महेश्वर (निप्र) - तहसील के ग्राम बरलाय के 20 वर्षीय युवक की एक सप्ताह पहले मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई को डेंगू निरोधक माह के रूप में मनाया। जिले के हर गांव में जागरूकता अभियान चलाने का दावा किया गया। लेकिन इसी माह के दौरान युवक की मौत हो गई। डेंगू के लक्षण के बाद इंदौर के अस्पताल में इलाज चला था। युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य अमला हरकत में आया। पिछले तीन दिन से गांव में लार्वा सर्वे किया जा रहा है। घर-घर जाकर लोगों की मलेरिया जांच के लिए स्लाइड बनाई जा रही है। परिजनों का कहना है इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस मौत को डेंगू से नहीं मान रहा है। महेश्वर बीएमओ डॉ. विमल वंदावड़े ने बताया गुरुवार को युवक के 17 परिजन व पड़ोसियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है। सेगांव में भी डेंगू के लक्षण वाले मरीज मिले है। स्थानीय अस्पताल के अलावा खरगोन व इंदौर में कुछ लोगों का इलाज चल रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने कहा निजी लैब की जांच अथेंटिक नहीं है। डेंगू की जांच के लिए एलीजा टेस्ट जरूरी है। शुक्रवार को सेगांव जाकर स्थिति देखेंगे।

हर रविवार डेंगू पर वार अभियान
डॉ. वर्मा ने बताया मानसून सीजन में मलेरिया व डेंगू के मरीज मिलने की संभावना रहती है। बारिश का पानी जमा रहने से मच्छर पनपते हैं। डेंगू की कोई वैक्सीन नहीं है। सुरक्षा बचाव का तरीका है। जागरूकता के लिए ‘हर रविवार डेंगू पर वार’ अभियान चलाया जाएगा। प्रचार रथ हाट में घुमाया जाएगा।
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