अभियान में 5 वर्ष की उम्र के बच्चों में बीमारियों की पहचान कर किया जा रहा है उपचार
देवास (पं रघुनंदन समाधिया) - कलेक्टर श्री चंद्रमौली शुक्ला के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियां संचालित की जा रही है। जिले में बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में दस्तक अभियान का संचालन किया जा रहा है। दस्तक अभियान का उद्देश्य 5 वर्ष से कम उम्र बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान एवं त्वरित प्रबंधन करना है, जिससे बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.पी. शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त दल ए.एन.एम., आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता द्वारा 5 वर्ष तक उम्र के बच्चों वाले परिवारों के घर-घर पहुंच कर बच्चों में पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन किया जा रहा है। साथ ही 9 माह से 5 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का विटामिन ‘ए‘ अनुपूरण किया जा रहा है। दस्तक अभियान मे 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, एक्टी कैस फाईंडिग, बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग की पहचान एवं नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहभेंट के दौरान ओ.आर.एस. पहुँचाना। 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण दिया जा रहा हैं। दस्तक अभियान के साथ सघन दस्त रोग पखवाड़ा (आई.डी.सी.एफ.) अंतर्गत समुदाय आधारित गतिविधियों तथा संस्था आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। दस्तक अभियान मे यदि किसी बच्चे में कोविङ-19 के लक्षण पाये जात है। पिछले 3 दिन से बुखार, सांस लेने में कठिनाई, कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क की हिस्ट्री मिलने पर बच्चे को कोविङ-19 की जांच के लिए रेफर किया जायेगा।
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