घड़ियाली आंसू लेकर चले ,भाजपाई संत के पवित्र स्मारक पर पाप धोने, नहीं पहुंचे दीपक जोशी अपने पिता के स्मारक स्थल
देवास (डेस्क) - राजनीतिक और सामाजिक जीवन में देवास जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख देने वाले राजनीति के गुरु स्व श्री कैलाश जोशी को स्वत: हर नागरिक ने संत की उपाधि से नवाजा हर दिल के स्नेही चाहे वह विपक्षी हो या हमसफ़र सभी के लिए सम्मानित रहे ।अपने राजनीतिक जीवन में अनेक दौर इस तरह भी आये जब संत की उपेक्षा की पर कभी भी अपनी जवान पर विरोधी स्वर नहीं आये आज उन्हीं के स्मारक पर भाजपाई जाकर घड़ियाली श्रध्दांजली देने जा रहे हैं। भाजपा की कथनी और करनी दो राहे पर खड़ी रही है ।एक तरफ जूता मारते हैं तो दुसरी तरफ झूठा पछतावा करते देखे जा सकते हैं। हाल ही एक आदिवासी युवक पर पेशाब की जाती है तो दुसरी तरफ पाक साफ बनने के लिए मुख्यमंत्री आदिवासी के थाली में पांव रखकर धोना आंखों से लगाना और चरणामृत पीना जैसे बहरूपिया रूप दिखाकर जनमानस की दाद बटोरने का काम करते हैं। इतना ही नहीं इस तरह के एक नहीं सैकड़ों उदाहरण है जिसमें मुख्यमंत्री का मुखौटा देखने को मिला है। जातिगत समीकरण साधने में झूठ बोलकर समाजों को धोखा देना इनकी आदत में है या यह भी कहा जा सकता है "मुंह में राम बगल में छूरी'" का काम करते रहे हैं । भाजपा कभी राम कभी कृष्ण तो कभी गौ माता के नाम पर रोटी सेंकती रही मध्यप्रदेश में ही हजारों लाखों गौ माता सड पर तड़प तड़प कर मर रही है उनके दाना-पानी की व्यवस्था तक नहीं की स्वयं के जिले सीहोर की बात करें तो रोजाना सड़क पर दम तोड़कर क्षत-विक्षत हालातों में देखी जाती है। गाय हमारी माता है को पन्द्रह साल में राष्ट्रीय पशु दुर राज्य का पशु तक घोषित कर रक्षा नहीं कर सके। वहीं आज फिर नया स्वांग मुख्यमंत्री के इसारे पर देवास जिले के जिले से लेकर तहसील तक के कार्यकर्ताओं को एक एजेंडा जारी कर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनीति के संत भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य जीवन भर इमान पर जीवन जीने वाले पवित्र स्व श्री कैलाश जोशी के स्मारक पर जाकर अपनी घड़ियाली श्रध्दांजली देने जा रहे हैं।
भाजपा ने सुन्दर सोपान का पाठ और पुष्प अर्पित किए
पूर्व मुख्यमंत्री स्व श्री कैलाश जोशी के स्मारक स्थल पर भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी ने जाकर राजनीति के संत और भाजपा के संस्थापक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पुत्र को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई इस अवसर पर भाजपा ने सुन्दर सोपान का पाठ भी किया किन्तु अभी तक ऐसा कोई समाधान नहीं मिला है की कांग्रेस की ओर से और संत श्री के पुत्र ने स्मारक पर जाकर पुष्प अर्पित किए हैं या श्रध्दांजली अर्पित की हो । सोशल मिडिया पर जरूर एक पोस्ट आई है जिसमें दीपक जोशी पिता के चित्र पर माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लें रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से कोई भी जिले का पदाधिकारियों के साथ स्मारक पर या सार्वजनिक रूप से बयान जारी कर श्रध्दांजली देने का समाचार नहीं आया है। कल हाटपिपल्या स्थित पूज्य संत श्री जोशी के स्मारक को लेकर जिला प्रशासन भी नजर बनाकर रखा हुआ था की कही दोनों दल के लोग एक ही समय वहां नहीं पहुंच जाय जिससे विवाद की स्थिति बन जाय जब कार्यक्रम समाप्त हो गया तब कहीं प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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