(उपभोक्ता का ज्यादा बिजली बिल आने पर शिकायत करने पर कंपनी को 100 वाट के बल्ब और 1 हजार वाट के हीटर से मीटर की प्लस चेकिंग कर उपभोक्ता का संतुष्ट करना होता है और फिर भी उपभोक्ता असंतुष्ट हों तो ..)
हरदा (निखिल रूनवाल) - हरदा में साल के कुछ महीनों के अचानक से बिजली बिलों अप्रकतिक बढ़ोतरी व कुछ जायज व कुछ में तकनीकी खामी की वजह से उपभोक्ता पर बढ़ते बिलो का भार बढ़ता जाता है और आवेदक की शिक़ायत हमेशा रही है कि पिछले महीने इतना कम बिल आया जबकि ज्यादा बिजली भी खर्च नही की जैसे आये दिन किस्से अब आम हो चले है। शहर के अधिकांश रहवासी बिजली बिल में अचानक हो रही वृद्घि से परेशान हैं। यहां ज्यादातर उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली खपत में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन बिजली बिल में 500 से एक हजार रुपये तक का इजाफा हो रहा है। बिजली कंपनी भी शिकायतों का समाधान नहीं कर रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर पहले भी बिजली बिलों में कई गड़बड़ियों के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं नगर के विभिन्न जोन के अंतर्गत आने वाली कॉलोनी में अचानक बढ़े हुए बिजली के बिल आने से लोग खासे परेशान हैं। हालांकि, कंपनी अधिकारियों ने शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने का दावा किया है। शहर के वार्ड 1 के निवासी मनोहर शर्मा ने बताया कि बीते महीनों 1000 रुपये तक के बिजली बिल आता था। वहीं अब 2 से 3 हजार रुपये का बिल थमा रहे हैं। जबकि बिजली खपत भी नहीं बढ़ी न ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरण। ऐसी ही शिकायत देवेंद्र अवस्थी ने भी की। सुदामा नगर निवासी रितु तिवारी ने बताया कि उनका बिजली बिल भी खपत से ज्यादा आया है। बिजली कंपनी कार्यालय पर शिकायत करने को कहा गया। लेकिन शिकायत पर कब, कैसे और क्या जांच की इसकी जानकारी मांगने पर भी नहीं दी गई। साथ ही बिजली बिलों की शिकायत लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को अधिकारियों द्वारा सलाह दी जाती है कि पहले बिजली बिल जमा करो फिर बाद में जांच की जाएगी।
नियम यह कहता है कि उपभोक्ता के सामने प्लस की जाँच हो
शिकायत के बाद नियम यह है, कि बिजली कर्मचारी पहले मीटर को चेक करें। वायरिंग और कनेक्शन की जांच की जाए। फिर 100 वॉट के बल्ब और एक हजार वॉट के हीटर से पल्स की चेकिंग करें। यदि उपभोक्ता असंतुष्ट होता है, तो बिजली कंपनी लैब में मीटर को चेक करती है और इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाती है लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।
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