खंडवा (ब्यूरो) - जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के साथ ही कृत्रिम जल संकट पनप रहा है। नगर में बिछी नर्मदा जल की पाइप लाइन के फूट जाने से पिछले चार दिनों से नलो में पानी नहीं आ पाया है, जिसके चलते अब शहरवासी आंदोलन तक पर उतर आए हैं। बता दें कि 120 करोड़ की नर्मदा जल योजना की पाइप लाइन आए दिन फूट जाती है, जिससे खंडवा में कृत्रिम जल संकट उत्पन्न हो जाता है। शहर में पिछले चार दिनों से पानी नहीं आने से अब शहर भीषण जल संकट की चपेट में आ गया है। हालांकि जल संकट से निपटने के लिए निगम वार्डो में टेंकरो की मदद से पानी की सप्लाई कर रहा है। लेकिन इस सप्लाई में भी जिसकी लाठी उसी की भैंस वाली बात देखने को मिल रही है। नगर में पनपे इस जल संकट के बाद यहां के कांग्रेस नेता और निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौड़ लोगों के साथ फिल्टर प्लांट पर पहुंच गए, और मटके फोड़ कर विरोध दर्ज कराने लगे। इस दौरान कांग्रेस नेता ने महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि भाजपा के पार्षद ओर नेता अपने वार्डो में पानी के टैंकर ले जा रहे हैं। जबकि अन्य वार्ड वासियों को पानी नहीं मिल रहा।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि 120 करोड़ की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। अगर केजरीवाल सरकार पर 100 करोड़ के घोटाले के आरोप में ईडी और सीबीआई की जांच हो सकती है, तो यहां भी 120 करोड़ की योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। यहां भी ईडी और सीबीआई से जांच होनी चाहिए। गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 20 सालों से शहर जलसंकट से जूझ रहा है, और लंबे समय से यहां बीजेपी की परिषद है। उन्होंने कहा कि नर्मदजल योजना और पेयजल के नाम पर निगम ने अब तक करोड़ों रुपए खर्च किए, इसके बावजूद शहर के लोग पानी की किल्लत झेल रहे हैं। टैंकरों से शहर में जल वितरण करने में भी निगम नाकाम साबित हो रहा है। हमे लगता है, कि पानी के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इधर नगर निगम महापौर अमृता अमर यादव ने नेता प्रतिपक्ष की बात को नौटंकी बताते हुए कहा कि उन्हें इस संकट के समय नगर निगम के साथ खड़े होकर सहयोग करना चाहिए ना कि राजनीति।
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