पूर्व सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का लोकसभा उपचुनाव लड़ने से इनकार, परिवारिक वजह से लिया फैसला
भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन चल रहा है. इस बीच खंडवा लोकसभा सीट पर कांग्रेस की तरफ से बड़ी खबर सामने आई है. खंडवा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने चुनाव लड़ने में असमर्थता जता दी है. उन्होंने ट्वीट कर खुद इस बात की जानकारी दी है. जिससे खंडवा सीट पर कांग्रेस में टिकट को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि खंडवा लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार का चयन हाईकमान करेगा। यहां से टिकट के प्रबल दावेदार अरुण यादव दो दिन से दिल्ली में थे। वे रविवार देर शाम इंदौर पहुंचे। उन्होंने दावेदारी छोड़ने की पुष्टि करते हुए बताया कि वे पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ना चहते हैं। इसकी जानकारी सोनिया गांधी को दे दी है। दूसरी तरफ कमलनाथ रविवार को देर शाम भोपाल से दिल्ली पहुंचे। खंडवा से बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा अपनी पत्नी जयश्री को टिकट देने का दबाव बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि सर्वे रिपोर्ट में जयश्री ही सबसे ऊपर है। ऐसे में पार्टी उनकी उम्मीदवारी को नजर अंदाज नहीं कर सकती है। अब यादव के पीछे हटने के बाद जयश्री को टिकट मिलने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ चुनाव प्रभारियों के साथ मंथन कर सर्वे रिपोर्ट लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस भी सोमवार-मंगलवार तक उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी।
अरुण यादव ने ट्वीट किया
अरुण यादव ने देर रात ट्वीट कर लिखा कि ''आज कमलनाथ जी, मुकुल वासनिक जी से दिल्ली में व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपने पारिवारिक कारणों से खण्डवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी प्रत्याशी न बनने को लेकर लिखित जानकारी दे दी है, अब पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी मैं उनके समर्थन में पूर्ण सहयोग करूंगा.'' इससे पहले अरुण यादव ने सुबह ट्वीट कर एक शायरी के जरिए विरोधियों पर निशाना साधा था. उन्होंने लिखा कि मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद, वक़्त-बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं, मेरी गली से गुजरते हैं छुपा के खंजर, रुबरू होने पर सलाम किया करते हैं. उनके इस ट्वीट के बाद ही सियासी कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था. जबकि रात होते-होते अरुण यादव ने उपचुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है.
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