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बिजली कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चों का कल कार्य बहिष्कार


खरगोन (पंकज ठाकुर) -
जिलेभर में शनिवार को न बिजली बिल जमा होंगे न ही तार जुड़ेंगे। क्योंकि बिजली कर्मचारियों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसके चलते कोई काम नहीं करेगा। बिजली कर्मचारी संगठन लगातार ज्ञापन, धरना से अपनी मांगों के लिए प्रयासरत हैं। इसके बावजूद मांगों का निराकरण नहीं हो रहा है। 17 संगठनों के संयुक्त मोर्चा पांच प्रमुख मांगों के लिए एक दिन का कार्य बहिष्कार करेगा। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली के बिल नहीं भरे जाएंगे। फ्यूज ऑफ कॉल (उपभोक्ता शिकायतों का निराकरण) व ब्रेक डाउन अटेंड नहीं किए जाएंगे। मैदानी अधिकारी, कर्मचारी अपने वितरण केंद्र, झोन पर कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन नारेबाजी करेंगे। इसके अलावा कार्यालयीन अवकाश वाले घर पर ही काली पट्टी बांधकर सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विद्युत गृहों का संचालन शिफ्ट ड्यूटी व ग्रिड सब स्टेशनों के संचालन के लिए शिफ्ट डयूटी को कार्य बहिष्कार से मुक्त रखा गया है।

                             मोर्चा के बिजली पदाधिकारियों ने बताया बताया कि बिजली निजीकरण से उद्योग, व्यवसाय, कृषि, घरेलू व गरीब वर्ग को मंहगी बिजली मिलेगी। तत्काल सेवाओं पर भी विपरीत असर होगा। बिजली कंपनियों के निजीकरण नही करने व विद्युत सुधार अधिनियम 2021 संसद में पारित नहीं करें, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों का बिजली कंपनियों में संविलियन व उम्र और शैक्षणिक योग्यता का हवाला कर कार्य से नहीं निकाले, कोरोना से मृत बिजली कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित कर परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता व बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति मिले, बिजली कर्मचारियों की लंबित वेतन विसंगति दूर करने व केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की प्रमुख मांगें हैं। संयुक्त मोर्चा के श्रीकांत बारस्कर, आर.एल.धाकड़, आरके चतुर्वेदी, देवानंद मालवीय,एलएन मालवीय, एमआर पाटीदार, आरके कानूनगो आदि ने बताया सभी कर्मचारी शामिल रहेंगे।

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