चक्र डेस्क - चुनावी इतिहास को देखते हुए उपचुनाव में भाजपा की जीत आसान लग रही है, स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान जी को सच्ची श्रदांजलि भाजपा प्रत्याशी के जित से कम में संभव ही नही है। वही माननीया अर्चना दीदी द्वारा पिछले चार से पांच माह से सघन जनसंपर्क कर समूची लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं से जीवंत संपर्क बनाने का लाभ ही भरतीय जनता पार्टी प्रत्याशी को मिलने वाला है इस बात से इंकार नही किया जा सकता। लेकिन चुनावी राजनीति में कई मर्तबा वैसा नही होता जैसा दिखता है।विधानसभा चुनाव इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है सत्ताधारी दल के नेताओ ने पार्टी की रीति नीति, अनुशासन को दरकिनार करते हुए पार्टी विरोध में काम कर टेक्टर चला भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के लिए संक्रमण फैला, प्रत्याशी को वोट लेने में नुकसान पहुचाया था। यही कारण है भाजपा प्रत्याशी को हार का मुँह देखना पड़ा था। हार के विलेन में श्रीमान भतीजे जी भी है, जो रेत के बूते धन अर्जन कर मैदान सम्हालेंगे, विधानसभा में टेक्टर की पैरवी और लोकसभा में काका को अपना बता कलम के लिए वोट मांगेंगे। क्या उन्हें शर्म नही आएगी जो मतदाताओं के समय अनुसार मुर्ख बनाने निकल पड़ते है, कुल मिलाकर विधानसभा चुनाव में दीदी दो मोर्चे पर लड़ रही थी, विपक्ष से मुख्य पार्टी कांग्रेस ऋणात्मक स्तिथि में चल रही थी तो, टेक्टर में हवा, पानी,डीजल भराने में सत्ताधारी दल ही नही सत्ता की नाव में सवार (पदों पर आसीन नेता लगे हुए थे) यह कौन थे जग जाहिर था, समूची विधानसभा सभा का मतदाता समझ रहा था। अगर कोई समझ नही रहा था तो वह एक मात्र प्राणी शव का राज थे। अगर लिखने में अतिश्योक्ति न हो तो दूसरा मोर्चा ? इन्हें भी गिन सकते है।आज अगर कमलनाथ जी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो, श्रीमान.????... की प्रतिष्ठा कम दाव पर नही। याद रहे, चुनावो में चमत्कार की गुंजाइश बनी रहती है और कांग्रेस पुरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।आज का आकलन बता रहा है उसे किसी चमत्कार और चमत्कारिक परिणाम की उम्मीद भी है। देखना यह है टिकिट वितरण की भांति कितने समीकरण बनते और बिगड़ते है।
उज्जैन (ब्यूरो) - एनसीपी नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल एक आरोपी की तलाश में मुंबई पुलिस की टीम मध्यप्रदेश पहुंची है। पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हत्या में और लोगों के शामिल होने का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने मुताबिक, मुंबई पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आरोपी शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (जो उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला है) की तलाश कर रही है। ऐसी आशंका है कि वह मध्यप्रदेश में छिपा हो सकता है और उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले और ओंकारेश्वर (खंडवा) में खोजा जा रहा है। रविवार शाम 7:30 बजे तक किसी का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध आरोपी संभवत: लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। दो आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच अधिकारी ने रविवार शाम को मुंबई में मीडिया को बताया, मुंबई पुलिस ने 15 टीमें गठित की हैं, जिन्हें महाराष्ट्र से बाहर भेजा गया है और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि शूटरों को किसने रसद सहायता प्रदान की? पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से दो पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं...
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