रायसेन (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश के रायसेन की मंडीदीप नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने को लेकर 10 हजार की रिश्वत की मांग की गई थी. इसकी शिकायत फरियादी रामाराव गणेसे ने भोपाल लोकायुक्त से की थी, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने मंडीदीप नगर पालिका में कार्रवाई करते हुए 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा. लोकायुक्त टीम और थाना प्रभारी नीलम पटवा के नेतृत्व में मंडीदीप में कार्रवाई की गई है, जिसमें दो दैनिक वेतन भोगी 1 स्थायी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. लोकायुक्त अधिकारी द्वारा बताया गया फरियादी रामाराव गणेसे ने इसी महीने 20 तरीख को आवेदन दिया था. प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली और दूसरी क़िस्त के पैसे आने पर हितग्राहियों से कर्मचारी करतार सिंह जो आवास का काम देखते हैं और परमानंद विश्कर्मा जो नगर पालिका में पीएचई का काम देखते हैं. इन दोनों ने रिस्वत की मांग की थी. बीते बुधवार को जब कार्रवाई की गई तो करतार सिंह सीएमओ की गाड़ी की नाम प्लेट लगवाने चले गए जो नहीं मिले, परमानंद मिला उस ने हितग्राही से कहा राजा मीना नाम का एक कर्मचारी है, उसके हाथ मे पैसे दे दो.
पैसा रख भागा कर्मचारी
जांच टीम ने बताया कि आवेदक ने राजा मीना को 8 हजार रुपये दिए लोकायुक्त की भनक लगते पैसे लेकर भाग गया आगे एक ठेले पर राशि रख भाग निकला. राशि बरामद कर ली गई है. अभी तक कार्रवाई में दो आरोपी थे. अब ये तीसरा आरोपी बन गया है. पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई की गई. तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. रिश्वत मांगने पर ऐसे ही शिकायत करने की अपील भी लोकायुक्त ने की है. बहरहाल इस पूरे मामले के बाद एक बार फिर से नगर पालिका में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का मामला पकड़ा गया है.
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