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सनावद (सन्मति जैन) - प्रदेश पर्यटन को बढ़ाने की दिशा में सरकार के कदम तेजी से बढ़ रहे हैं. आजादी के हिस्सेदारी निभाने वाले क्रांतिकारी योद्धाओं के साथ भारत माता के वीर सपूतों की जन्मस्थली और अंतिम पड़ाव के स्थल जो विलुप्ति के कगार पर थे, सरकार उनका जीर्णोद्धार करेगी. वहां पर्यटन स्थल बनाएगी. इसी दिशा में सनावद तहसील के ग्राम रावेरखेड़ी में श्रीमंत बाजीराव पेशवा समाधि स्थल पर 321वीं जयंती को जन्म जयंती महोत्सव के रूप में मनाया गया. समाधि स्थल के संपूर्ण जीर्णोद्धार एवं विकास की इबारत मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने रखी. मुख्यमंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने श्रीमंत बाजीराव पेशवे की समाधि स्थल पर पूजा अर्चना कर पुष्पांजलि अर्पित की. बाजीराव पेशवा की कचहरी स्थल पर सभा को सम्बोधित करते हुए कहा सीएम ने कहा कि शासन ने महंत बाजीराव पेशवा स्मारक रावेरखेड़ी को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार किया है. इसमें 29 करोड़ की लागत से रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवा की 28 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की की जाएगी और संग्रालय, सैनिक स्कूल, नौका विहार सहित सौन्दर्यीकरण किया जाएगा. सीएम ने कहा कि पेशवा समाधि का जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण में धन की कमी आड़े नहीं आएगी. पेशवा स्मारक को विकसित करेंगे, ताकि हिंदुस्तान भर से लोग देखने पहुंचे. सीएम शिवराज ने कहा कि सभी क्रांतिकारियों और अमर शहीदों के समाधिस्थलों पर कार्यक्रम होंगे. रावेरखेड़ी में नर्मदा घाट, तीर्थस्थल और आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाएगा. ऐसी जगह होगी, जिसे दुनिया याद करेगी.
सीएम शिवराज ने अपने संबोधन में बाजीराव पेशवा की लड़ाइयों का भी उल्लेख किया. जिसमें उनकी युद्ध कला के बारे में भी बताया. मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि स्वर्गीय बाजपेयी जी ने कहा था कि यह देश हमारे लिए ज़मीन का टुकड़ा नहीं है अपितु यह मां का जीवित स्वरूप है. भारत मां ने अनेक वीरों को जन्म दिया है. बाजीराव पेशवा उन्हीं महान सपूतों में सिरमौर हैं. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत माता का अखंड स्वरूप हमारे लिए वन्दनीय है. भारत मां की रक्षा, एकता और अखंडता के लिए बाजीराव पेशवा सहित अनेकों वीरों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बाजीराव पेशवा के पराक्रम, वीरता और साहस के अनेकों प्रसंगों को दोहराया. उन्होंने कहा कि वीर बाजीराव की वीरता और पराक्रम, युद्ध कौशल और रणनीति का पाठ विदेशों के सैन्य संस्थानों में भी पढ़ाया जाता है.
हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों दुश्मन रहा है दौरे जहां हमारा - श्री सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाजीराव पेशवा को देश की नकारात्मक शक्तियों को कंपाने वाला बताया. सिंधिया ने कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों दुश्मन रहा है दौरे जहां हमारा, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा. आज बाजीराव पेशवे के 321वीं जन्म जयंती के अवसर पर उनकी इस भूमि को दोबारा प्रतिष्ठित किया जा रहा है. 28 अप्रैल 1740 को रावेरखेड़ी में बाजीराव का निधन हुआ. उनका समाधि स्थल मेरे पूर्वजों ने बनाया. यहां मराठों का 150 साल का इतिहास रहा, वह संघर्ष का समय था. कई राजा महाराजाओं ने घुटने टेक दिए लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज पीछे नहीं हटे. मुगलों का सामना किया. उन्हें शेरे हिन्द कहा जाता था. हिंदवी स्वराज की स्थापना की ताकि भारत कभी गुलाम न बने. साहू महाराज हिंदवी स्वराज का सपना लेकर आगे बढ़े.
कार्यक्रम के बाद सीएम भोपाल के लिए रवाना हो गए. कार्यक्रम में बाजीराव पेशवा समाधि स्थल एवं नर्मदा तट सहित इलाके को किस तरह विकसित किया जाएगा वह प्रोजेक्ट भी बताया गया. कार्यक्रम में कृषि मंत्री एवम् जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद गजेन्द्र पटेल सहित भाजपा के कई नेता भी शरीक हुए
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