तीसरी लहर की आशंका
नए वैरिएंट के कारण तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है। खासकर बच्चों के लिए ओमिक्रोन खतरनाक साबित हो सकता है,क्योकि यह जल्दी फैलता है। बच्चे वैसे ही कोविड प्रोटोकाल का पालन गंभीरता से नहीं कर पाते है। ऐसे में वे जल्दी संक्रमित होंगे। परिवार के वयस्क सदस्यों को दोनो डोज लगी होने के कारण कोरोना उनके लिए घातक भले ही साबित न हो, लेकिन वे संक्रमण के वाहक बन सकते है। चिकित्सकों का कहना है कि ओमिक्रोन जल्दी फैलता है, इसलिए दूरी और मास्क की अनिर्वायता का पालन ज्यादा करना होगा।
शहर में जल्द ही तैयार होंगे कोविड केयर सेंटर के 2500 बेड
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि देश के अन्य राज्यों व प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। इसे देखते हुए हम इंदौर में 2500 बेड के कोविड केयर सेंटर तैयार कर रहे है। इंडेक्स मेडिकल कालेज ने 500 बेड व सेवाकुंड अस्पताल ने 300 बेड के कोविड केयर सेंटर का प्रस्ताव दिया है। यहां पर 700 रुपये प्रतिदिन के खर्च में स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। इसके अलावा राधा स्वामी कोविड केयर सेंटर में 1200 बेड तैयार किए जाएंगे। यहां पर छह दिन में 600 बेड का सेंटर तैयार होगा।
ओमिक्रोन वैसे दूसरे वैरिएंट की तुलना में कम खतरनाक है, लेकिन फिर भी यह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ाएगा। इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्चों को बगैर मास्क के घर से बाहर न जाने दे। उनके संक्रमित होने का खतरा तीसरी लहर में सबसे ज्यादा रहेगा।
- डा. हेमंत जैन, शिशु रोग विशेषज्ञ
जिन दूसरे देशों में ओमिक्रोन के मरीज मिल रहे है वहां वायरस द्वारा श्वसन तंत्र को कम नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन यदि नया वैरिएंट ज्यादा लोगों को संक्रमित करता है तो चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए नए वैरिएंट को लेकर लापरवाही न बरतें।
- अंकुर अग्रवाल, श्वासन तंत्र विशेषज्ञ
ओमिक्रोन में स्वाद जाने, गंध आने जैसे लक्षण नहीं मिल रहे है। सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार भी हो तो कोरोना की जांच कराना चाहिए। जिन लोगों में पहले से गंभीर रोग है, उन्हें संभलकर रहने की ज्यादा जरुरत है। नया वायरस रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित कर सकता है।
-संजय अवास्या, श्वसन रोग विशेषज्ञ
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