इंदौर (ब्यूरो) - इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों ने फिर शर्मनाक हरकत की. इस बार टीम ने एक युवती और गार्ड को दुकान में सील कर दिया. दोनों करीब 4 घंटे तक बंधक रहे. नगर निगम की टीम कचरा शुल्क वसूलने गयी. शुल्क नहीं मिला तो उसने ये हरकत कर दी. ये वाकया अल्फा मार्केट का है. कचरा शुल्क वसूलने के लिए नगर निगम के राजस्व विभाग की टीम ने पूरे मार्केट को सील कर दिया. लेकिन उससे पहले उसने दुकानें ठीक से खाली नहीं करायीं. इससे दुकान में काम कर रही एक युवती और एक सुरक्षा गार्ड अंदर ही बंद रह गए. नगर निगम की इस हरकत से व्यापारी गुस्से में हैं.
बिना देखे मार्केट सील
मार्केट के व्यापारियों ने कुछ महीनों से कचरा शुल्क जमा नहीं किया था. इसी की वसूली के लिए निगम का अमला आज अल्फा मार्केट पहुंचा और बिना पूर्व सूचना के मार्केट के मेन गेट का शटर ताला लगाकर सील कर दिया. निगम कर्मचारियों की इस घोर लापरवाही से एक युवती वहीं बंद रह गयी. वो मार्केट के दूसरे फ्लोर पर एक दुकान में साफ सफाई कर रही थी. युवती के पास मोबाइल भी नहीं था कि इसलिए वो किसी को बता भी नहीं पाई. उसने कांच के अंदर से इशारा किया तब जाकर लोगों को पता चला.
4 घंटे बंद रही युवती
व्यापारियों ने आपस में चंदा करके निगम की टीम को कचरा शुल्क जमा कराया,तब जाकर चार घंटे बाद उस युवती को मुक्त किया गया. घबराई युवती ने बताया कि वो एक CCTV कैमरा शॉप में काम करती है और पूरे मार्केट में उनके अलावा कोई नहीं था.
रेहड़ी वाले का सामान फेंका था
इंदौर में अभी एक हफ्ते पहले नगर निगम के कर्मचारियों ने राजवाड़ा के फुटपाथ पर एक रेहड़ीवाले का सामान फेंक दिया था और उसके साथ मारपीट की थी. उसके बाद आज एक बार फिर नगर निगम का अमानवीय चेहरा सामने आया है. शहर के एमजी रोड के अल्फा मार्केट को महज कुछ महिनों का कचरा शुल्क जमा न करने पर सील कर दिया गया. मार्केट का एक सुरक्षा गार्ड और एक युवती भी अंदर ही बंद रह गए.
इंदौर में अभी एक हफ्ते पहले नगर निगम के कर्मचारियों ने राजवाड़ा के फुटपाथ पर एक रेहड़ीवाले का सामान फेंक दिया था और उसके साथ मारपीट की थी. उसके बाद आज एक बार फिर नगर निगम का अमानवीय चेहरा सामने आया है. शहर के एमजी रोड के अल्फा मार्केट को महज कुछ महिनों का कचरा शुल्क जमा न करने पर सील कर दिया गया. मार्केट का एक सुरक्षा गार्ड और एक युवती भी अंदर ही बंद रह गए.
बार बार अमानवीय हरकत क्यों?
ये पहली घटना नहीं जब नगर निगम के कर्मचारियों ने ये अमानवीय हरकत की हो. इससे पहले निगम कर्मचारियों ने बुजुर्ग भिखारियों को मवेशियों की तरह गाड़ी में भरकर शहर के बाहर छोड़ दिया था. जिसकी देश भर में आलोचना हुई थी. फिर पिछले हफ्ते रेहड़ी वाले का सामान फेंक कर उसके साथ मारपीट की थी.
ये पहली घटना नहीं जब नगर निगम के कर्मचारियों ने ये अमानवीय हरकत की हो. इससे पहले निगम कर्मचारियों ने बुजुर्ग भिखारियों को मवेशियों की तरह गाड़ी में भरकर शहर के बाहर छोड़ दिया था. जिसकी देश भर में आलोचना हुई थी. फिर पिछले हफ्ते रेहड़ी वाले का सामान फेंक कर उसके साथ मारपीट की थी.
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