खरगोन (ब्यूरो) - जिले में यूरिया संकट के चलते जिला मुख्यालय स्थित विपणन कार्यालय में खाद लेने वाले किसानों की कतार लग रही है। यूरिया नहीं मिलने से सैकड़ों की संख्या में शहर पहुंचे किसान कतार में खड़े हो गए। अपने-अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका को रखकर बारी का इंतजार कर रहे हैं। यूरिया लेने के लिए किसानों के साथ बच्चें, घर की महिलाएं और पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी कतार में लग रहे हैं। जबकि जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ही प्रदेश के कृषि मंत्री है। बावजूद इसके जिले में किसानों को यूरिया खाद की किल्लत के कारण परेशान होना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए सुबह से ही किसान उमरखली रोड स्थित विपणन संस्था में पहुंचना शुरु हो जाते है। यहां लाइन में लगने के बावजूद पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। किसानों को 5 से 6 घंटे लाइन में लगकर इंतजार करने के बाद भी मात्र 2 बोरी खाद ही मिल रहा है। आदिवासी किसान तो करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय कर अल सुबह से खाद की लाइन में लग रहे है।किसानों में इस बात को लेकर रोष है कि स्थानीय आदिम जाति सहकारी समितियों में खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है।
खाद की कोई किल्लत नहीं - श्वेता सिंह, जिला विपणन अधिकारी
जिला विपणन अधिकारी श्वेता सिंह ने बताया कि अभी तक हमारे द्वारा 43 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध करा दिया है। जिले में यूरिया खाद की कोई किल्लत नहीं है।जबकि गत वर्ष की तुलना की जाए तो 11 हजार मीट्रिक टन ज्यादा खाद उपलब्ध कराया है। किसानों की मांग अनुसार और भी रैक लग रही है। सहकारी समितियों को भी 1750 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया है। खाद की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वहीं, उप संचालक कृषि एमएल चौहान का कहना है कि हमारे पास तीन हजार 106 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसमें सहकारी समितियों के साथ प्रायवेट सेक्टर में भी खाद उपलब्ध है। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। गत वर्ष की तुलना में इस बार अधिक यूरिया खाद उपलब्ध कराया गया है।
Comments
Post a Comment