भ्रष्टाचारि हुए बेनकाब, लोकायुक्त एवं इओडब्ल्यु ने दो प्रशासनिक अधिकारीयों को रंगे हाथो किया गिरफ्तार
सनावद (निप्र) - एनवीडीए के रिश्वतखोर बाबू पर ईओडब्लू ने शिकंजा कसा है। सनावद में एनवीडीए के अधीक्षण यंत्री कार्यालय मे सर्किल नंबर एक मे स्थापना के बाबू जालिम सिंह भयसारे को 15000 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों आर्थिक अपराध अन्वेंशन ब्यूरो इंदौर की टीम ने पकडा। फरियादी भंवरलाल रावल की शिकायत पर ईओडब्लू की टीम ने कार्यवाही की है। आरोपी बाबू जीपीएफ की राशि निकलने के लिए लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान होकर फरियादी ने इन्दौर में ईओडब्लू के एसपी को शिकायत की थी। आज इन्दौर से पहुंची टीम ने योजनाबद्ध तरिके से ट्रेप की कार्यवाही की। ईओडब्लू की कार्यवाही से हड़कंप मच गया। टीआई विनोद सोनी ने मीडिया को बताया 8 दिन पहले फरियादी भंवरलाल रावल ने इन्दौर पहुंचकर एसपी साहब को शिकायत की थी। भृत्य के पद पर कार्यरत फरियादी रावल 31 जुलाई को ही सेवानिवृत्ति हुए थे। आरोपी बाबू जालिम सिंह भयसारे जीपीएफ की राशि सहित उनकी सेवानिवृत्ति के बाद आवश्यक वेतन भूगतान के लिये परेशान कर रहा था। पुनासा निवासी फरियादी ने परेशान होकर शिकायत की। शिकायत के आधार पर आरोपी बाबू को रंगै हाथ 15 हजार रूपये की रिश्वत लेते पकडा है। विभिन्न भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओ में कार्यवाही की जा रही है।
उपपंजीयक रजिस्ट्री के लिए मांग रहे थे 1500 की रिश्वत
तहसील कार्यालय के उप पंजीयक को आज लोकायुक्त पुलिस इंदौर के दल ने 1500 रु की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस के इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने बताया कि आकाश बिरला की शिकायत पर आज सनावद स्थित तहसील कार्यालय के उप पंजीयक मणि शंकर वर्मा को 15 सौ रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि आकाश ने शिकायत की थी कि उसके द्वारा खरीदे गए भूखंड की रजिस्ट्री 23 अगस्त को हो जाने के बावजूद उप पंजीयक द्वारा उसके दस्तावेज नहीं दिए जा रहे थे और इसके एवज में 2000 रु की मांग की गई थी। बाद में किसी मध्यस्थ के माध्यम से रिश्वत की राशि 15 सौ रुपए तय कर दी गई थी.
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