विशेष रिपोर्ट
गुना(पं.शिवकुमार उपरिंग) - त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर गहमागहमी शुरू हो गई है इसी तारतम्य में गुना जिले में भी 23 दिसंबर का दिन नाम वापसी के लिए निर्धारित था जिसमें कुछ उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी से नाम वापस लिए फार्मो की जांच पहले ही हो चुकी ह आज कल में चुनाव चिन्ह का आवंटन होगा पंचायत चुनाव का प्रथम चरण 6 जनवरी को है इसके बाद क्रमशा 28 जनवरी 16 फरवरी को है पर अभी भी चुनाव पर असमंजस बरकरार बना हुआ है पिछड़ा वर्ग के लिए जो सीटें आरक्षित थी उन पर चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगी है एवं जिन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनकी परिणामों की घोषणा पर रोक लगी है फिर भी जिन्होंने ठान लिया है कि हम को चुनाव लड़ना हैं वह अपनी अपनी चुनावी तैयारियों को जमा रहे हैं देखने को मिला कि कल विधानसभा में ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का संकल्प पारित हुआ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दल अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ खड़े दिख रहे हैं और एक सुर में कह रहे हैं कि ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव ना हो अब फिर से चुनाव आयोग के पाले में गेंद चली गई है इधर मध्य प्रदेश सरकार देश की सर्वोच्च अदालत का भी दरवाजा खटखटाने के लिए पहुंच गई है फिलहाल तो जिला पंचायतों के अध्यक्षों का आरक्षण भी अभी नहीं हुआ है इसी बीच एक और मध्य प्रदेश के सभी जिलों में रात के 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू का मुख्यमंत्री द्वारा ऐलान किया गया है क्योंकि कोरोना अपना स्वरूप बदल कर ओमीक्रोन के रूप में फिर से दहशत फैलानेे लगा है आखिर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आगे क्या होगा यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा है
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