फर्जी अनुमति जारी कर भस्म आरती में करा रहे थे प्रवेश, पकड़े गए, सत्कार कर्मचारी और 5 सुरक्षाकर्मियों पर एफआईआर
उज्जैन (निप्र) - महाकाल मंदिर की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों द्वारा ही सेंध लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। बाहर से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को पैसे लेकर भस्म आरती में प्रवेश देने को लेकर मंदिर प्रशासन ने 6 लोगों पर एफआईआर कराई है। इनमें महाकाल मंदिर की सुरक्षा एजेंसी के पांच और एक सत्कार शाखा में तैनात कर्मचारी है। सभी छह आरोपियों पर धोखाधड़ी के मामले में धारा 420 के तहत महाकाल थाने में केस दर्ज किया गया है। घटना 2 अक्टूबर की है। बाहर से आए कुछ श्रद्धालु महाकाल मंदिर क्षेत्र की होटल विजय पैलेस में ठहरे हुए थे। महाकाल मंदिर में आसानी से दर्शन कराने और भस्म आरती में शामिल कराने के लिए केएसएस कंपनी सुरक्षा कर्मी सुरेश राठौर ने बातचीत की। केएसएस कंपनी महाकाल मंदिर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करती है। सुरेश ने सबसे पहले सत्कार शाखा में तैनात कर्मचारी मंगल तिवारी को भरोसे में लिया और टिकट देने की बात कही। इसके बाद सुरक्षा में खड़े सुरक्षा गार्ड संजय मालवीय, नीलम, जीलेश कश्यप व शुभम कटारिया को भी मैसेज पहुंचा दिया कि विजय पैलेस के श्रद्धालुओं से पैसा मिल गया है, उन्हें भस्म आरती में जाने दें। इन कर्मचारियों द्वारा मंदिर प्रबंध समिति को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी करने और मंदिर की छवि को धूमिल करने के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर महाकाल थाने में सभी छह आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने मंदिर और प्रोटोकॉल कर्मचारियों के साथ आर्थिक और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े सभी लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता सामने आई तो इससे भी कड़ी सजा दी जाएगी।
राठौर फरार, उससे पता चलेंगे इसमें शामिल लोगों के नाम
श्रद्धालुओं से डील करने वाला सुरक्षाकर्मी शिकायत की जानकारी लगते ही ड्यूटी छोड़कर फरार हो गया है। बताया जा रहा है कि राठौर यदि पकड़ा जाता है तो उससे पूछताछ की जाएगी। जिससे यह पता चलेगा कि यह ठगी का धंधा कब से चल रहा है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
10 लोगों को दिया था टिकट
भस्म आरती के लिए ऑफ लाइन परमिशन 10 लोगों को दी गई थी। प्रत्येक टिकट के बदले 800 से 1 हजार रुपए तक वसूले गए थे। इस मामले में कलेक्टर आशीषसिंह से शिकायत की गई थी। जांच में यह साफ हो गया था कि श्रद्धालुओं से मंदिर के काउंटर पर 200 रुपए जमा कराए गए जबकि यात्रियों से अधिक राशि ली गई।
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