्धि न हो, स्कूल ड्रेस में परिवर्तन न हो और अभिभावक निर्धारित दरों पर स्कूल से किताबें खरीद सकें। आदेशानुसार कहा गया है कि संस्था द्वारा सत्र 2022-23 से फीस वृद्धि कर संग्रहित की गई संपूर्ण राशि उनके पालक या अभिभावकों को आनलाइन नेट बैंकिग के माध्यम से 30 दिन के अंदर वापस किया जाना सुनिश्चित करें। उक्त नियम के उपबंध 9 (9) का प्रयोग करते हुए संस्था पर प्रतिदाय आदेश के अतिरिक्त प्रत्येक स्कूल पर 2-2 लाख रुपए की शास्ति अधिरोपित की जाती है। इस प्रकार कुल 24 लाख रुपए की राशि को 30 दिन के अंदर नियम के नियम 3(3) अंत...

अवैध फीस वसूली पर शासन सख्त : "ऐसी गलती पाने पर जबलपुर जैसी कार्रवाई पूरे प्रदेश में की जाएगी।" - मुख्यमंत्री यादव

भोपाल (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश सरकार राज्य में एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। इन दिनों शिक्षा से संबंधित दो मामले चर्चा में हैं। जबलपुर में शिक्षा माफ़ियों का भंडाफोड़ हुआ। 11 प्राइवेट स्कूलों द्वारा छात्रों को 81.30 करोड़ रुपये अधिक वसूली गई फीस के रूप में वापस की गई है। वहीं ग्वालियर में नर्सिंग कॉलेजों में बड़ी धांधली सामने आई है। साप्ताहिक चलता चक्र के साथ खास बातचीत के दौरान सीएम मोहन यादव ने इन दोनों मामलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। स्कूलों द्वारा अवैध फीस वसूली को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, “प्राइवेट स्कूल फीस, यूनिफॉर्म और किताबों के लिए यदि अलग से राशि लेंगे तो हमारी सरकार को यह बर्दास्त नहीं करेगी। यह किसी भी तरह से उचित नहीं है। गलती पाने पर शासन सख्त कार्रवाई करेगी। यह केवल जबलपुर में ही नहीं पूरे प्रदेश में ऐसी कार्रवाई की जाएगी। जहां भी ऐसे मामले आएंगे, हर जगह सख्त कार्रवाई की जाएगी।” बुक स्कैम में 20 लोग गिरफ्तार, 11 स्कूलों ने लौटायी अतिरिक्त फीस प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जबलपुर में प्रशासन का सख्त एक्शन सामने आया है। बुक स्कैम को लेकर पुलिस न...

एनसीआरटी की टीम ने अभिभावक बनकर दो दुकानों में मारा छापा, एक हजार किताब जब्त, एफआईआर दर्ज

  जबलपुर (ब्यूरो) - नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की नकली किताबों का मुद्दा देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गया है। इसी कड़ी में एनसीआरटी की टीम जांच करने के लिए जबलपुर पहुंची और शहर की कुछ किताब दुकानों में छापा भी मारा है। एक नकली किताब जब्त कर दो दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार एनसीईआरटी के अधिकारी अभिभावक बनकर दुकान में पहुंचे थे। शहर में नकली एनसीईआरटी की किताबें बिक रही थी। दिल्ली से आए एनसीईआरटी के अधिकारियों ने नकली किताबें बेचने की पुलिस से शिकायत की है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह से शिकायत की। शिकायत के बाद 2 बुक दुकान संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। दो दुकानों से एक हजार एनसीईआरटी की नकली किताबें पुलिस ने जब्त की है। सेंट्रल बुक डिपो और विनय पुस्तक सदन से एक हजार नकली किताबें जब्त की गई है। मामला जबलपुर के थाना लार्डगंज और यादव कॉलोनी पुलिस चौकी का है। नकली किताब, ज्यादा फीस और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मुहिम चलाई है।

बुरहानपुर के कई स्कूलों में 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक

 बुरहानपुर (ब्यूरो) - राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये का फंड और विभिन्न योजनाए संचालित की जाती हैं. शिक्षा विभाग को कई सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद बुरहानपुर जिले का परीक्षा परिणाम बिगड़ गया है. आदिवासी ब्लॉक खकनार के शेखापुर गांव के हायर सेकंडरी स्कूल में कक्षा बारहवीं के 26 विद्यार्थियों में से एक भी विधार्थी पास नहीं हो पाया. 6 विद्यार्थियों की सप्लीमेंट्री आई है, जबकि 20 विद्यार्थी फेल हो गए हैं. इसी प्रकार आदिवासी बाहुल्य धुलकोट क्षेत्र के बोरीबुजुर्ग गांव की हायर सेकंडरी स्कूल में कक्षा बारहवीं के 223 विद्यार्थियों में 26 विद्यार्थी ही पास हुए हैं. जबकि 178 विद्यार्थी फेल और 19 विद्यार्थियों की सप्लीमेंट्री आई है. खकनार हाईस्कूल में कक्षा 10 वीं के 13 विद्यार्थियों में से एक विधार्थी पास हुआ है, जबकि 9 विद्यार्थी फेल और 3 विद्यार्थियों की सप्लीमेंट्री आई है. इस तरह खामला गांव की हाईस्कूल में कक्षा दसवीं के 11 विद्यार्थियों में से 9 विद्यार्थी फेल और 1 विद्यार्थी की सप्लीमेंट्री आई है, केवल 1 ही विद्यार्थी पास हुआ है. झांझर...

70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त, हजारों को वेतन तक नहीं दिया

  मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के साथ जो कुछ भी हुआ वह अप्रत्याशित है। विधानसभा चुनाव से पहले वेतन में वृद्धि, 1 साल का अनुबंध, नियमित शिक्षक भर्ती में 50% आरक्षण, नियमितीकरण के लिए विशेष पात्रता परीक्षा जैसी घोषणाएं की गई और लोकसभा चुनाव के दौरान सरकार ने वेतन तक नहीं दिया। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को दूर की बात पार्टी के किसी पदाधिकारी ने आश्वासन के दो शब्द तक नहीं बोले।  भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि अतिथि शिक्षकों का अनुबंध पूरे 1 साल के लिए होगा। इसके बावजूद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री डीएस कुशवाह ने मध्य प्रदेश के लगभग 70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। इतना ही नहीं, हजारों अतिथि शिक्षकों को उनके काम के बदले वेतन तक नहीं दिया। हर साल अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति हेतु विधिवत आदेश जारी किए जाते थे। इसमें स्कूलों के प्राचार्य को पत्र जारी करके निर्देशित किया जाता था कि अतिथि शिक्षकों को सेवा समाप्ति की सूचना दें एवं यदि 30 अप्रैल के बाद किसी भी अतिथि शिक्षक से ...

शिक्षा का अधिकार : एमपी हाईकोर्ट से प्रशासन को झटका, प्राइवेट स्कूलों को मिली बड़ी राहत,

    इंदौर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने बुधवार को 2024-25 में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में प्रवेश के संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र के परिपत्र पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने 21 फरवरी के परिपत्र पर रोक लगा दी, लेकिन कहा कि याचिकाकर्ता एसोसिएशन के स्कूलों को बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का पालन करने का निर्देश दिया जाता है। प्रशासन के आदेश में कहा गया था कि गैर-सरकारी स्कूलों द्वारा धारा 12 (1) (सी) के तहत आरटीई प्रवेश के लिए सीटें यूडीआईएसई डेटा सत्र 2023-24 के लिए स्कूल द्वारा दर्ज किए गए औसत नामांकन (नर्सरी से कक्षा 1 तक) के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इसमें कहा गया था कि 2024-25 के लिए क्लास वन में 25 फीसदी सीटें निःशुल्क प्रवेश के लिए आरक्षित होंगी। इसी को लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक विरोध कर रहे थे।  कोर्ट ने लगा दी रोक      वहीं, याचिकाकर्ता एसोसिएशन ऑफ अनएडेड सीबीएसई स्कूल्स के वकील गौरव छाबड़ा ने कहा कि कोर्ट ने उस सर्कुलर पर रो...

प्रशासन ने 16 और स्कूलों पर कसा शिकंजा, खास दुकानों से कॉपी-किताब-यूनिफार्म खरीदने कर रहे थे बाध्य

जबलपुर (निप्र) - निजी स्कूल की मनमानी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अभिभावकों को विशेष दुकान से कॉपी-किताब व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करने वाले 16 अन्य निजी स्कूलों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर ने जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने कुल 34 निजी स्कूलों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एक निजी स्कूल द्वारा फीस में 22 प्रतिशत बढ़ोतरी किए जाने पर भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना से अभिभावकों ने व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि  निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा विशेष दुकान से कॉपी-किताब तथा यूनिफार्म व अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने बाध्य कर रहा है। कलेक्टर ने पहले 18 निजी स्कूलों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद गुरुवार को 16 अन्य निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। विजय नगर स्थित स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल के विरुद्ध 22 प्रतिशत फीस बढ़ाने की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इन स्कूलों पर होगी कार्रवाई जिन 16 निजी स्कूलों ...

नर्मदापुरम में बीइओ स्कूल शिक्षा सस्पेंड, तहसीलदार की झूठी शिकायत की थी

नर्मदापुरम (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में विकासखंड के ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर श्री एसएल रघुवंशी को कमिश्नर श्री पवन शर्मा द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। श्री रघुवंशी पर आरोप है कि उन्होंने नायब तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव की झूठी शिकायत की थी। नायब तहसीलदार और बीईओ के बीच विवाद की घटना 21 मार्च की है। निर्वाचन कार्य के दौरान कुर्सी पर बैठने की बात से विवाद शुरू हुआ। मामले में नायब तहसीलदार बनखेड़ी दिव्यांशु नामदेव ने 21 मार्च को हुई घटना की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद 30 मार्च को बीईओ रघुवंशी ने भी सहायक रिटर्निंग अधिकारी पिपरिया से नायब तहसीलदार की शिकायत की गई। शिकायत में बीईओ ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार नामदेव ने उनसे धक्का - मुक्की की। विवेचना में प्रस्तुत वीडियो फुटेज में नायब तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव द्वारा बीईओ से धक्का - मुक्की करते नजर नहीं आए। साथ ही दोपहर 3 बजे होने का उल्लेख किया। जबकि वीडियो में सुबह 11 बजे घटना होना दिखा। घटना के समय में भी अंतर आया।      जांच में सामने आया कि बीईओ एसएल रघुवंशी ने निर्वाचन कार्...

स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कलेक्टरों का एक्शन, कहीं एफआईआर दर्ज तो कहीं दर्ज़ करने की तैयारी पूरी

भोपाल/जबलपुर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और जबलपुर जिले में कलेक्टर द्वारा बुक स्टोर और निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। दरअसल, जबलपुर जिले में अभिभावकों की तरफ से प्रशासन को शिकायत की गई थी कि निजी स्कूलों द्वारा विशेष दुकान से कॉपी-किताबें, यूनिफार्म, जूते, टाई बैग आदि खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं इसी शिकायत पर जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 18 निजी स्कूलों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जबलपुर जिला प्रशासन की तरफ से अभिभावकों के संदेश दिया गया है कि निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित विशेष दुकान से अधिक एवं अनुचित मूल्य पर कॉपी, किताबें और यूनिफार्म को न खरीदें। वहीं इन स्कूलों पर मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फ़ीस एवं अन्य विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं इन स्कूलों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा समिति की ओर से निजी स्कूलों के प्रबंधन और विषय विशेषज्ञों से बातचीत करके उचित मूल्य पर कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है। राजधानी भो...

सालभर में खुले 38 नए सरकारी कालेज प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे

   इंदौर (ब्यूरो) - प्रदेशभर में सालभर के भीतर खुले 38 नए सरकारी प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे हैं। यहां नियमित शिक्षक भी नहीं है। इनकी कमियां अतिथि विद्वानों ने पूरी कर रखी है। इंदौर जिले में भी यही हाल है। खजराना, नंदानगर, बेटमा और कम्पेल में खुले नए कालेज में सुविधाओं का अभाव है। इन कालेजों में विद्यार्थियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। खजराना कालेज तो स्कूल भवन में लगाया जा रहा है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में 560 से अधिक सरकारी कालेज है। जहां 500 कालेजों में प्राचार्य के पद खाली है। इनके स्थानों पर कमान प्रभारियों ने संभाल रखी है। कालेजों में दो हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कालेजों की स्थिति को बेहतर करने की तरफ जनप्रतिनिधियों का बिलकुल ध्यान नहीं है। बस इनकी दिलचस्पी सिर्फ संस्थान शुरू करने तक रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर केंद्र सरकार का अधिक जोर है। इसके तहत कालेजों में अब बहुसंकाय पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे है। प्रदेशभर में 32 ऐसे कालेज हैं, जहां अभी तक विज्ञान और कला संकाय वाले पाठ्यक्रम नहीं थे। अब व...

5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा के भ्रामक पेपर वायरल! राज्य शिक्षा केंद्र ने गृह विभाग से मांगी मदद, छात्रों से की ये अपील

 भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 6 मार्च (बुधवार) से हो चुकी है। वहीं सोशल मीडिया पर एक्जाम पेपर सरकार के लिए चुनौती बन गया है। बताया जा रहा है कि पांचवी और आठवीं परीक्षा के कई भ्रामक पेपर इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र ने गृह विभाग से मदद मांगी है। प्रदेश में पांचवी और आठवीं परीक्षा का कई भ्रामक प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एग्जाम के 6 से 8 घंटे पहले मनगढ़ंत पेपर को फाइनल एग्जाम पेपर बताया जा रहा है। इसे लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने गृह विभाग से मदद मांगी है। साथ ही भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र का दावा है कि कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है।  एक हजार से अधिक केंद्रों पर प्रश्न पत्रों की हुई स्पॉट प्रिंटिंग उल्लेखनीय है कि इस साल से राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रायोगिक रूप से प्रारंभ की गई व्यवस्था के तहत प्रदेश के चयनित लगभग एक हजार 10 परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र ऑनलाइन तरीके से पहुंचे। इस व्यवस्था के तहत सुबह 7.30 बजे केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष के लॉग-इन...

स्कूलों की शैक्षिक रिपोर्ट जारी, बड़े जिलों का हाल खराब, टॉप 10 में छतरपुर पहले स्थान पर

        भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आज मंत्रालय में प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर जिलों में सम्पादित किये गये कार्यों के आधार पर जिलों की शैक्षणिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट दिसम्बर 2023 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। यह रिपोर्ट बच्चों के नामांकन और ठहराव, सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, शिक्षक व्यवसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना तथा सुविधाएँ, सुशासन प्रक्रियाएँ एवं वित्तीय प्रबंधन और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर तैयार की गई है इस मौके पर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस भी मौजूद थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पिछले दो दशकों में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये ठोस प्रयास किये गये है। प्रदेश में सीएम राईज स्कूल और पीएमश्री स्कूल खोले जा रहे है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जा रहे है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफार्म व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में यूनिफार्म बनाने का कार्य स्व सहायता समूह के माध्यम से किया...

स्कूल शिक्षा मंत्री ने अनुकंपा नियुक्ति अभियान के आदेश दिए

भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आज राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय वल्लभ भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया को एक अभियान चला कर पूरा करने के आदेश दिए। समय पर छात्रवृत्ति और विद्यार्थियों के बैंक खातों में साइकिल के लिए धनराशि ट्रांसफर करने की भी आदेश दिए। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिये कि सभी पात्र विद्यार्थियों को समय से छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाहियाँ पूर्ण करें। बच्चों को साइकिल प्रदाय योजना में राशि अंतरित करने की व्यवस्था की जाये। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग के अधोसंरचना विकास एवं शैक्षणेत्तर संचालन कार्यों में जहाँ भी संभावना हो वहाँ युवाओं को रोज़गार देने के प्रयास करें। विभाग के चतुर्थ श्रेणी के समस्त रिक्त पद जो अनुकंपा नियुक्ति से भरे जाने हैं, उनके लिए अन्य विभागों से भी माँग मंगायें ताकि रिक्तियों में भर्ती की कार्य शीघ्र पूर्ण हो सके। स्कूल शिक्षा मंत्री को प्रदेश में विभागीय शैक्षणिक अधोसंरचना, साक्षर...

डीपीसी भ्रमण के दौरान कई शालाएं बंद मिली, शिक्षक रहे अनुपस्थित

  खरगोन (निप्र) - आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र भगवानपुरा और झिरन्या में शिक्षण व्यवस्था बदलाव की स्थिति में है। जिला परियोजना समन्वयक शैलेन्द्र कानूड़े ने गत 19 जुलाई को भगवानपुरा व झिरन्या विकासखण्ड की विभिन्न स्कूलों का भ्रमण किया गया था। भ्रमण के दौरान कई शालाएं का बंद पाई गई। शिक्षकों का अनुपस्थित रहना, कक्षावार अध्यापन न होना, टाइम टेबल नहीं पाए जाने पर डीपीसी कानूड़े ने प्रतिवेदन तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को प्रस्तुत किया है। साथ ही उन्होंने निरीक्षण के दौरान कई स्कूलें नियमानुसार संचालित होने और साफ सफाई व्यवस्थित तरीके से होने पर उनकी प्रशंसा भी की। निरीक्षण के दौरान बालिका शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक डीडी पाटीदार मौजूद रहे।

स्कूली छात्राओं के पीठ पीछे अश्लील इशारे, 4 पर केस दर्ज

 निवाड़ी में दारू पीकर स्कूल पहुंचे हेडमास्टर, कॉपी किताबों के बीच छुपाई बोतल हरदा/निवाड़ी (ब्यूरो) -   हरदा जिले में छात्राओं को अश्लील इशारे करने वाले चार युवकों पर मामला दर्ज किया गया है। इधर निवाड़ी में जिले में हेडमास्टर दारू पीकर स्कूल पहुंचे। इतना ही नहीं कॉपी किताबों के बीच शराब की बोतले छुपा दिखाई दिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। कुछ दिन पूर्व वायरल हुए हेडमास्टर के आपत्तिजनक वीडियो के बाद पृथ्वीपुर तहसील के सकेरा भडारन कन्या शाला का एक और वीडियो सामने आया है। वायरल इस वीडियो में शिक्षक शराब के नशे में है और कॉपी किताबों के बीच शराब की बोतले छुपा रहे है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जहां एक और हेडमास्टर खुद को षड्यंत्र का शिकार बताते हुए गांव के ही राघवेंद्र यादव पर समूह और अतिथि शिक्षक के लिए बनाए गए दबाव की बात कर रहा है। तो वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि पूर्व में शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल वह इस मामले की जांच करा रहे है। सोशल मीडिया पर ऑनलाइन अश्लील इशारे हरदा...

शिक्षा के मंदिर में शराबी शिक्षक, कपड़े उतारकर कुर्सी में बैठा, वीडियो वायरल

  शहडोल (ब्यूरो) - बच्चे देश के आने वाले भविष्य हैं। जिनकी नींव स्कूल से मजबूत होती है, और यह नींव एक शिक्षक ही डाल सकता है। लेकिन जब शिक्षक का भविष्य ही अंधकार में हो तो बच्चों का भविष्य कैसे बनेगा। मामला शहडोल के जयसिंहनगर अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक स्कूल बाकीबरा का है। जहां पढ़ाने वाले एक शिक्षक का नशे में धुत वीडियो वायरल हुआ है। शिक्षक ने इतनी शराब पी रखी थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। लड़खड़ाते कदमों के साथ वह स्कूल में अचेत अवस्था में कपड़े उतारकर पड़ा रहा। इस दौरान उनके इस करतूत को किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की बंसल न्यूज पुष्टि नहीं करता है।  शिक्षक का वीडियो वायरल शिक्षक अमन सिह नशे में धुत्त होकर विद्यालय पहुचे जहां उन्हें इस हालत में देखर छात्र डर गए। शिक्षक अमन ने इतनी शराब पी रखी थी कि वह ठीक से चल भी नही पा रहा थे। लड़खड़ाते कदमो के साथ वे विद्यालय पहुंचे जहां वह कुर्सी पर बेहोशी की हालत में कपड़े उतार कर अंडरवियर में बैठे थे। उनकी इस करतूत को किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया...

200 साल पुरानी बिल्डिंग में रोज पढ़ने जाते हैं 300 से अधिक बच्चे,

खरगोन (ब्यूरो) - जिले के 325 से अधिक छात्र – छात्रा मौत के साये में शिक्षा लेने को मजबूर है. यह पूरा मामल महात्मा गांधी शासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, मंडलेश्वर का है. लगभग 200 वर्ष पुराने भवन में यह स्कूल संचालित हो रहा है. भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. बारिश में बिल्डिंग के हर कमरे में पानी टपकता है. कई वर्ष पूर्व छतिग्रस्त होने से बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा भी आवाजाही के लिए बंद कर दिया है. बताया जाता है की जिस बिल्डिंग में स्कूल चल रहा है वह ब्रिटिश गवर्मेंट में बना था. आजादी के बाद यहां स्कूल शुरू की गई थी. कुछ वर्ष यहां कॉलेज भी लगा. ग्राउंड फ्लोर पर स्कूल लगती थी. लेकिन अब यह बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुका है. वर्ष 2012 में लोक निर्माण विभाग द्वारा इस भवन जर्जर घोषित कर डिशमेंटल करने के लिए कहा गया है लेकिन नवीन भवन नहीं होने के अभाव में आज भी स्कूल यहीं लग रहा है. प्रिंसिपल सोनी के मुताबिक अभी स्कूल में करीब 325 विद्यार्थी है. एडमिशन अभी भी चालू है. इसके अलावा यहां 25 शिक्षक और 10 अन्य कर्मचारी है. जो हमेशा डर के साएं में रहते है. प्रिंसिपल बताते है कि यह भवन लगभग ...

प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अंग्रेजी पाठ्यक्रम पढ़ेंगे

  भोपाल (ब्यूरो) - सरकारी स्कूलों के शिक्षक अंग्रेजी भाषा में पारंगत होंगे। इसके लिए एनसीईआरटी द्वारा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टीचिंग इंग्लिश कोर्स संचालित किया जा रहा है। इससे न सिर्फ शिक्षक अंग्रेजी बोलना सीखेंगे, बल्कि बच्चों को भी अंग्रेजी में बोलने व पढ़ने में दक्ष कर सकेंगे। यह कोर्स सरकारी स्कूलों के अंग्रेजी के शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी किया आदेश यह पाठ्यक्रम 10 माह का होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई है। इस पाठ्यक्रम को राज्य शिक्षा केंद्र और आंगल भाषा शिक्षण संस्थान की ओर से तैयार किया गया है। इसमें सीटों की संख्या 30 होंगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर दिए हैं। प्रत्येक जिले से आवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं। चयन परीक्षा में पास होना जरूरी अधिकारियों के अनुसार इस एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन टीचिंग इंग्लिश करने के बाद शिक्षक अंग्रेजी की नई पद्धति और नवाचार सीख सकेंगे। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र शिक्षकों को अंग्रेजी की नवीन पद्धति, नवाचार और भाषा में विभिन्...