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300 करोड़ का खेल: DHL इंफ्राफुल इंटरनेशनल के संतोषसिंह और संजीव जायसवाल मस्त, फरियादी त्रस्त, करोड़ों के घोटाले का आरोप

      इंदौर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के इंदौर मेंभूमाफियाओं की ईओडब्ल्यू से शिकायत के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में डल गया है। दरअसल DHL इंफ्राफुल इंटरनेशनल के इंदौर सहित भोपाल सीहोर धार कई जगहों पर बड़े प्रोजेक्ट दिखाकर आम जनता को लालच दिया गया था। लोग इस कंपनी के लालच में इस तरह फंस गए कि उन्हें अब तक उनका भूखंड उन्हें नहीं मिला है। इसके साथ ही जिस भूखंड को उन्होंने बुक करने के बाद 70% तक राशि संतोष कुमार और संजीव जायसवाल की कंपनी में डाली थी, वह कंपनी द्वारा हड़प ली गई। जिसमें लगभग 300 करोड़ से ज्यादा का अब तक गबन किया जा चुका है। लेकिन राजनीनिक रसूख के चलते इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस पूरे मामले में इंदौर भोपाल सहित अन्य जगहों पर शिकायतकर्ताओं ने अब तक अपनी शिकायत है दर्ज कराई है। लेकिन नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर पुलिस की जांच को अब तक दोनों रंगा बिल्ला प्रभावित करते हुए आए हैं। इसी के चलते उन पर अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस पूरे मामले में लगातार फरियादी अब भी दर-बदर की ठोकर खाते हुए नजर आ रहे हैं और DHL इंफ्राफुलके डायरेक्टर संतोष सिंह और संजीव ...

एनसीआरटी की टीम ने अभिभावक बनकर दो दुकानों में मारा छापा, एक हजार किताब जब्त, एफआईआर दर्ज

  जबलपुर (ब्यूरो) - नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की नकली किताबों का मुद्दा देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गया है। इसी कड़ी में एनसीआरटी की टीम जांच करने के लिए जबलपुर पहुंची और शहर की कुछ किताब दुकानों में छापा भी मारा है। एक नकली किताब जब्त कर दो दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार एनसीईआरटी के अधिकारी अभिभावक बनकर दुकान में पहुंचे थे। शहर में नकली एनसीईआरटी की किताबें बिक रही थी। दिल्ली से आए एनसीईआरटी के अधिकारियों ने नकली किताबें बेचने की पुलिस से शिकायत की है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह से शिकायत की। शिकायत के बाद 2 बुक दुकान संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। दो दुकानों से एक हजार एनसीईआरटी की नकली किताबें पुलिस ने जब्त की है। सेंट्रल बुक डिपो और विनय पुस्तक सदन से एक हजार नकली किताबें जब्त की गई है। मामला जबलपुर के थाना लार्डगंज और यादव कॉलोनी पुलिस चौकी का है। नकली किताब, ज्यादा फीस और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मुहिम चलाई है।

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा विकसित कालोनियों में भयंकर गड़बड़झाला, शासन को लगाया राजस्व का चूना, सक्षमों को बेचे गरीबों के प्लाट

टीएनसी के नक्शे में भी हेरफेर, बगीचे और सड़को की जमीन भी प्लाटो में की तब्दील,  एसडीएम को रहवासियों ने शिकायती आवेदन देकर किया कालोनी के इस गड़बड़ झाले का खुलासा   बड़वाह (निप्र)  - नगर सहित ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली कई कालोनिया आज भी ऐसी है । जहा के रहवासियों को उनकी मूलभूत सुविधा का लाभ आज तक नहीं मिला। जबकि कुछ कालोनी तो ऐसी भी है जहा सड़क, पानी, बिजली आदि की अव्यवस्थाओ के चलते रहवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  इस समस्या को लेकर अब कालोनीवासी भी अधिकारियो को शिकायत करते करते थक चुके है लेकिन लबिंत शिकायतो का कोई निराकरण नहीं निकल रहा। उल्लेखनीय है की नगरीय और पंचायत सीमा में विकसित कुछ कालोनी के भूमि मालिको ने अपनी अधिक कमाई के चक्कर में शासन को दिए जाने वाले टीएनसी के नक्शे में भी हेरफेर कर बगीचे और सड़क की जमीन भी प्लाटो में तब्दील कर बेचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसी ही चार कालोनी के मामले में प्रेमलाल गुर्जर और अन्य कलोनिवासियो द्वारा एसडीएम को शिकायत कर मामले का खुलासा किया है।  शिकायतकृताओ ने अपने शिकायती आवेदन में एसडीएम को बताया...

परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत के विरुद्ध एमपी एमएलए कोर्ट ने दिए ईओडब्ल्यू को जांच के आदेश

भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की परेशानी बढ़ते ही जा रही हैं। मंत्री के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, आर्थिक अपराध व बेनामी संपत्ति के संबंध में एमपी एमएलए कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को जांच के आदेश दिये हैं। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ एमपी एमएलए कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में आरोप है कि मंत्री ने एक साल पहले सागर जिले में 50 एकड़ कृषि भूमि बेनामी संपत्ति के तौर पर अपने ससुराल वालों के नाम पर खरीदी। इसके बाद मंत्री ने कृषि भूमि गोविंद राजपूत ने स्वयं तथा अपने परिजनों के नाम पर दान पत्र के आधार पर रजिस्ट्री करवा ली। याचिका में कहा गया कि आर्थिक अपराध की बड़ी धोखाधड़ी यह हुई है कि रजिस्ट्री शुल्क भी कम जमा किया गया, जिससे शासन को करीब 50 लाख रुपए की जानबूझकर हानि पहुंचाई गई। वहीं, याचिका के साथ पांच बड़े अपराध की सूची भी जमा की गई हैं।                    याचिकाकर्ता चंद्रमोहन दुबे के अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि यह आर्थिक अपराध तथा बेनामी संपत्ति तथा जालसाजी धाखाधड़ी के संबंध म...

एटीएम में एम -18 एरर क्रिएट कर 42 बार में निकाले 10 लाख रुपए

भोपाल (ब्यूरो) - राजधानी के 100 एटीएम में छेड़छाड़ कर दस लाख रुपए निकालने वाली गैंग के तीन सदस्यों को भोपाल सायबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अप्रैल से अगस्त के बीच सात सदस्यीय ये गैंग 42 बार कामयाब हुई। 10-12वीं तक पढ़े सदस्य केवल एसबीआई की एनसीआर (पुरानी तकनीक की) एटीएम मशीन को ही निशाना बनाते थे। इस जालसाजी के गैंग ने लोहे का उपकरण बनवाया है, जिसे ये पत्ती बुलाते हैं। एटीएम में पैसे निकालने के लिए बटन दबाने पर बाहर निकलने वाले कैश स्लॉट शटर को आरोपी पकड़ लेते थे। फिर इसमें पत्ती फंसा देते थे, जिससे कैश सेंसर पर न गिरकर पत्ती पर गिरता था। इससे एटीएम मशीन में एम-18 एरर क्रिएट होता था। यानी कैश तो निकल जाता था, लेकिन एटीएम कार्ड यूजर के खाते से रकम डिडक्ट नहीं होती थी। पुलिस को फिलहाल इस गैंग के चार सदस्यों की तलाश है। एसपी साउथ साईं कृष्णा ने बताया कि बीती 13 अगस्त को एफएसएस कंपनी के कर्मचारी प्रेम प्रकाश रंगा ने शिकायत की थी। बताया था कि कुछ एसबीआई एटीएम में छेड़छाड़ कर अप्रैल से अगस्त महीने के बीच करीब दस लाख रुपए निकाले गए हैं। तकनीकी जांच में सामने आया कि से वारदात करने वाले अ...