भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आज मंत्रालय में प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर जिलों में सम्पादित किये गये कार्यों के आधार पर जिलों की शैक्षणिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट दिसम्बर 2023 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। यह रिपोर्ट बच्चों के नामांकन और ठहराव, सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, शिक्षक व्यवसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना तथा सुविधाएँ, सुशासन प्रक्रियाएँ एवं वित्तीय प्रबंधन और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर तैयार की गई है इस मौके पर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस भी मौजूद थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पिछले दो दशकों में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये ठोस प्रयास किये गये है। प्रदेश में सीएम राईज स्कूल और पीएमश्री स्कूल खोले जा रहे है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जा रहे है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफार्म व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में यूनिफार्म बनाने का कार्य स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है। शेष जिलों में बच्चों के बैंक खातों में यूनिफार्म की राशि हस्तांरित की जा रही है।
छतरपुर, खंडवा और डिंडोरी टॉप 3 जिलों में शामिल हैं। वहीं नरसिंहपुर तीसरी बार पांचवे नंबर पर आया है। इसके बाद बालाघाट, दमोह, शाजापुर, दतिया और सिवनी भी 10 टॉप में शामिल हैं। रिपोर्ट में बड़े जिलो का हाल पिछड़ा है। राजधानी भोपाल रिपोर्ट कार्ड में 43वें स्थान पर है। प्रारंभिक शिक्षा का जिला रिपोर्ट कार्ड शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जारी किया है। साथ ही भोपाल और सागर जैसे जिले शैक्षिक रिपोर्ट में निचले स्तर पर हैं। वहीं राजगढ़, रीवा, सिंगरौली, सतना, विदिशा, दतिया, ग्वालियर और निवाड़ी ज़िलों की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अगर संभाग के हिसाब से देखें तो जबलपुर संभाग ने रिपोर्ट में टॉप पर है। सागर दूसरे और नर्मदापुरम संभाग में तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में 12 जिले ऐसे भी है जिसका एक भी स्कूल टॉप 100 में नहीं आता है। वहीं सीधी जिले के 10 स्कूल टॉप 100 की लिस्ट में शामिल हैं।
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