अगले वर्ष से खंडवा में नवनिर्मित आडिटोरियम में किशोर कुमार के जन्मदिन का कार्यक्रम होगा
खंडवा (निप्र) - हरफन मौला किशोर कुमार की समाधि उनके जन्मदिन पर फूलों से महक उठी। यह उनकी 92वीं जयंती है। यहां उनके पर चाहने वालों ने समाधि पर दूध-जलेबी का भोग लगाया। समाधि पर सुबह 9 बजे से किशोर दा को स्वरांजलि देने के लिए प्रशंसकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। यहां विधायक देवेंद्र वर्मा, एसपी विवेक सिंह, डीएसपी संतोष कौल, एसडीएम ममता खेड़े, जिला पंचायत सीईओ नंदा बहलावे कुशरे, निगम उपायुक्त दिनेश मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजनों ने किशोर दा के गीत गुनगुनाए। समाधि पर दिनभर स्वरांजलि देने का सिलसिला चलता रहा। समाधि पर पुणे से जगदीश गायकवाड़, राजकोट द्वारकादास सोनी सहित अन्य कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। यह आयोजन किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच और नगर निगम के सयुंक्त तत्वावधान में रखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक देवेंद्र वर्मा ने कहा कि अगले वर्ष से सर्किट हाउस के सामने बने नवनिर्मित आडिटोरियम में किशोर कुमार के जन्मदिन का कार्यक्रम होगा। विधायक ने पल-पल दिल के पास गीत गुनगुनाकर किशोर कुमार को स्वरांजलि दी।
किशोर दा को याद करते ही छलकता है प्रशंसकों का दर्द
बांबे बाजार स्थित जर्जर हो चुका उनका पुश्तैनी घर (बंगला) अब थक चुका है। कब ढह जाए, पता नहीं। किशोर प्रेमियों की मांग है कि यह संग्रहालय बने लेकिन किसी सरकार ने पहल नहीं की। 10 हजार स्कवॉयर फीट में बने बंगले की दुर्दशा बयां कर खुद बयां कर रही है उनके प्रशंसकों का दर्द किसी कलाकार को मृत्यु उपरांत इतना सम्मान नहीं मिला, जितना खंडवा में किशोर कुमार को मिला है। यही कारण है कि उनके पुश्तैनी बंगले को गिरता देख किशोर प्रेमियों की आंख छलक आती हैं। उनके चाहने वाले हर बार यह मांग करते हैं कि उनके परिजनों को कीमत देकर इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। किशोर दा के गीत ही अमर नहीं हैं, उनकी अपने शहर के लिए चाहत के चलते खंडवा आज भी उनके लिए अपनी जान छिड़कता है।किशोर दा जितना खंडवा को चाहते थे, उतना ही प्यार आज भी खंडवावासी किशोर दा को देते हैं। उनका जन्मदिन 4 अगस्त को खंडवा में किसी उत्सव के जैसा मनाया जाता है। जिला प्रशासन, नगर निगम, किशोर कुमार सांस्कृतिक प्रेरणामंच सहित दर्जनभर संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर संगीत सभाएं करती है
उपेक्षा झेल रहा गौरीकुंज सभागृह
नगर निगम द्वारा संचालित गौरीकुंज सभागृह जो कि किशोर कुमार ने अपने माता-पिता की याद में खंडवा में आर्केस्ट्रा करके राशि जुटाकर बनाने का प्रयास किया था। अब वहां संगीत सभाओं की बजाय राजनैतिक बैठकें और सरकारी जलसे होने लगे हैं। टूट रही कुर्सियों से लेकर मरम्मत पर नगर निगम का ध्यान नहीं है। इसी तरह इंदौर रोड स्थित समाधि स्थल पर किशोर स्मारक देखने प्रशंसक पत्थर में किशोर दा की मूरत ढूंढते हैं, मगर मिलती नहीं। फव्वारे, रंग बिरंगी लाईट, मिनी ऑडिटोरियम सिर्फ जन्मदिन व पुण्यतिथि पर चालू कर दिए जाते हैं।
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