लेखक शेफाली वैद्य ने भोजशाला को बताया हिंदू आर्किटेक्ट, एएसआई के रवैये पर बोलीं - मुगल डोम में लाइटिंग के लिए करोड़ों और यहां फूटी-कौड़ी भी नहीं
धार (निप्र) - मध्यप्रदेश के धार जिले में वार्षिक साहित्यिक समागम ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ में देश के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार, चिंतक, इतिहास, विचारक, संविधान और संस्कृति के विद्वान सहित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता, वक्ता और चर्चा-प्रवर्तक ने भाग लिया। ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ के अंतिम सत्र के बाद लेखक शेफाली वैद्य भोजशाला पहुंची। शेफाली वैद्य ने कहा कि, जबसे मैंने इस पवित्र स्थान के बारे में पढ़ा है मेरी भोजशाला देखने की मंशा थी। जो मैंने फोटो देखी, रिचर्स किया की भोजशाला क्या है, इसका महत्व क्या है, अब जब मैं यहां आकर देखती हूं तो पाता चलता है कि ये एक हिंदू स्ट्रक्चर ही है। यहां का हर खंबा चिख-चिख कर कह रहा है कि वह हिंदू है, यहां पर कीर्ति मुख बने हुए हैं। जय विजय बने हुए हैं, शाखाएं बनी हुई, यहां पर जो ह्यूमन, देवताओं के और गंधर्व, घंटा जैसे पवित्र चिन्ह बने हुए हैं। यहां के सारे खंभे कह रहे है की वे हिंदू मंदिर के खंबे हैं। उन्होंने कहा कि, मैं इस बात से बहुत दुखी हूं जो मैंने देखा कि यहां एएसआई ने प्रोटेक्शन के नाम पर कई जगह पर कांच लगा रखा ह...