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Showing posts with the label अव्यवस्था

क्लास में बड़े मजे से सोती रही शिक्षिका, मैडम की नींद न टूट जाए इस डर से चुपचाप बैठे रहे बच्चे

  छतरपुर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। कभी कोई शिक्षक स्कूल शराब पीकर पहुंचा रहा है तो कभी बच्चे क्लास रूम में छाता लेकर पढ़ने को मजबूर हैं। ताजा मामला छतरपुर जिले से सामने आया है। जहां एक शिक्षिका चलती क्साल में कुर्सी पर सो गई। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियाे रालबनर ब्लॉक के देवगांव के प्राइमरी स्कूल का बताया जा रहा है। जहां चतली क्लास में शिक्षिका संध्या खरे कुर्सी पर बैठकर सोते नजर आई और बच्चे बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। बच्चे मैडम से कुछ पूछने की चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें डर है कि कहीं मैडम नींद न टूट जाए। वीडियो देखा जा सकता है कि मैडम बड़े आराम से एक कुर्सी पर पैर रखकर कैसे नींद पूरा कर रही हैं, मानों कहीं से मजदूरी करके आई हो। यह कहना उचित होगा कि ऐसे टीचर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर शिक्षा विभाग के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं या फिर ऐसे ही मैडम बड़े मजे से आगे की क्साल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय सोते रहेगी।

पुल न होने से जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं स्कूली बच्चे

 खरगोन (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव के लोगों को पुल नहीं होने से बारिश में प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर कुंदा नदी को पार करना मजबूरी है। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग बारिश में नदी, नाले और पुल, पुलिया पार करने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे और ग्रामीणों को कुंदा नदी पार करना मजबूरी है। ग्राम राजमली, नीम घाटी और बिल्यापानी गांव के ग्रामीण आजादी के बाद से पुल नहीं होने से परेशान हैं। स्कूल जाने के लिये बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ज्यादा पानी होने पर परिजन बच्चों को स्कूल जाने के लिए नदी पार करवाते हैं। कुंदा नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीण जान हथेली पर रखकर नदी में से निकल रहे हैं। इधर वडीया और गोपालपुरा गांव के बीच बह रही जीवन दायिनी कुंदा नदी बारिश में लोगों की परेशानी का सबब बनी रहती है। आदिवासी अंचल के ग्रामीणों को करीब 25 किलोमीटर घूमकर पीपलझोपा जाना पढता है। बारिश के दौरान पीपलझोपा में हायर सेकेण्डरी स्कूल जाने के लिये बच्चे और बीमार ग्रामीण अस्पताल जाने के लिए परेशान होते हैं। नदी...

यह कैसी स्मार्ट सिटी : गलियों में पानी भर जाने से 250 घरों के लोग परेशान, सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत

उज्जैन (वरुण पिंडावाला) - कहने को तो यह शहर स्मार्ट सिटी है, लेकिन इस शहर में स्मार्ट सिटी की तरह कुछ नहीं हो रहा है। आज बात यदि बारिश के मौसम के इंतजाम की ही कर ली जाए तो पता चलेगा कि इस स्मार्ट सिटी में कागजों पर तो सब कुछ हो रहा है, लेकिन धरातल की स्थितियां कुछ ऐसी है कि पिछले चार दिनों से MR4 दारु गोदाम के पास की कई कॉलोनी के रहवासी जलजमाव की समस्या से परेशान है। जिसको लेकर सभी जिम्मेदारों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन फिर भी समस्याओं का समाधान करने को कोई तैयार नहीं है। क्षेत्रवासी इतने परेशान है कि बच्चे जहां स्कूल नहीं जा पा रहे हैं वही जल जमाव के कारण जहरीले जानवर तक घरों में घुसने लगे हैं। MR 4 दारु गोदाम के पास स्थित अपना नगर, प्रीति नगर, प्रेम नगर के पास की कुछ कॉलोनिया और भी है, जहां के रहवासी इन दिनों जलजमाव की समस्या से बुरी तरह परेशान है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले यहां पर पानी भर जाने की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन जब से यहां पानी की निकासी के लिए छोटे-छोटे पाइप लगा दिए गए हैं। तभी से कॉलोनी में पानी भरने लगा है। क्षेत्र में रहने वाली गुड्डी बाई ने बताया कि र...

घंटों एंबुलेंस का इंतजार करते 13 साल के मासूम की चली गई जान

सीहोर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बदहाल है। कभी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती तो कभी एंबुलेंस के लेट से पहुंचने से प्रसूताओं को दिक्कतें होती हैं। ऐसा ही एक मामला सीहोर जिले के इछावर से सामने आया है। जहां समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से 13 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह मामला इछावर थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि सातवीं कक्षा में पड़ने वाला हर्षित चौहान को अचानक पेट में दर्द होने लगा। जिसके बाद परिजन उसे इछावर अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी नाजुक हालत को देखते ही डॉक्टरों ने सीहोर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। इस दौरान परिजन घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। बावजूद इसके एंबुलेंस नहीं आई, ऐसे परिजन मजबूर होकर बच्चे को एक निजी वाहन किराए पर लिया और बच्चे को लेकर जिला अस्पताल की ओर रवाना हो गए, लेकिन मासूम ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अब सवाल खड़ा होता है कि एंबुलेंस की सर्विस में इतनी लापरवाही क्यों? अगर समय पर एंबुलेंस आई होती तो मासूम की जान बच सकती थी। इस संबंध में इछावर ...

महिला ने रिक्शा में दिया बच्चे को जन्म, अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट नहीं होने से भर्ती से किया था इंकार

      नीमच (ब्यूरो) - जिला अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट की कमी के कारण भर्ती नहीं कराए जाने पर एक 30 वर्षीय महिला ने ऑटो रिक्शा में एक बच्चे को जन्म दिया। मां और शिशु को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया और वे ठीक हैं। कलेक्टर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार इलाके के रहने वाले दिनेश सिलावट ने कहा कि वह कुछ दिनों से नीमच के मलखेड़ा गांव में रह रहे हैं। उनकी पत्नी रजनी को बुधवार दोपहर करीब 2.30 बजे प्रसव पीड़ा होने लगी और वह उन्हें रिक्शा से यहां जिला अस्पताल ले गए। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे अपनी पत्नी को राजस्थान के उदयपुर ले जाने के लिए कहा। बार-बार अनुरोध के बावजूद वे नहीं झुके और महिला कर्मचारियों ने हमें अस्पताल छोड़ने के लिए कहा। जैसे ही हम शाम करीब 4 बजे अस्पताल से बाहर आए, मेरी पत्नी ने ऑटो रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मेरी पत्नी को बच्चे को जन्म देने के समय गोपनीयता प्रदान करने के लिए पतरों की व्यवस्था की। सिलावट ने कहा कि जब अस्पताल के कर्मचारियों को प्रसव के बारे में पता चला...

यह कैसी लोकहीत सरकार : एक माह से लोक सेवा केंद्र बंद फिर भी जिले के अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए

  स्थानीय नगर में एक माह से लोक सेवा केंद्र बंद है इसकी जानकारी कन्नौद से लेकर देवास तक के जिला अधिकारियों को यह बात मालूम है इसके बावजूद आज तक स्थानीय एवं जिले के अधिकारियों ने संज्ञान क्यों नहीं लिया ? कन्नौद/देवास (निप्र) -  शासन द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक तहसील में पीपीपी मॉडल पर लोक सेवा केंद्र संचालित किया गया। जिसको प्राइवेट वेंडर द्वारा संचालित किया जाता है किंतु कन्नौद तहसील परिसर स्थित लोक सेवा केंद्र के वेंडर ने विगत 16 मार्च से केंद्र पर काम करना बंद कर दिया। जिसके कारण आम नागरिक रोज कार्यालय आते हैं और वापस हो जाते हैं उनके यहां पर कोई सुनवाई करने वाला भी नहीं है ना ही कोई ठीक ढंग से जवाब देता है। इस बात की पुष्टि हमारे प्रतिनिधि ने भी कार्यालय जाकर देखी तो सही मिली। कार्यालय में  इक्का दुक्का लोग बैठे हुए हैं गपशप चल रही है लोग आवेदन हाथ में लिए विंडो पर जाते हैं जवाब मिलता है बाद में आना, भाई साहब। बाद में कब आना है,जब चालू हो जाएगा खबर हो जाएगी। आपको इस तरह के जवाब दिए जा रहे हैं यह कहानी 16 मार्च 2024 से चल रही है।     ...

डॉक्टर यादव के प्राइवेट क्लीनिक को लेकर नागरिकों ने दिया ज्ञापन

कन्नोद/देवास (निप्र) -   स्थानीय सिविल चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्री दीपक यादव नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री राधेश्याम जाट की मृत्यु के बाद से विवाद के बाद से बीमारी की बात कह कर छुट्टी पर चले गए हैं  कुछ समय अपने गांव रहने के बाद पुन: कन्नौद आकर उन्होंने बाईपास स्थित एक मकान में मेडिकल स्टोर व प्राइवेट नर्सिंग होम अन्य नाम से खोल लिया है इस बात को लेकर स्थानीय नागरिकों ने एसडीएम को ज्ञापन जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी के नाम दिया गया जिसमें बताया गया कि डॉक्टर ने गंभीर बीमारी के चलते छुट्टी ली है जबकि डॉक्टर प्राइवेट नर्सिंग होम खोलकर प्रैक्टिस कर रहे है तत्काल डॉक्टर की छुट्टी निरस्त की जाए एवं उनका चिकित्सालय में बैठने के लिए निर्देश दिए जाएं!

प्रदेश में कुत्तों की नसबंदी घोटाला - ध्यान से पढ़िए नहीं तो किसी को भी कुत्ता काट लेगा

भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में सिर्फ आपदा को ही नहीं बल्कि हर काम को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का अवसर बना दिया जाता है। ताजा मामला मध्य प्रदेश की सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों का है। उनकी नसबंदी में भी घोटाला हो गया। मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या 1 लाख है और सरकार ने ढाई लाख कुत्तों की नसबंदी कर दी। यह क्रम लगातार जारी है। एंटी रेबीज वैक्सीन घोटाला भी सामने आया है। कुत्ते तो बता नहीं सकते लेकिन आंकड़े बता रहे हैं की गड़बड़ी हुई है। इन गड़बड़ियों का परिणाम यह है कि, साल 2023 में मध्य प्रदेश के 5 लाख लोगों को कुत्तों ने काट लिया। यदि आज भी आपने इस मुद्दे पर अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित नहीं की तो यकीन मानिए आने वाले साल में आपको या आपके परिवार में किसी भी परिजन को कुत्ता काट सकता है। मध्य प्रदेश में सन 2019 में हुई पशु गणना में आवारा कुत्तों की संख्या एक लाख बताई गई थी। इन सबकी नसबंदी हो गई थी। इसके बाद ढाई लाख कुत्तों की नसबंदी और हुई, और नसबंदी का क्रम लगातार जारी है। सवाल यह है कि जब कुत्तों की नसबंदी हो गई है तो फिर उनकी संख्या कैसे बढ़ रही है। या तो बड़े पैमाने पर ...

साहब ! कब और कैसे मिलेगी रहवासियों को मूलभूत सुविधा, नर्मदा धाम कालोनी के रहवासियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 कॉलोनोनाइजर द्वारा अभी तक पंचायत में नही की कालोनी हस्तांतरित   बड़वाह (निप्र) - नर्मदा रोड स्थित सार्वजनिक नाले को जमीन मालिक द्वारा मलबा डलवाकर बंद करने की शिकायत विगत कुछ दिनो पहले ही हुई थी। इस शिकायत पर तहसीलदार शिवराम कनासे ने नर्मदा रोड़ पर नाला खुलवाने की कार्यवाही की थी। लेकिन इस दौरान जमीन मालिक साहू और नर्मदा धाम कालोनीवासियों के बीच कालोनी में असुविधा को लेकर तीखी बहस भी हुई थी। इसके बाद नर्मदा धाम कॉलोनी के रहवासी मंगलवार को एसडीएम कार्यालय ज्ञापन देने पहुँच गए। जहां उन्होंने कॉलोनी के रहवासियों की समस्या का निराकरण ना करने पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने की धमकी दी हैं। इसके साथ ही जिम्मेदारों पर नए कानून के तहत कार्यवाही की मांग की हैं। रहवासियों ने ज्ञापन में बताया कि हम 20 से 25 सालो से कॉलोनी में निवासरत है। मगर कालोनी मालिको ने रहवासियो को आज तक उनकी मूलभूत सुविधाएं जैसे ड्रेनेज लाइन, पीने के पानी के लिए पानी की टंकी निर्माण, कॉलोनी में सीसी रोड़, स्ट्रीट लाइट जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा है। कोलोनीवासियों ने बताया की हमारी कालोनी नर्मदा नदी से क...

यहां गलियों के ऊपर से गुजरते हैं पानी के पाइप, जुगाड़ से प्यास बुझा रहे लोग

  राजगढ़ (ब्यूरो) - जिले के  सारंगपुर क्षेत्र का एक गांव लगभग 5 वर्ष से अधिक समय से शहरी क्षेत्र से नजदीक होने के कारण ग्राम पंचायत से हटाकर नगरपालिका में शामिल किया गया है। लेकिन, गांव में सिर्फ ग्राम पंचायत की जगह नगरपालिका का नाम ही बदला है। इसके हालात जस के तस है। गांव के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खिया बटोर रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने कुएं में पानी की सैकड़ों मोटर उतारकर स्वयं की नल जल योजना शुरू की है, जिससे वे अपने मकानों तक पानी पहुंचा रहे है। दरअसल, यह पूरा मामला लगभग 700 से ज्यादा आबादी वाले सारंगपुर के राधा नगर इलाके का है, जहां सरकार की नल जल योजना का फायदा ग्रामीणों को अभी तक नहीं मिला है। यह सारंगपुर नगर के वार्ड क्रमांक 18 में कई साल से शामिल हैं। पहले ये हिस्सा स्वतंत्र गांव के रूप में आबाद था, लेकिन 2015 में इसे सारंगपुर नगर पालिका में शामिल कर लिया गया था। 2015 के पहले ग्रामीण क्षेत्र होने से यहां के हर घर में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजना उपलब्ध करवाई जानी थी, लेकिन नगरीय सीमा में शामिल होने के बाद मिशन ने इस गांव को कार्ययोजना...

सालभर में खुले 38 नए सरकारी कालेज प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे

   इंदौर (ब्यूरो) - प्रदेशभर में सालभर के भीतर खुले 38 नए सरकारी प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे हैं। यहां नियमित शिक्षक भी नहीं है। इनकी कमियां अतिथि विद्वानों ने पूरी कर रखी है। इंदौर जिले में भी यही हाल है। खजराना, नंदानगर, बेटमा और कम्पेल में खुले नए कालेज में सुविधाओं का अभाव है। इन कालेजों में विद्यार्थियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। खजराना कालेज तो स्कूल भवन में लगाया जा रहा है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में 560 से अधिक सरकारी कालेज है। जहां 500 कालेजों में प्राचार्य के पद खाली है। इनके स्थानों पर कमान प्रभारियों ने संभाल रखी है। कालेजों में दो हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कालेजों की स्थिति को बेहतर करने की तरफ जनप्रतिनिधियों का बिलकुल ध्यान नहीं है। बस इनकी दिलचस्पी सिर्फ संस्थान शुरू करने तक रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर केंद्र सरकार का अधिक जोर है। इसके तहत कालेजों में अब बहुसंकाय पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे है। प्रदेशभर में 32 ऐसे कालेज हैं, जहां अभी तक विज्ञान और कला संकाय वाले पाठ्यक्रम नहीं थे। अब व...

जनसुनवाई में महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास: 6 महीने से वेतन न मिलने से परेशान

   देवास (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के देवास जिले के नगर निगम कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महापौर जनसुनवाई में आई एक महिला ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला से तुरंत पेट्रोल का बोतल छीन लिया। दरअसल, महिला को कई महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिसके कारण वह परेशान है। हर बुधवार को नगर निगम में लगने वाली महापौर जनसुनवाई में कुछ महिलाएं अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी। इस दौरान महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए एक लिखित शिकायत भी महिलाओं ने की। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम में काम किया था, लेकिन उन्हें पिछले 6 महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। जिसके कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पाने से उन्हें एग्जाम में बैठने नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान एक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई ली। इस पूरी घटना में महापौर का कहना है कि नगर निगम में फंड नहीं होने के कारण उन्हें तनख्वाह नहीं दी गई होगी। इस मामले की जांच कर उनकी समस्या का न...

सीएम हेल्पलाइन से नहीं मिल रही हेल्प : शिकायतों का लगा अंबार, प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा लोगों को मदद का इंतजार

 भोपाल (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत की गई थी। लेकिन 10 साल पहले जुलाई 2014 में सरकार द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 181 की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रदेश के 55 जिलों के कुल पांच लाख 44 हजार 32 लोगों को लंबे समय से शिकायतों के निराकरण का इंतजार है। दरअसल, ये वो शिकायतें हैं जो विभिन्न विभाग के अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने पर लोगों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गईं हैं। लेकिन अब यहां-वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। इसी वजह से लंबित शिकायतों का ग्राफ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के 55 जिलों में सीएम हेल्पलाइन पर विभिन्न विभागों की कुल तीन लाख 25 हजार 742 शिकायतें लोगों द्वारा दर्ज कराई गईं थी। इनमें से जिम्मेदार अधिकारी मात्र एक लाख 34 हजार 84 शिकायतों (41 प्रतिशत) का ही संतुष्टि पूर्ण निराकरण कर पाए हैं। जबकि एक लाख 90 हजार 878 शिकायतें अब भी लंबित हैं।  असंतुष्ट होकर फिर से दर्ज कराई शिकायत प्रदेश के गृह, ऊर्जा, राजस्व, नगरीय प्रशासन सहित अन्य विभागों की लगभग दो लाख 72 हजार 1...

पशुओ की तरह लोडिंग टेम्पो से शिविर में पहुंची छात्राएं, शिकायत के बाद मंगाया सवारी वाहन

 बड़वाह (निप्र) - स्थानीय शासकीय महाविद्यालय के जिम्मेदार छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए कितने लापरवाह है.? इसकी बागनी मंगलवार सुबह देखने को मिली। महाविद्यालय में अध्यनरत छात्राओं को भेड़-बकरी की तरह ठूस-ठूस कर माल वाहक वाहन में भरकर ग्राम मुरल्ला में लगे एनएसएस कैंप में सहभागिता निभाने हेतु ले जाया जा रहा था। इस दौरान शहर के जागरूक नागरिक विशाल वर्मा,गड़बड़ तिवारी आदि की नजर पड़ उक्त वाहन पर पड़ गई। महाविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने विरोध जताया और छात्राओं को माल वाहक वाहन से उतरवाया। इसके बाद महाविद्यालय के जिम्मेदारों ने छात्राओं को कैंप तक ले जाने के लिए टेंपो वाहन से पहुंचा। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। जिस पर शहर के आमजन ने नाराजगी जाहिर कर कॉलेज प्रशासन पर गहरे सवाल खड़े किए। घटनाक्रम के प्रत्येकदर्शी विशाल वर्मा ने बताया कि सुबह के समय मैं कालेज की तरफ जा रहा था। तभी देखा की करीब 25 से अधिक बालिकाओं को छोटे लोडिंग वाहन में खड़े कर ले जाया जा रहा था। जब मेने बच्चो को इस तरह वाहन में ले जाने की जानकारी एनएसएस प्रभारी गोविंद वास्कले से चाही ...

मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के मनमाने संचालन पर हाईकोर्ट सख्त, याचिका पर सुनवाई के बाद मांगा जवाब

जबलपुर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन संचालन मनमाने तरीके से किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की सिफारिश पर बीसीसीआई को दिशा-निर्देश जारी किए थे। एमपीसीए के संचालन में उनका परिपालन नहीं हो रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।बता दें कि नर्मदापुरम निवासी आनंद मिश्रा की तरफ से ये याचिका लगाई गई है। याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिश पर साल 2018 में बीसीसीआई को संचालन व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त राज्य किक्रेट एसोसिएशन को भी उनका पालन करना था। राज्य किक्रेट एसोसिएशन उन दिशा-निर्देश का परिपालन सुनिश्चित करे, यह जिम्मेदारी बीसीसीआई की है। याचिका में कहा गया था कि एमपीसीए का संचालन मनमाने तरीके से हो रहा है। एसोसिएशन में किसी प्रकार की कोई पारदर्शिता नहीं है। बैठकों के आयोजन से लेकर सदस्य चयन में नियमों का पा...

20 साल से सड़क से वंचित ग्रामीण ! चुनाव बहिष्कार की चेतवानी ! बारिश में मार्ग बना तालाब !

हरदा (निखिल रुनवाल) - जिले में जैसे जैसे चुनाव करीब आते जा रहे है समय रहते ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर भी सक्रिय हो गए है अब गांव में पानी भरने से सड़के तलाब की शक्ल की हो गई है और उस पर से चलना दूभर वही रोड नही तो वोट नहीं नारे के साथ ग्रामीण इस बार चुनाव का बहिष्कार करने की चेतवानी दे रहे है मामला है हंडिया क्षेत्र की भमौरी से करताना तक 16 किमी सड़क का निर्माण - 20 साल से नहीं हो पाया है। इस कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों में भरे बारिश के पानी से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बारिश के दिनों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से सड़क तालाब बन गई है। ग्रामीणों ने कहा दो दशक में भाजपा व कांग्रेस दोनों की सरकारें रहीं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली। इसी से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को जुगरिया के पास सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं का बोर्ड लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की। जुगरिया के मोहनलाल पटेल ने बताया कि भमौरी से करताना के बीच 16...

यूरिया के लिए लंबी-लंबी लाइनें, अल सुबह से इंतजार कर रहे किसान

खरगोन (ब्यूरो) - जिले में यूरिया संकट के चलते जिला मुख्यालय स्थित विपणन कार्यालय में खाद लेने वाले किसानों की कतार लग रही है। यूरिया नहीं मिलने से सैकड़ों की संख्या में शहर पहुंचे किसान कतार में खड़े हो गए। अपने-अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका को रखकर बारी का इंतजार कर रहे हैं। यूरिया लेने के लिए किसानों के साथ बच्चें, घर की महिलाएं और पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी कतार में लग रहे हैं। जबकि जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ही प्रदेश के कृषि मंत्री है। बावजूद इसके जिले में किसानों को यूरिया खाद की किल्लत के कारण परेशान होना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए सुबह से ही किसान उमरखली रोड स्थित विपणन संस्था में पहुंचना शुरु हो जाते है। यहां लाइन में लगने के बावजूद पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। किसानों को 5 से 6 घंटे लाइन में लगकर इंतजार करने के बाद भी मात्र 2 बोरी खाद ही मिल रहा है। आदिवासी किसान तो करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय कर अल सुबह से खाद की लाइन में लग रहे है।किसानों में इस बात को लेकर रोष है कि स्थानीय आदिम जाति सहकारी समितियों में खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। खाद की कोई किल्लत नह...

पिछले डेढ़ वर्षों से नहीं मिल पाई चना बीज उत्पादन की अनुदान राशि

 बुरहानपुर (ब्यूरो) - जिले के 100 किसानों को पिछले डेढ़ वर्षों से चना बीज उत्पादन की अनुदान राशि नहीं मिल पाई है, जिस कारण किसान दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं. 20 से अधिक बार सरकारी कार्यालयों में किसानों ने इसकी शिकायत की है, लेकिन जिसके बावजूद भी कोई निराकरण नहीं हो रहा है. किसान जिससे परेशान हो रहे हैं, 100 किसानों का करीब 55 लाख रुपए बकाया है. जिले के चना बीज उत्पादक किसानों को डेढ़ वर्षों से अनुदान राशि नहीं मिल पाई है. इन किसानों ने 2021 में बीज निगम को चने का बीज दिया था, और उन्हें अनुदान की राशि विभाग की ओर से मिलनी थी, लेकिन आज तक यह अनुदान नहीं मिल पाई है. किसानों ने 20 बार अफसरों से की शिकायत किसान सुनील महाजन ने बताया कि उन्होंने डेढ़ वर्ष पहले बीज निगम को चने का बीज दिया था, जिसके अनुसार उन्हें अनुदान राशि मिलनी चाहिए थी, लेकिन आज तक वह अनुदान नहीं मिल पाई है. इस वजह से अब किसानों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से आपत्तियों को सुनने और उनके बीच उत्पादन के लिए अनुदान की मांग की है. जिम्मेदारों ने यह दिया जवाब कृषि अधिकारी मनोहर सिंधवके से इस मामले में बात की, तो...

प्रायवेट स्कूलों का भगवान ही रखवाला, हायवे का स्कूल, दिनभर भारी वाहनों की आवक जावक, प्रेशर हॉर्न से पढाई प्रभावित

साप्ताहिक चलता चक्र की रिपोर्ट देवास (डेस्क) - इन्दौर बेतूल हायवे मार्ग पर स्थित प्रायवेट स्कूलों में शासन की एक भी गाडलाइन का पालन नहीं, इसके बावजूद संचालित हो रहे हैं. जिम्मेदार अधिकारी इस मार्ग से गुजरते हैं पर इनको दिखता नहीं. जब कोई बड़ा हादसा होगा तभी शायद इनकी नींद खुलेगी। प्राप्त विस्तृत जानकारी अनुसार इन्दौर बेतूल हायवे मार्ग पर दर्जनों स्कूल संचालित हो रहे हैं जहां बच्चों को ठीक से खड़े रहने की जगह तक नहीं जब स्कूल लगता है तब रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है एक तो बस भारी ट्रक का भारी दबाव उपर से प्रेशर हार्न से बच्चों का हाल बेहाल हो जाता है। इतना ही नहीं लगभग सभी प्रायवेट स्कूलों के संचालकों ने यूनिफार्म, स्कूल शू,मोजे,किताब कापी आदि सामान के लिए एक दुकानदार फिक्स कर दिया जहां से मनमाने दामों पर खरीदने को पालक मजबूर होता है एक तरफ महंगी फीस दुसरी तरफ स्कूल की सामग्री में आसमान छूते भाव से पालक परेशान हैं जहां सीएम राइज स्कूल है वहां पहले से ही फुल है नये एडमिशन की जगह नहीं इसके बाद जो सरकारी स्कूल है उनकी दुर्दशा देखकर ही पढ़ाई का पता चल जाता है।नगर में कोई एक दर्जन प्रायवे...

चुनाव से पहले बड़े विकास के वादे हो रहे जमीदोज, परिषद् गठन के 1 वर्ष बाद भी विकास को तरसता कांटाफोड़

 कांग्रेस बीजेपी के आपसी मतभेद बड़ा कारण कांटाफोड़ (राजेंद्र तंवर)  - चुनाव से पहले जनता के बीच में जाकर बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता चुनाव जीतने के बाद किए हुए विकास वादों का कितना ध्यान रखते हैं इसका उदाहरण नगर कांटाफोड़ में देखने को मिलता है। नवीन नगर परिषद को शपथ लिए लगभग 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है इन 1 वर्षों में कांटाफोड़ में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। कांग्रेस व बीजेपी की आपसी फूट ने नगर विकास को जमीजोद कर दिया। लगभग 1 वर्ष पूर्व नगर की जनता ने कांग्रेस को नगर परिषद  बहुमत दिया था उसके बाद नगर परिषद में कांग्रेस का कब्जा हुआ जनता को नवीन नगर परिषद से नगर विकास की बहुत उम्मीदें थी लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद कोई विकास की किरण कांटाफोड़ में देखने को नहीं मिल रही है। बल्कि कांग्रेस बीजेपी के आपसी मतभेद ने नगर को और पीछे धकेल दिया है। नगर मूलभूत सुविधाओं के साथ ही कॉलेज बड़े उद्योग तहसील टप्पा को भी तरस रहा है। नगर का मुख्य मार्ग व्यापक समस्या कई महीनों पूर्व मुख्य मार्ग निर्माण के नाम पर पक्के निर्माण ढहाए गए थे। लेकिन लगभग 1 वर्ष बीतने को है उसके बाद भी मुख्य मार...